• Home
  • »
  • News
  • »
  • nation
  • »
  • COVID-19: केरल में क्यों बढ़े कोरोना संक्रमण के केस? केंद्रीय टीम ने बताई बड़ी वजह

COVID-19: केरल में क्यों बढ़े कोरोना संक्रमण के केस? केंद्रीय टीम ने बताई बड़ी वजह

तस्वीर कोच्चि की है. मास्क पहने शराब खरीदने के लिए लाइन में खड़े लोग. (फाइल फोटो: AP)

तस्वीर कोच्चि की है. मास्क पहने शराब खरीदने के लिए लाइन में खड़े लोग. (फाइल फोटो: AP)

Coronavirus in Kerala: केंद्र की तरफ से केरल में बढ़ते मामलों के चलते 29 जुलाई को एक टीम रवाना की गई थी. इस टीम की अगुवाई, नेशनल सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल (NCDC) के निदेशक डॉक्टर सुजीत सिंह कर रहे हैं.

  • Share this:

    नई दिल्ली. केरल में कोरोना वायरस संक्रमण (Coronavirus Infection) के बढ़ते ग्राफ के कारण का पता लगाने पहुंची केंद्र की हाईलेवल टीम ने कई चौंकाने वाली जानकारियां दी हैं. टीम का कहना है कि राज्य में होम आइसोलेशन (Home Isolation) में रह रहे मरीजों की ठीक से निगरानी नहीं हो रही है, जिसके चलते मामले बढ़े हैं. इसके अलावा टीम ने बीमारी के सही प्रबंधन के लिए मरीजों को अस्पताल में भर्ती किए जाने की सलाह दी है. फिलहाल, टीम राज्य में ज्यादा पॉजिटिविटी रेट वाले जिलों का दौरा कर रही है.

    इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, सूत्र ने कहा, ‘टीम ने बताया है कि होम आइसोलेशन में रह रहे लोगों की ठीक तरह से निगरानी नहीं हुई है. आमतौर पर जिन लोगों की जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई है और होम आइसोलेशन में हैं. वे पड़ोस के इलाकों में घूम रहे हैं और संक्रमण फैला रहे हैं. यह शुरुआती आकलन है. टीम हाई पॉजिटिविटी रेट वाले जिलों में जा रही है.’

    टीम की तरफ से केंद्र के शीर्ष अधिकारियों को दी गई शुरुआती जानकारी के आधार पर सूत्रों ने बताया कि यह कहना ‘शायद सही नहीं’ है कि अल्पसंख्यक बहुल जिले कोविड संक्रमण के मामले बढ़ा रहे थे और खासतौर से ईद के बाद. एक शीर्ष अधिकारी ने इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में बताया, ‘यह कहा जा रहा था कि अल्पसंख्यक बहुल जिले ऊंची सकारात्मकता दर दिखा रहे हैं. टीम ने पाया है कि अल्पसंख्यक बहुल पथनमठित्ता जिले में पॉजिटिविटी रेट 6.5-7 फीसदी के आसपास है.’

    यह भी पढ़ें: कोवैक्सीन का प्रोडक्शन खराब क्वालिटी के चलते पड़ा धीमा? एनके अरोड़ा ने दिया जवाब

    साथ ही होम आइसोलेशन में ढिलाई के पीछे का बड़ा कारण महामारी से जुड़ी थकान है. रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है, ‘सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था के बीच महामारी की थकान एक बड़ा कारण है. केरल और तमिलनाडु जैसे राज्यों में सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था जड़ से जुड़ी है, जो जमीन पर मौजूद है. पहले ये पब्लिक हेल्थ कैडर होम आइसोलेशन में रह रहे मरीजों की ठीक तरह से देखभाल कर रहा था, लेकिन थकान के बाद पर्याप्त निगरानी नहीं हुई, जिसके चलते कोविड पॉजिटिव लोग आसपास घूम रहे हैं.’

    केंद्र की तरफ से केरल में बढ़ते मामलों के चलते 29 जुलाई को एक टीम रवाना की गई थी. इस टीम की अगुवाई, नेशनल सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल (NCDC) के निदेशक डॉक्टर सुजीत सिंह कर रहे हैं. टीम को राज्य के हालात की जानकारी जुटाने और स्वास्थ्य से जुड़े जरूरी हस्तक्षेप की सिफारिश करने की जिम्मेदारी दी गई थी.

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज