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राज्‍यपाल आरिफ मोहम्‍मद खान ने कहा- केरल सरकार को CAA याचिका पर राज्‍य का पैसा खर्च करने का अधिकार नहीं

News18Hindi
Updated: January 17, 2020, 5:56 PM IST
राज्‍यपाल आरिफ मोहम्‍मद खान ने कहा- केरल सरकार को CAA याचिका पर राज्‍य का पैसा खर्च करने का अधिकार नहीं
केरल के राज्‍यपाल आरिफ मोहम्‍मद खान ने कहा, बिना मुझसे बात किए सीएए के खिलाफ याचिका दायर कर सीएम पी. विजयन ने संविधान का उल्‍लंघन किया है.

केरल (Kerala) के सीएम पी. विजयन (CM P. Vijayan) और राज्‍यपाल आरिफ मोहम्‍मद खान (Governor Arif Mohammad Khan) के बीच खींचतान लगातार बढ़ती जा रही है. राज्‍यपाल ने कहा है कि सीएम ने नागरिकता संशोधन कानून 2019 (CAA 2019) के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में याचिका दायर करने से पहले मुझसे बात नहीं करके संविधान का उल्‍लंघन किया है.

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  • Last Updated: January 17, 2020, 5:56 PM IST
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तिरुअनंतपुरम. केरल के मुख्‍यमंत्री पिनराई विजयन (CM P. Vijayan) और राज्‍यपाल आरिफ मोहम्‍मद खान (Governor Arif Mohammad Khan) के बीच जुबानी जंग थमने का नाम नहीं ले रही है. बस बार राज्‍यपाल खान ने सीएम विजयन पर संविधान के उल्‍लंघन का आरोप लगाया है. उन्‍होंने कहा कि सीएम को नागरिकता संशोधन कानून 2019 (CAA 2019) के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में याचिका दायर करने से पहले मुझसे बात करनी चाहिए थी. साथ ही कहा कि विजयन को राज्‍य का पैसा याचिका पर खर्च करने का अधिकार नहीं है. मैं ये बात व्‍यक्तिगत तौर पर पी. विजयन के लिए नहीं बल्कि राज्‍य के मुख्‍यमंत्री के लिए कह रहा हूं. मैं सिर्फ इतना चाहता हूं कि संविधान (Constitution) और कानून (Law) का पालन हो. ऐसे फैसले लेने से पहले मुझसे चर्चा करना उनकी ड्यूटी का हिस्‍सा है.

राज्‍यपाल ने सीएम को याद दिलाई उनकी ड्यूटी
राज्‍यपाल खान ने कहा, 'मुझे इसमें कोई आपत्ति नहीं है कि राज्‍य सरकार या विपक्ष नेशनल पॉप्‍यूलेशन रजिस्‍टर (NPR) और नागरिकता कानून पर अलग राय रखे. लेकिन, मैं इस मामले में भी स्‍पष्‍ट हूं कि सीएम की क्‍या ड्यूटी है. वह ऐसा आदेश देने से पहले मुझसे बात करने के लिए बाध्‍य हैं.' बता दें कि राज्‍यपाल और मुख्‍यमंत्री के बीच नागरिकता संशोधन कानून को लेकर काफी समय से तीखी बहस चल रही है. केरल विधानसभा (Kerala Assembly) में नागरिकता कानून के खिलाफ प्रस्‍ताव पारित होने के बाद से तो दोनों के बीच जमकर जुबानी जंग छिड़ गई है.

विजयन ने कहा- बोलने वाले पहले संविधान पढ़ें



विजयन ने कहा कि हम सीएए का विरोध कर रहे हैं. हमने केरल विधानसभा में इसे खारिज करने की मांग की थी. राज्‍यपाल पर निशाना साधते हुए उन्‍होंने कहा, 'अब इस पर बोलने वालों के लिए बेहतर होगा कि वे पहले संविधान पढ़ लें. इसमें सबकुछ लिखा है. इस देश में लोकतंत्र है. कोई भी व्‍यक्ति विधानसभा से ऊपर नहीं है.' स्‍थानीय निकायों (Local Bodies) में सदस्‍यों की संख्या बढ़ाने के मुद्दे पर भी खान ने विजयन की आलोचना करते हुए कहा था कि राज्‍यपाल रबर स्‍टैंप नहीं होता है. उन्‍हें इस फैसले से पहले राज्‍यपाल से बात करनी चाहिए थी. मैं स्‍पष्‍ट कर देना चाहता हूं कि संविधान मुझसे रबर स्‍टैंप की भूमिका निभानी की उम्‍मीद नहीं करता है.

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First published: January 17, 2020, 5:55 PM IST
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