लाइव टीवी

CAA के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने का विजयन ने किया बचाव, कहा- दुनिया हमारे बारे में क्या सोचती है यह जरूरी

News18Hindi
Updated: January 18, 2020, 3:40 PM IST
CAA के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने का विजयन ने किया बचाव, कहा- दुनिया हमारे बारे में क्या सोचती है यह जरूरी
केरल सरकार ने संशोधित नागरिकता कानून (CAA) को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी. सरकार ने अदालत से अनुरोध किया कि इस कानून को संविधान से परे घोषित किया जाए.

केरल सरकार ने संशोधित नागरिकता कानून (CAA) को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी. सरकार ने अदालत से अनुरोध किया कि इस कानून को संविधान से परे घोषित किया जाए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 18, 2020, 3:40 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कहा है कि 'नागरिकता संशोधन कानून न केवल भारतीय समाज को प्रभावित करेगा, बल्कि देश के आर्थिक विकास में भी बाधा उत्पन्न करेगा.' उन्होंने केरल सरकार द्वारा कानून के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई याचिका का बचाव करते हुए कहा है कि 'दुनिया हमारे बारे में क्या सोचती है, भारत के सकल घरेलू उत्पाद के आधे से अधिक बाहरी क्षेत्र में है. सीएए न केवल हमारे समाज को प्रभावित करेगा, बल्कि हमारे आर्थिक विकास को भी बाधित करेगा.'

अंग्रेजी अखबार The Indian Express में प्रकाशित एक लेख में केरल के सीएम ने कहा कि संशोधित नागरिकता कानून के खिलाफ याचिका संविधान के खिलाफ है. उन्होंने लिखा है कि -'भारतीय संविधान की तीसरी अनुसूची के अनुसार राज्य के मंत्री शपथ लेते हैं. इसमें हम भारत के संविधान के प्रति अपनी निष्ठा प्रकट करते हैं और उसके अनुसार सभी लोगों को अधिकार देने की प्रतिज्ञा करते हैं. सुप्रीम कोर्ट में सीएए को चुनौती देने का फैसला भी भारतीय संविधान पर आधारित है. संविधान के अनुच्छेद 131 के तहत भारत सरकार और राज्य के बीच किसी भी विवाद में सुप्रीम कोर्ट का अधिकार क्षेत्र है.'

विजयन ने नए कानून को 'मुस्लिम विरोधी' बताते हुए कहा कि 'यह केवल पहला कदम है और इसके बाद नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स होगा. सीएए ने देश भर में चिंता पैदा कर दी है.' उन्होंने कहा, 'केरल ने NRC के खिलाफ भी कड़ा रुख अपनाया है. हमने स्पष्ट रूप से यह भी कहा है कि सीएए-एनआरसी को अमल में लाने के लिए राज्य में कोई डिटेंशन केंद्र नहीं बनाया जाएगा. हमने एनपीआर से संबंधित सभी गतिविधियों पर रोक लगाई है. साथ ही  यह भी सुनिश्चित कर रहे हैं कि राज्य में कोई भी डर के साये में नहीं रहेगा.'

यह संवैधानिक शुचिता के खिलाफ है : विजयन

इससे पहले केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने कहा था कि राज्य, संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में इसलिए गया क्योंकि यह संवैधानिक शुचिता के खिलाफ है. संविधान के दायरे में रहते हुए यह हस्तक्षेप किए जाने का दावा करते हुए विजयन ने कहा कि संविधान और नागरिकों के मौलिक अधिकारों की रक्षा करने में राज्य सबसे आगे रहेगा.

मुख्यमंत्री ने अपने फेसबुक पेज पर लिखा , ‘राज्य सरकार ने संशोधित नागरिकता कानून, 2019 के खिलाफ याचिका दी है, जोकि संविधान की शुचिता के खिलाफ है.’ उन्होंने लिखा, ‘यह संविधान के भीतर रहते हुए नागरिक अधिकारों की रक्षा करने के लिए हमारी ओर से हस्तक्षेप किया गया है.’ माकपा नीत केरल सरकार पहली राज्य सरकार है जिसने कानून को अदालत में चुनौती दी है. (एजेंसी इनपुट के साथ)

यह भी पढ़ें:  मुजफ्फरनगर में सीएए-विरोधी हिंसा मामले में गिरफ्तार 14 लोगों को मिली जमानत

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: January 18, 2020, 3:19 PM IST
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर