NEWS18-IPSOS एग्जिट पोल: फंस गई है शशि थरूर की तिरुवनंतपुरम सीट, कड़ा मुकाबला

इस NEWS18-IPSOS एग्जिट पोल के मुताबिक कांग्रेसी दिग्गजों की जीत मुश्किल में दिख रही है. यहां बीजेपी उम्मीदवार राजशेखरन से उनकी कड़ी टक्कर दिखाई दे रही है.

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Updated: May 21, 2019, 4:16 AM IST
NEWS18-IPSOS एग्जिट पोल: फंस गई है शशि थरूर की तिरुवनंतपुरम सीट, कड़ा मुकाबला
शशि थरूर की सीट भी खतरे में दिख रही है.
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Updated: May 21, 2019, 4:16 AM IST
यूपीए सरकार में केंद्रीय मंत्री रहे शशि थरूर तिरुवनंतपुरम सीट से लगातार दो बार से सांसद बनकर लोकसभा पहुंच रहे हैं. इस बार भी वे मैदान में हैं. शशि थरूर कांग्रेस के उन प्रमुख चेहरों में से हैं जो केरल से चुनाव जीतकर आते हैं. उन्हें रोकने के लिए भारतीय जनता पार्टी ने मिजोरम के पूर्व राज्यपाल कुम्मानम राजशेखरन को उतारा है. राजशेखरन ने मार्च महीने की शुरुआत में राज्यपाल के पद से इस्तीफा दे दिया था. केरल की राजधानी की इस सीट पर बीते 23 अप्रैल को तीसरे चरण में मतदान सम्पन्न हुए थे. इस NEWS18-IPSOS एग्जिट पोल के मुताबिक कांग्रेसी दिग्गजों की जीत मुश्किल में दिख रही है. यहां बीजेपी उम्मीदवार राजशेखरन से उनकी कड़ी टक्कर दिखाई दे रही है.

2014 के नतीजे



राजशेखरन के बारे में कहा जा रहा है कि संघ परिवार के एक वर्ग ने तिरुवनंतपुरम के लिए उपयुक्त उम्मीदवार के लिए उनका नाम सुझाया था. 2014 के लोकसभा चुनाव में बीजेपी तिरुवनंतपुरम सीट को महज लगभग 16,000 वोटों से हार गई थी. राजशेखरन की उम्मीदवारी के साथ ही तिरुवनंतपुरम निर्वाचन क्षेत्र पर मुकाबला त्रिकोणीय हो गया है. इस सीट पर थरूर, राजशेखरन और सीपीआई के पूर्व मंत्री सी दिवाकरन में कड़ी टक्कर है.

राजनीतिक इतिहास

केरल देश का पहला राज्य था जहां आजादी के बाद कम्युनिस्ट सरकार बनी थी लेकिन अगर तिरुवनंतपुरम लोकसभा सीट की बात की जाए तो यहां ज्यादातर समय कांग्रेस का ही दबदबा रहा. 1952,1957 और 1962 में हुए शुरुआती तीन चुनावों में यहां निर्दलीय प्रत्याशियों ने जीत हासिल की थी. 1967 में यहां पहली बार संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी की विजय हुई. 1971 में यहां कांग्रेस का खाता खुला और फिर 1977 में कम्युनिस्ट पार्टी की जीत हुई. इसके बाद 1980,1984,1989,1991 में कांग्रेस की जीत हुई. 1996 में यहां कम्युनिस्ट पार्टी जीती तो 1998 और 1999 में कांग्रेस ने विजय पायी. 2004 में यहां से कम्यनिस्ट पार्टी ने जीत दर्ज की थी. बीते दो चुनावों में लगातार शशि थरूर जीत रहे हैं.

क्या हैं चुनावी समीकरण

इस लोकसभा क्षेत्र में सात विधानसभाएं आती हैं. ये क्षेत्र हैं- तिरुवनंतपुरम, कझाकुट्टम, वट्टीयूरकावू, नेमम, कोवलम, नेयाट्टिंकारा और पारासला सीटे हैं. 2011 की जनगणना के मुताबिक इस लोकसभा क्षेत्र की जनसंख्या 17,03,709 है. इनमें 27 प्रतिशत शहरी और करीब 73 प्रतिशत ग्रामीण जनसंख्या है. एसएसी/एसएसटी समुदायद की संख्या करीब साढ़े दस प्रतिशत के आसपास है. 2016 की वोटर लिस्ट के मुताबिक यहां करीब साढ़े तेरह लाख वोटर हैं. 2014 के चुनाव में 68.63 प्रतिशत वोटिंग हुई थी. बीते चुनाव में शशि थरूर बीजेपी के उम्मीदवार से सिर्फ 16,000 वोटों से जीते थे.
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