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सबरीमाला मंदिर में महिलाओं को सुरक्षा नहीं देगी केरल सरकार, तृप्ति देसाई बोलीं- 'फिर भी जाएंगे'

News18Hindi
Updated: November 15, 2019, 6:06 PM IST
सबरीमाला मंदिर में महिलाओं को सुरक्षा नहीं देगी केरल सरकार, तृप्ति देसाई बोलीं- 'फिर भी जाएंगे'
तृप्ति देसाई ने भी दी मंत्री के बयान पर प्रति‍क्रिया.

सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने सबरीमला मंदिर (Sabarimala Temple), मस्जिदों में महिलाओं के प्रवेश तथा दाऊदी बोहरा समाज में स्त्रियों के खतना सहित विभिन्न धार्मिक मुद्दे गुरुवार को सात सदस्यीय संविधान पीठ को सौंप दिए. बीजेपी (BJP) ने केरल सरकार से कानून व्‍यवस्‍था सुनिश्चित करने को कहा.

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  • Last Updated: November 15, 2019, 6:06 PM IST
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नई दिल्‍ली. सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने गुरुवार को केरल (Kerala) के सबरीमाला मंदिर (Sabarimala Temple) में सभी उम्र की महिलाओं के प्रवेश (Woman Entry) संबंधी विवाद पर सुनवाई की. इस दौरान यह केस 7 जजों की बड़ी बेंच को सौंप दिया गया. फिलहाल मंदिर में महिलाओं की एंट्री जारी रहेगी. लेकिन अब इसे लेकर मंदिर से जुड़े केरल देवासोम बोर्ड मंत्री काडाकंपाली सुरेंद्रन (Kadakampally Surendran) ने बड़ा बयान दिया है. सुरेंद्रन ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्‍फ्रेंस करके कहा है कि सबरीमाला मंदिर में दर्शन के लिए आने वाली महिलाओं को राज्‍य सरकार की ओर से पुलिस सुरक्षा मुहैया नहीं कराई जाएगी. उन्‍होंने यह भी कहा कि जो भी महिलाएं सबरीमाला में प्रवेश चाहती हैं, उन्‍हें अपने साथ सुप्रीम कोर्ट का आदेश लाना होगा.

तृप्ति देसाई ने किया पलटवार
काडाकंपाली सुरेंद्रन ने सामाजिक कार्यकर्ता तृप्ति देसाई पर भी निशाना साधा. उन्‍होंने कहा कि तृप्ति देसाई जैसे सामाजिक कार्यकर्ताओं को सबरीमाला मंदिर को अपनी ताकत दिखाने की जगह के रूप में नहीं देखना चाहिए. अगर वह पुलिस सुरक्षा चाहती हैं तो उन्‍हें सुप्रीम कोर्ट का आदेश लाना होगा. उन्‍होंने कहा कि कुछ ऐसे भी लोग हैं जो पब्लिसिटी के लिए प्रेस कॉन्‍फ्रेंस करते हैं और घोषणा करते हैं कि वे मंदिर में प्रवेश करेंगे. सरकार ऐसे लोगों की मदद नहीं करेगी.

वहीं सामाजिक कार्यकर्ता तृप्ति देसाई ने मंत्री काडाकंपाली सुरेंद्रन के बयान पर प्रतिक्रिया दी है. उन्‍होंने कहा कि हमें सुरक्षा देने संबंधी निर्णय सरकार को लेना है लेकिन फिर भी हम मंदिर में जाएंगे. उन्‍होंने कहा कि अगर हमें पुलिस सुरक्षा के लिए सुप्रीम कोर्ट से आदेश लेना पड़े तो यह उसके फैसले का असम्‍मान होगा.

बीजेपी बोली- कानून व्‍यवस्‍था सुनिश्चित करे केरल सरकार
वहीं सबरीमाला मामले को बड़ी पीठ को भेजे जाने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बीच बीजेपी ने गुरुवार को केरल सरकार से प्रदेश में कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा है. बीजेपी के वरिष्ठ नेता और विधि एवं न्याय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा कि वह इस मामले में केरल सरकार को कानून एवं व्यवस्था बनाए रखने के लिए कहने के अलावा और कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते.

फैसले का स्‍वागत किया
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वहीं के वरिष्ठ नेता बी एल संतोष ने सबरीमला मंदिर में हर आयु वर्ग की महिलाओं के प्रवेश के मामले को सुनवाई के लिए बड़ी पीठ को भेजने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए गुरुवार को दावा किया कि यह श्रद्धालुओं के अधिकारों एवं उनकी आस्था की सुरक्षा की दिशा में उठाया गया कदम है. उन्होंने कहा कि यह कभी भी मौलिक अधिकारों का विषय नहीं रहा. यह समाज की ओर से स्वीकार्य सदियों पुरानी परंपरा का मामला है.

गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय ने सबरीमला मंदिर, मस्जिदों में महिलाओं के प्रवेश तथा दाऊदी बोहरा समाज में स्त्रियों के खतना सहित विभिन्न धार्मिक मुद्दे गुरुवार को नए सिरे से विचार के लिए सात सदस्यीय संविधान पीठ को सौंप दिए.

यह भी पढ़ें: 1990 में कहां से शुरू हुआ सबरीमाला मंदिर में महिलाओं की एंट्री पर विवाद!

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First published: November 15, 2019, 6:03 PM IST
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