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केरल के मंत्री बोले- सीएए के खिलाफ लड़ाई में हमारी सरकार किसी भी हद तक जाएगी

भाषा
Updated: January 14, 2020, 7:20 PM IST
केरल के मंत्री बोले- सीएए के खिलाफ लड़ाई में हमारी सरकार किसी भी हद तक जाएगी
सीएए के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने वाला केरल देश का पहला राज्य है. Photo.PTI

माकपा के नेतृत्व वाली केरल सरकार (Kerala Government) ने सीएए (CAA) के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाकर यह घोषित करने की मांग की है कि संशोधित नागरिकता कानून संविधान के ‘अनुरूप नहीं’ है.

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तिरुवनंतपुरम. नागरिकता संशोधन कानून/सीएए (CAA) के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में जाने के बाद केरल सरकार (Kerala Government) ने मंगलवार को कहा कि वह इस कानून के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेगी, क्योंकि यह देश की धर्मनिरपेक्षता और लोकतंत्र को 'नष्ट' करता है. माकपा के नेतृत्व वाली सरकार ने सीएए (CAA) के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाकर यह घोषित करने की मांग की है कि संशोधित नागरिकता कानून संविधान के ‘अनुरूप नहीं’ है.

प्रदेश के उद्योग मंत्री ईपी जयराजन ने यहां बताया कि राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है और इस कानून से लड़ने के लिये सभी विकल्पों पर विचार करेगी. जयराजन ने कहा, “राज्य सरकार किसी भी हद तक जाएगी और सीएए के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेगी. यह कानून देश में लोकतंत्र को नष्ट करता है.” उन्होंने कहा, “यह सिर्फ आरएसएस के एजेंडे को लागू करने, देश को फासीवादी शासन से चलाने और देश की धर्मनिरपेक्षता व लोकतंत्र को नष्ट करने में मदद करेगा.”

जयराजन ने कहा, “आरएसएस और संघ परिवार बाहुबल के इस्तेमाल से इस कानून को लागू नहीं करा सकता.” उन्होंने एक ट्वीट में कहा, “केरल सरकार ने असंवैधानिक सीएए के खिलाफ याचिका दायर की है. सीएए के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाने वाला केरल देश का पहला राज्य बन गया है. केरल ने राह दिखाई है.”

केरल विधानसभा दिसंबर में नागरिकता कानून के खिलाफ प्रस्ताव पास कर चुकी है

केरल विधानसभा में दिसंबर में नागरिकता कानून के खिलाफ प्रस्ताव पास हुआ था. इसमें केंद्र से इस कानून को लागू नहीं करने की मांग की गई थी. इस प्रस्ताव को मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने पेश किया था. सिर्फ बीजेपी विधायक ओ. राजगोपाल को छोड़ सभी विधायकों ने इस प्रस्ताव का समर्थन किया था.
CAA के खिलाफ विधानसभा में प्रस्ताव पेश करते हुए सीएम पिनराई विजयन ने कहा था, 'केरल में धर्मनिरपेक्षता, यूनानियों, रोमन, अरबों का एक लंबा इतिहास है, हर कोई हमारी भूमि पर पहुंच गया. ईसाई और मुसलमान शुरुआत में केरल पहुंचे. हमारी परंपरा समावेशी है. मैं यह स्पष्ट करना चाहता हूं कि केरल में कोई डिटेंशन सेंटर नहीं बनेगा.' विधानसभा में कांग्रेस, सीपीआई (एम) ने पिनराई द्वारा पेश किये गए प्रस्ताव का समर्थन किया.

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First published: January 14, 2020, 7:20 PM IST
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