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केरल के उद्योग मंत्री जयराजन ने चुनावी राजनीति को कहा अलविदा

केरल के मंत्री और माकपा नेता जयराजन को पार्टी ने इस बार टिकट नहीं दिया है

केरल के मंत्री और माकपा नेता जयराजन को पार्टी ने इस बार टिकट नहीं दिया है

केरल के मंत्री और माकपा नेता जयराजन को पार्टी ने इस बार टिकट नहीं दिया है, क्‍योंकि वाम दल ने दो कार्यकाल पूरा कर चुके अपने नेताओं को टिकट नहीं देने का फैसला किया है. जयराजन ने कहा कि अब आगे कोई भी चुनाव नहीं लड़ेंगे. उन्‍होंने चुनावी राजनीति छोड़ने के लिए अपनी उम्र और बुढ़ापे से जुड़ी बीमारियों का जिक्र भी किया.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 30, 2021, 7:55 PM IST
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कन्नूर (केरल). माकपा के वरिष्ठ नेता एवं केरल के उद्योग मंत्री ई पी जयराजन ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने भविष्य में कोई भी चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया है. माकपा ने तीन बार के विधायक जयराजन को इस बार टिकट नहीं दिया क्योंकि वाम दल ने दो कार्यकाल पूरा कर चुके अपने नेताओं को टिकट नहीं देने का फैसला किया.

जयराजन ने यहां संवाददाता सम्मेलन में स्पष्ट कर दिया कि वह आगे कोई भी चुनाव नहीं लड़ेंगे. उन्होंने कहा, ‘‘पार्टी ने उन लोगों को टिकट नहीं देने का फैसला किया है, जिनके दो कार्यकाल पूरे हो चुके हैं. मैंने अपना कार्यकाल पूरा कर लिया है....’’ उन्होंने कहा, ‘‘मैं तीन बार विधायक चुना गया और मंत्री भी बना. ’’

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जयराजन (70) ने चुनावी राजनीति छोड़ने के लिए अपनी उम्र और बुढ़ापे से जुड़ी बीमारियों का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी के कहने पर भी वह चुनाव नहीं लड़ेंगे. वहीं, 75 वर्ष की उम्र में मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के चुनाव लड़ने के बारे में पूछे जाने पर जयराजन ने कहा कि वह (विजयन) एक ‘‘महान शख्सियत’’ हैं, जिनके पास असीम ऊर्जा है.
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जयराजन को भाई-भतीजावाद के आरोपों को लेकर अक्टूबर 2016 में उद्योग मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था. हालांकि, मामले की जांच करने वाले सतर्कता एवं भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो ने उन्हें आरोपमुक्त कर दिया, जिसके बाद 2018 में उन्हें फिर से मंत्रिमंडल में शामिल किया गया था.

केरल विधानसभा की सभी 140 विधानसभा सीटों पर 6 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे. केरल में एक ही चरण में चुनाव कराए जा रहे हैं. विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने की आखिरी तिथि 19 मार्च थी. 20 मार्च को नामांकन पत्रों की जांच की गई. नाम वापस लेने की आखिरी तिथि 22 मार्च थी. सभी सीटों पर वोटों की गिनती 2 मई 2021 को की जाएगी. केरल में कांग्रेस की अगुआई वाले यूडीएफ गठबंधन और वामदलों की अगुआई वाले एलडीफ गठबंधन के बीच सीधी लड़ाई है.
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