केरल के सीएम ने नीतीश सहित 11 मुख्यमंत्रियों को लिखा पत्र, CAA के खिलाफ मांगा समर्थन

केरल विधानसभा में सीएए के खिलाफ प्रस्‍ताव पास होने पर केंद्र सरकार का कहना है कि राज्‍य इस कानून को नहीं नकार सकते. फोटो. पीटीआई

केरल विधानसभा (Kerala assembly) द्वारा नागरिकता संशोधन अधिनियम (citizenship amendment act) को निरस्त करने के प्रस्ताव को पारित किए जाने के कुछ दिनों बाद, राज्य के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने धर्मनिरपेक्षता और लोकतंत्र की रक्षा को लेकर शुक्रवार को 11 राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखा.

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    तिरुवनंतपुरम. केरल विधानसभा (Kerala assembly)  द्वारा नागरिकता संशोधन अधिनियम (citizenship amendment act) को निरस्त करने के प्रस्ताव को पारित किए जाने के कुछ दिनों बाद, राज्य के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने धर्मनिरपेक्षता और लोकतंत्र की रक्षा को लेकर शुक्रवार को 11 राज्यों के मुख्यमंत्रियों को पत्र लिखा. ममता बनर्जी और अरविंद केजरीवाल सहित 11 मुख्यमंत्रियों को लिखे एक पत्र में, विजयन ने कहा, ‘हमारे समाज के एक बड़े वर्ग के बीच नागरिकता संशोधन अधिनियम, 2019 को लेकर आशंकाएं पैदा हो गई हैं.’उन्होंने कहा कि लोकतंत्र और धर्मनिरपेक्षता के हमारे मूल्यों की रक्षा और संरक्षण के इच्छकु सभी भारतीयों का एकजुट होना समय की मांग है.

    बता दें कि कानून के खिलाफ हो रहे देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों के बीच केरल विधानसभा ने मंगलवार को सीएए को निरस्त करने की मांग संबंधी एक प्रस्ताव को पारित किया.पत्र में पिन्‍नरई विजयन ने लिखा, "जो राज्‍य मानते हैं कि सीएए को निरस्त किया जाना चाहिए, वह हमारे कदम पर विचार कर सकते हैं. केरल विधानसभा ने सीएए के खिलाफ प्रस्‍ताव पारित किया है.



    मुख्यमंत्रियों के पास सीएए लागू करने के सिवाय कोई विकल्प नहीं है: अर्जुन राम मेघवाल
    गुजरात के भावनगर में केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने गुरुवार को कहा कि चूंकि संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) संसद ने पारित किया है, इसलिए राज्यों के पास उसे लागू करने के सिवाय कोई विकल्प नहीं है. बीजेपी नेता इस कानून के खिलाफ पार्टी के ‘दुष्प्रचार ध्वस्त करो’ अभियान में हिस्सा लेने यहां आए थे.

    केरल विधानसभा से सीएए के खिलाफ प्रस्ताव पारित होने और पश्चिम बंगाल जैसे गैर भाजपा शासित राज्यों से भी ऐसी ही आवाज आने का जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा, ‘नागरिकता एक ऐसा विषय है जो संविधान की केंद्रीय सूची में है. उसका मतलब है कि संसद को नागरिकता के संबंध में कानून बनाने का अधिकार है. ऐसे में उसे लागू करना सभी मुख्यमंत्रियों का दायित्व है. यह उनका संवैधानिक कर्तव्य भी है.’उन्होंने कहा, ‘उन सभी को सीएए लागू करना होगा. कोई विकल्प नहीं है.’

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