केरल सोना तस्करी केस: विदेश राज्य मंत्री ने कहा-आरोपियों पर UAPA के तहत हो कार्रवाई

विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन
विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन

Kerala Gold Smuggling Case: वी मुरलीधरन ने आगे कहा कि इस मामले में शामिल लोगों के केरल के मुख्यमंत्री कार्यालय (Kerala's Chief Minister's Office) से जुड़े होने की बात भी सामने आई है

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 15, 2020, 6:33 PM IST
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कोच्चि. केरल (Kerala) के सोने की तस्करी के मामले (Gold Smuggling Case) में संबंधित रैकेट के तार माफिया डॉन दाऊद इब्राहिम (Mafia Don Dawood Ibrahim) के गिरोह से जुड़े होने के राष्ट्रीय जांच एजेंसी (National Investigation Agency) के संदेह पर विदेश राज्य मंत्री वी मुरलीधरन (MoS MEA V Muraleedharan) ने चिंता जाहिर की है. इसके साथ ही विदेश राज्य मंत्री ने केरल भाजपा (Kerala BJP) के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन (Kerala's CM Pinarayi Vijayan) के इस्तीफे की मांग के बारे में भी बताया है. विदेश राज्य मंत्री ने कहा, "एनआईए (NIA) ने कहा है कि केरल सोने की तस्करी के आरोपियों का दाऊद इब्राहिम की डी-कंपनी से कनेक्शन है. यह एक गंभीर मसला है." उन्होंने कहा कि मुझे यकीन है कि एनआईए और गृह मंत्रालय (Home Ministry) यह सुनिश्चित करने के लिए उचित कार्रवाई करेगा कि आरोपी के खिलाफ यूएपीए (UAPA) के आरोपों की पुष्टि की जाए.

वी मुरलीधरन ने आगे कहा कि इस मामले में शामिल लोगों के केरल के मुख्यमंत्री कार्यालय (Kerala's Chief Minister's Office) से जुड़े होने की बात भी सामने आई है. इसलिए स्वाभाविक रूप से, उन्हें सरकार के भीतर शक्तिशाली लोगों से संरक्षण मिला है. यही कारण है कि केरल भाजपा ने केरल के मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग की है.


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बता दें केरल सोना तस्करी मामले में आतंकी संपर्कों की जांच कर रहे राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) ने बुधवार को राज्य की एक विशेष अदालत (Special Court) में संकेत दिए थे कि उसे संबंधित रैकेट में माफिया डॉन दाऊद इब्राहिम के गिरोह के शामिल होने का संदेह है. एजेंसी ने कहा कि सोने की तस्करी से मिलने वाले मुनाफे का इस्तेमाल राष्ट्रविरोधी गतिविधियों और आतंकी कृत्यों में होने की आशंका संबंधी खुफिया जानकारी है.

एनआईए ने कहा कि मामले में जांच को आगे बढ़ाने के लिए 180 दिन तक सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में रखा जाना अत्यंत आवश्यक है. एजेंसी ने सभी आरोपियों की जमानत याचिकाओं का विरोध किया.
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