केरल: हवाला पैसे के इस्तेमाल में भाजपा नेताओं का नाम, ई श्रीधरन की अगुवाई में पार्टी बना सकती है जांच कमेटी

भाजपा केरल में छह अप्रैल को हुए चुनावों में हवाला के धन के इस्तेमाल के आरोपों का सामना कर रही है. (पीटीआई फाइल फोटो)

Kerala Hawala Money: जांच समिति में 'मेट्रो मैन' के नाम से विख्यात ई श्रीधरन, आईपीएस जैकब थॉमस (सेवानिवृत्त) और आईएएस सीवी अनादा बोस (सेवानिवृत्त) के शामिल होने की संभावना है.

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    तिरुवनंतपुरम. केरल में छह अप्रैल को हुए चुनावों में हवाला के धन के इस्तेमाल के आरोपों का सामना कर रही भाजपा इस मामले की जांच के लिए एक आंतरिक समिति नियुक्त करने पर विचार कर रहा है. समिति के गठन और इसमें कौन-कौन शामिल होंगे, इसे लेकर पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व और राज्य प्रभारी में बातचीत जारी है. जानकारी के मुताबिक, इस समिति में 'मेट्रो मैन' के नाम से विख्यात ई श्रीधरन, आईपीएस जैकब थॉमस (सेवानिवृत्त) और आईएएस सीवी अनादा बोस (सेवानिवृत्त) के शामिल होने की संभावना है.


    दूसरी ओर, भाजपा ने रविवार को माकपा के नेतृत्व वाली प्रदेश की वाम लोकतांत्रिक मोर्चे की सरकार पर उसके खिलाफ त्रिशूर जिले में एक राजमार्ग पर हुई चोरी के सिलसिले में 'बदले की राजनीति' करने का आरोप लगाया. कोच्चि में प्रदेश भाजपा की कोर समिति की बैठक से पहले आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने आरोप लगाया कि कोडाकारा डकैती मामले में आरोपी वाम दलों से संबंधित थे और पुलिस माकपा की तरफ से 'एक समुचित सियासी अभियान' चला रही है.

    अपने प्रदेश अध्यक्ष के सुरेंद्रन का मजबूती के साथ समर्थन करते हुए पार्टी ने यह भी कहा कि एलडीएफ सरकार द्वारा उन्हें व्यक्तिगत तौर पर निशाना बनाया जा रहा है और उनके तथा उनके परिवार के खिलाफ मिथ्या प्रचार किया जा रहा है. भाजपा नेताओं ने कोच्चि शहर पुलिस की उस कार्रवाई की भी निंदा की जिसके कारण पार्टी की कोर समिति की बैठक के स्थल को एक होटल से बदलकर उसकी जिला समिति के कार्यालय में करना पड़ा.

    क्या है हवाला पैसा का मामला:
    दरअसल यह मामला उस वक्त सामने आया, जब शमजीर समसुद्दीन ने 7 अप्रैल को एक शिकायत दर्ज कराई. इसमें शमजीर ने कहा कि जब वह कोझीकोड से कोच्चि जा रहे थे, उसी दौरान कोडकारा फ्लाइओवर पर एक गिरोह ने उनकी कार को रोककर उसमें रखे 25 लाख रुपए लूट लिए. पुलिस शिकायत में सिर्फ 25 लाख रुपए के लूट की बात कही गई थी, लेकिन जब जांच आगे बढ़ी तो यह बात सामने आई कि यह रकम 3.5 करोड़ रुपए के आसपास हो सकती है. यह भी शक जताया गया कि यह हवाला का पैसा था.

    (इनपुट भाषा से भी)