केरल में मस्जिद ने धार्मिक भेद भुलाकर पेश की मानवता की मिसाल

केरल में मस्जिद ने धार्मिक भेद भुलाकर पेश की मानवता की मिसाल
मस्जिद (Mosque) जिले में कुछ किलोमीटर दूर सूदूरवर्ती इलाके कवालप्पारा के निकट स्थित है, जहां पिछले गुरुवार को हुए भूस्खलन के बाद बड़ी संख्या में लोग और बच्चों की मौत हो गई थी.

मस्जिद (Mosque) जिले में कुछ किलोमीटर दूर सूदूरवर्ती इलाके कवालप्पारा के निकट स्थित है, जहां पिछले गुरुवार को हुए भूस्खलन के बाद बड़ी संख्या में लोग और बच्चों की मौत हो गई थी.

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केरल (Kerala) में एक मस्जिद के प्रबंधन ने भूस्खलन में जान गंवा चुके लोगों के पोस्टमॉर्टम के लिये अपना प्रार्थना स्थल देकर मानवता (Humanity) की दुर्लभ मिसाल पेश की. मलप्पुरम जिले के नीलमबुर के निकट पोठुकल में स्थित सलफी जुमा मस्जिद के प्रबंधन ने धार्मिक भेद भुलाकर मस्जिद के दरवाजों को शवों के पोस्टमॉर्टम के लिये खोल दिया.

मस्जिद जिले में कुछ किलोमीटर दूर सूदूरवर्ती इलाके कवालप्पारा के निकट स्थित है, जहां पिछले गुरुवार  को हुए भूस्खलन के बाद बड़ी संख्या में लोग और बच्चों की मौत हो गई थी. लापता लोगों के शवों का पता लगाने के लिये खोज अभियान अब भी जारी है और उनके जिंदा दफन होने की आशंका है.

स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि पुलिस और प्राधिकारी अनुरोध लेकर मस्जिद प्रबंधन के पास गए, जिसने पोस्टमॉर्टम के लिये बड़े दिल से अपने प्रार्थना स्थल का एक हिस्सा और अन्य सुविधाएं मुहैया कराने की पेशकश की.



उन्होंने कहा कि कई दिनों की खोज के बाद लगभग 30 लोगों के शव मिले हैं, जिन्हें बुधवार तक शव परीक्षण के लिये मस्जिद में लाया जा चुका है.
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