कोरोना काल का कैसे कर रहीं सामना? केरल की स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा ने बताई पूरी दिनचर्या

कोरोना काल का कैसे कर रहीं सामना? केरल की स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा ने बताई पूरी दिनचर्या
केरल की स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा

Coronavirus: केरल की स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा (Health Minister K K Shailaja) दिन रात जमकर मेहनत कर रही हैं. हर तरफ उनकी काम की तारीफ हो रही है. 62 साल की शैलजा का कहना है कि पिछले दो महीने से वो अपनी परिवार से नहीं मिली हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 23, 2020, 2:46 PM IST
  • Share this:
तिरुवनंतपुरम. देश में कोरोना का सबसे पहला मामला केरल (Kerala) से ही आया था. लॉकडाउन के दौरान यहां कोरोना के संक्रमण की रफ्तार लगभग थम सी गई थी, लेकिन जून के महीने में अचानक ही यहां कोरोना के ढेर सारे नए केस आने लगे. यहां देश के मुकाबले अभी भी संक्रमण की रफ्तार काफी ज्यादा है. हर दिन यहां 4.01% के हिसाब से कोरोना के केस बढ़ रहे हैं. हालात बिगड़ न जाए ऐसे में केरल की स्वास्थ्य मंत्री केके शैलजा (Health Minister K K Shailaja) दिन रात जमकर मेहनत कर रही हैं. हर तरफ उनकी काम की तारीफ हो रही है. 62 साल की शैलजा का कहना है कि पिछले दो महीने से वो अपनी परिवार से नहीं मिली हैं.

परिवार से दूर
अंग्रेजी अखबार इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत करते हुए शैलजा ने कहा कि पहले वो हर हफ्ते घर जाती थीं. लेकिन अब ऐसा नहीं हो पा रहा है. उन्होंने कहा, 'इससे पहले, मैं हर शुक्रवार को घर (कन्नूर) जाती थी और रविवार शाम को तिरुवनंतपुरम लौट आती थी. कोरोना महामारी के बाद से मैं सिर्फ एक बार अपने परिवार से मिल पाई हूं, वो भी ढाई महीने के महीने के बाद. अब मुझे उनसे मिले कोई दो महीने से अधिक हो गए हैं.'

लगातार काम में व्यस्त
सुबह 6 बजे उठने वाली शैलजा को रात 11 बजे के बाद ही काम से फुर्सत मिल पाती है. उन्होंने बताया, 'कोरोना हमेशा मेरे दिमाग में चलता रहता है. जब मैं सोने जाती हूं, तब भी मैं मरने वालों की संख्या से परेशान रहती हूं. मैं सोचती हूं कि आखिर हम इससे कैसे बाहर निकलेंगे. मैं रात 10 बजे के बाद ही अपने आधिकारिक आवास पर पहुंचती हूं और तब मुझे अपने परिवार से बात करने का समय मिलता है. मेरे पति, बेटे, उनकी पत्नी और मेरी दो साल की पोती सब मेरे फोन का इंतजार करते रहते हैं. मेरी पोती मुझे वीडियो कॉल पर अपने ड्राइंग दिखाती है. उससे बात करने से मुझे अपने तनाव को कम करने में मदद मिलती है. मैं अपने पति के साथ घरेलू मामलों के बारे में बात करती हूं. मैं अपने बड़े बेटे से भी बात करती हूं जो अबू धाबी में अपनी पत्नी और तीन साल के बेटे के साथ रहता है. उसके बाद मैं अखबार के लेख और संपादकीय पढ़ती हूं. कई बार, मैं YouTube पर वीडियो देखती हूं. मैं लगभग 12.30 से 1 बजे तक सोती हूं और सुबह 6 बजे उठती हूं.'



कोरोना को लेकर सावधानियां
अभी तक शैलजा का एक बार भी कोरोना टेस्ट नहीं हुआ है. उन्होंने बताया कि ऑफिस में पहले 25 स्टाफ काम करते थे. लेकिन कोरोना महामारी के बाद से सिर्फ आधे स्टाफ काम पर आते हैं. उन्होंने कहा, 'ऑफिस को हर दिन सैनेटाइज किया जाता है. मैं सोशल डिस्टेंसिंग का हमेशा पालन करती हूं. जिला अधिकारियों के साथ बैठक शाम 7 बजे के बाद ऑनलाइन आयोजित की जाती है और ये रात 10 बजे तक चलती है.'
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज