अपना शहर चुनें

States

केरल पहुंचे जेपी नड्डा, बोले- पिनराई विजयन ने खोई क्रेडिबिलिटी, चुनाव में बीजेपी को मिलेगा सपोर्ट

बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि केरल सरकार भ्रष्टाचार में डूबी हुई है. ANI
बीजेपी अध्यक्ष ने कहा कि केरल सरकार भ्रष्टाचार में डूबी हुई है. ANI

JP Nadda in Kerala: बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा (JP Nadda) ने कहा कि मौजूदा सरकार से लोग तंग आ चुके हैं. ये भ्रष्टाचार में डूबी हुई है और केरल के लोगों का अपमान कर रही है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 3, 2021, 7:17 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. केरल (Kerala) के दौरे पर पहुंचे भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा (JP Nadda) ने बुधवार को पिनराई विजयन (Pinarayi Vijayan) पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में हुए गोल्ड स्कैम में मुख्यमंत्री कार्यालय की संलिप्तता ने दुनिया भर में मलयाली लोगों के आत्म सम्मान को ठेस पहुंचायी है. जेपी नड्डा ने कहा कि ना केवल केरल बल्कि दुनिया भर में बसे मलयाली खुद को शर्मसार महसूस कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री अपनी क्रेडिबिलिटी खो चुके हैं. जांच चल रही है और इस मामले में और खुलासा होने पर कई मंत्री बेनकाब होंगे. राज्य विधानसभा चुनाव पर पार्टी की तैयारियों की बात करते हुए जेपी नड्डा ने कहा, "जहां तक विधानसभा चुनावों का सवाल है तो मुझे पूरी उम्मीद है कि केरल के लोगों का समर्थन हमें मिलेगा. मौजूदा सरकार से लोग तंग आ चुके हैं. ये भ्रष्टाचार में डूबी हुई है और केरल के लोगों का अपमान कर रही है."

बता दें कि केरल में गोल्ड स्मगलिंग केस सामने आने के बाद से विपक्षी दल लगातार मुख्यमंत्री पिनराई विजयन पर निशाना साधते रहे हैं. राज्य में आने वाली गर्मियों की शुरुआत में बंगाल, तमिलनाडु, असम के साथ विधानसभा चुनाव होने हैं. गोल्ड स्कैम केस में अभी तक केंद्रीय जांच एजेंसियों ने कई लोगों की गिरफ्तारी की है. इनमें मुख्य नाम स्वप्ना सुरेश और एम शिवशंकर का है. स्वप्ना सुरेश केरल आईटी विभाग की एक हाई-प्रोफाइल कंसल्टेंट रही हैं. दरअसल पांच जुलाई 2020 को तिरुवनंतपुरम अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कस्टम विभाग के अधिकारियों ने पहले से प्राप्त गुप्त सूचना के आधार पर यूएई से आया एक डिप्लोमेटिक सामान पकड़ा.

कैसे खुला सोने की तस्करी का मामला
विदेश मंत्रालय से अनुमति लेने के बाद यूएई वाणिज्य दूतावास के अधिकारियों की मौजूदगी में जब उसे खोला गया तो उसमें घरेलू इस्तेमाल की कई चीजों में भरा हुआ 30 किलो सोना मिला. इसका मूल्य लगभग 15 करोड़ रुपये बताया जा रहा है. बाद में अपने आप को वाणिज्य दूतावास का कर्मचारी बता कर उस सामान को लेने आए व्यक्ति सरित कुमार को कस्टम विभाग ने पूछताछ के बाद हिरासत में ले लिया. पूछताछ में सरित ने बताया कि वो लगभग एक साल पहले तक वाणिज्य दूतावास में बतौर जन संपर्क अधिकारी काम करते थे, लेकिन अब वो दूतावास के कर्मचारी नहीं हैं. वो दुबई में भी काम कर चुके हैं.
'एक कर्मचारी के खिलाफ यौन शोषण की 17 शिकायतें'


सरित कुमार लगभग एक साल से हवाई अड्डे से इस तरह का सामान ले जा रहे थे. सरित कुमार ने बाद में विभाग को बताया कि उनकी एक सहयोगी केरल सरकार के आईटी विभाग की एक कर्मचारी है, जिसका नाम स्वप्ना सुरेश है. सुरेश से पूछताछ करने के लिए जब विभाग हरकत में आया तो पता चला कि वो सामान खोले जाने के एक दिन पहले से लापता हैं. स्वप्ना का पूरा रिकॉर्ड सामने आने के बाद पता चला कि वो भी पहले यूएई के वाणिज्य दूतावास में एग्जीक्यूटिव सेक्रेटरी के पद पर काम करती थीं. साथ ही पहले दुबई में रहती थीं. 2013 में उन्हें तिरुवनंतपुरम में हवाई अड्डे पर एक कंपनी में नौकरी मिली. वहां उन्होंने एक वरिष्ठ कर्मचारी के साथ मिलकर हवाई अड्डे के एक कर्मचारी के खिलाफ यौन शोषण की कम से कम 17 फर्जी शिकायतें दर्ज कराईं.

'सोना, स्वप्ना और शिवशंकर'
उस कर्मचारी ने इस बारे में पुलिस से शिकायत की और पूरी साजिश की जांच की मांग की. मामले में सुरेश को बतौर आरोपी नामित किया गया, लेकिन बाद में जांच नतीजे तक नहीं पहुंची. इस नौकरी के बाद स्वप्ना सुरेश को यूएई के वाणिज्य दूतावास में नौकरी मिल गई, जहां उनका कई बड़ी हस्तियों के साथ उठना बैठना रहा. साल 2019 में किन्हीं कारणों की वजह से उन्हें इस नौकरी से निकाल दिया गया. नौकरी से निकाले जाने और एक पुलिस केस में नामजद होने के बावजूद, उन्हें किसी तरह से केरल सरकार के आईटी विभाग के एक उपक्रम में नौकरी मिल गई. यह विभाग खुद मुख्यमंत्री विजयन संभालते हैं और स्वप्ना की नियुक्ति के समय उनके प्रधान सचिव एम शिवशंकर इस उपक्रम के अध्यक्ष थे.

'मुख्यमंत्री ने नहीं ली नैतिक जिम्मेदारी'
मीडिया में आई खबरों में दावा किया गया कि शिवशंकर ने बहुराष्ट्रीय कंपनी प्राइसवाटर हाउसकूपर्स के जरिए स्वप्ना के नाम की उस पद पर नियुक्ति के लिए अनुशंसा की थी. उनकी घोषित शैक्षणिक योग्यता के भी फर्जी होने का दावा किया जा रहा है. विपक्ष के नेताओं ने आरोप लगाया है कि यह सुनियोजित साजिश थी और शिवशंकर स्वप्ना से मिले हुए थे.

मुख्यमंत्री विजयन ने इन आरोपों का खंडन किया, लेकिन इस पूरे मामले की नैतिक जिम्मेदारी लेने की मांग पर कुछ नहीं कहा है. उन्होंने भी प्रधानमंत्री को पत्र लिख कर मामले में केंद्रीय एजेंसियों द्वारा जांच की मांग की है और कहा है कि राज्य सरकार जांच में पूरा सहयोग देगी. इसके बाद से केंद्रीय एजेंसियां इस मामले की जांच कर रही हैं.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज