केरल में बाढ़: संसदीय क्षेत्र वायनाड के दौरे पर पहुंचे राहुल गांधी

कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Congress Leader Rahul Gandhi) ने कहा कि इस यात्रा के दौरान वह वायनाड (Wayanad) में राहत शिविरों का दौरा करेंगे.

News18Hindi
Updated: August 11, 2019, 7:15 PM IST
केरल में बाढ़: संसदीय क्षेत्र वायनाड के दौरे पर पहुंचे राहुल गांधी
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि इस यात्रा के दौरान वह वायनाड में राहत शिविरों का दौरा करेंगे.
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Updated: August 11, 2019, 7:15 PM IST
कांग्रेस (Congress) नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) अपने संसदीय क्षेत्र वायनाड (Wayanad) में बाढ़ एवं भूस्खलन (Flood and Landslide) से हुई तबाही का जायजा लेने रविवार को केरल पहुंचे. गांधी कांग्रेस महासचिव के. सी. वेणुगोपाल के साथ रविवार दोपहर करीपुर हवाई अड्डे पहुंचे.

पार्टी सूत्रों ने बताया कि बाद में वह बारिश से प्रभावित पड़ोसी जिले मलप्पुरम के तीन विधानसभा क्षेत्रों का भी दौरा करेंगे जो वायनाड लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती हैं. गांधी ने कहा कि इस यात्रा के दौरान वह वायनाड में राहत शिविरों का दौरा करेंगे और सरकारी अधिकारियों के साथ राहत कार्यों का निरीक्षण करेंगे.

उन्होंने ट्वीट किया, 'अगले कुछ दिनों तक मैं अपने संसदीय क्षेत्र वायनाड में रहूंगा, जहां बाढ़ से तबाही मची है. मैं वायनाड में राहत शिविरों का दौरा करूंगा और जिला एवं राज्य अधिकारियों के साथ राहत कार्यों का निरीक्षण करूंगा.' वायनाड और मलप्पुरम जिले में बाढ़ तथा भूस्खलन से कई लोगों की मौत हुई है और अनेक लापता हैं.

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राहुल गांधी अपने संसदीय क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन, वायनाड के जिला कलेक्टर और कांग्रेस कार्यकर्ताओं से बात कर चुके हैं. अप्रैल में यहां से लोकसभा चुनाव जीतने के बाद राहुल का यह दूसरा वायनाड दौरा है.

भारी बारिश से गांव प्रभावित
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बता दें, मलप्पुरम और वायनाड जिलों के नजदीक स्थित ये गांव भारी बारिश से बुरी तरह से प्रभावित हुए हैं. अब यहां बस्ती के कोई निशान नहीं है. घर मिट्टी के मलबे में दबे हैं और सड़क गायब है. इस आपदा में जो खुश किस्मती से बच गए वे अपने परिजनों और पड़ोसियों की तलाश कर रहे हैं. रविवार को बारिश में कमी आने के बाद विभिन्न एजेंसियों की ओर से बचाव अभियान में तेजी आई.

मलप्पुरम जिले स्थित नीलांबुर के नजदीक कावलाप्परा चार दिनों पहले 10 एकड़ में फलता-फूलता गांव था , पर अब 12 फीट ऊंचे मलबे के नीचे दबा है. यहां पर 35 घरों में करीब 65 लोग रहते थे.

11 शव निकाले गए
अधिकारियों ने बताया कि मलबे से शनिवार को नौ और रविवार को दो शव निकाले गए. लापता लोगों के परिजन बचाव-राहत कार्य में मदद कर रहे है.

वहीं, वायनाड जिले के कालापेट्टा मुख्यालय से 20 किलोमीटर दूर पुथुमाला की भी यही स्थिति है. राजस्व अधकारियों ने बताया कि सेना, एनडीआरएफ और अग्निशमन विभाग के 250 कर्मचारियों ने रविवार सुबह खोज अभियान शुरू किया. आठ लोगों के लापता होने की पुष्टि हुई है, जबकि 10 शव मलबे से निकाले गए हैं. मिट्टी गीली होने की वजह से राहत बचाव अभियान में मुश्किल आ रही है.

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(भाषा इनपुट के साथ)

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First published: August 11, 2019, 4:59 PM IST
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