वेटिकन पहुंचा नन का केस, पीड़िता ने पोप को लिखा- महिलाओं के लिए सौतेली मां है चर्च

अपनी मुश्किल के बारे में बताते हुए नन ने लिखा है कि वह पोप समते सभी के पास अपनी शिकायत लेकर गई लेकिन किसी ने उसकी शिकायत पर ध्यान नहीं दिया और आरोपी बिशप के खिलाफ कार्रवाई करने से इनकार कर दिया.

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Updated: September 11, 2018, 6:01 PM IST
वेटिकन पहुंचा नन का केस, पीड़िता ने पोप को लिखा- महिलाओं के लिए सौतेली मां है चर्च
सांकेतिक तस्वीर
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Updated: September 11, 2018, 6:01 PM IST
केरल की नन से रेप का मामला वेटिकन सिटी पहुंच चुका है. जालंधर के बिशप जेम्स फ्रैंको मुलक्कल पर यौन शोषण का आरोप लगाने के कुछ दिन बाद पीड़िता ने भारत के अपोस्टोलिक नुनेशिया गिय्मबटिस्टा डिक्वाट्रो को पोप के नाम चिट्ठी लिखी है. पोप के राजदूत नुनेशिया गिय्मबटिस्टा को लिखी इस चिट्ठी में पीड़ित नन ने अपनी परेशानियों और तकलीफों का जिक्र करते हुए न्याय की गुहार लगाई है.

7 पन्नों में लिखी गई इस चिट्ठी की भाषा काफी सख्त है. 8 सितंबर को लिखी गई इस चिट्ठी में चर्च के अंदर महिलाओं के शोषण का मुद्दा उठाया गया है. नन ने लिखा है, 'ऐसी कई बहनें और महिलाएं हैं, जो चुपचाप यौन शोषण को सहन कर रही हैं, क्योंकि उनके पास उन लोगों का विरोध करने की क्षमता नहीं है, जिनसे उनके सम्मान और देखभाल की उम्मीद की जाती है.'

अपनी मुश्किल के बारे में बताते हुए नन ने लिखा है कि वह पोप समेत सभी के पास अपनी शिकायत लेकर गई, लेकिन किसी ने उसकी शिकायत पर ध्यान नहीं दिया. सभी लोगों ने आरोपी बिशप के खिलाफ कार्रवाई करने से इनकार कर दिया. चिट्ठी में नन लिखती हैं, 'बचपन से हमें बताया गया था कि चर्च हमारी मां है, लेकिन अपने अनुभव से मुझे पता चला है कि चर्च महिलाओं और समाज की सौतेली मां हैं.'


नन ने आगे आरोप लगाया कि वह अकेली पीड़ित नहीं है, कई अन्य भी पीड़ित हैं. नन का कहना है कि अन्य महिलाएं अपनी पीड़ा सबके सामने जाहिर नहीं कर पा रही हैं. चिट्ठी में वह लिखती है, 'मुझे लगता है कि इस तरह की चुप्पी इस तरह की स्थिति पैदा कर सकती है, जहां चर्च की विश्वसनीयता समाज से समाप्त हो जाए. भारतीय चर्च में महिलाओं पर इसका बहुत प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा कि उनके पास इस तरह प्रतिक्रिया करने के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं है, ताकि केथोलिक की बजाए इंसान के तौर पर अपनी गरिमा बचाई जा सके.'

अपने पत्र में वह आगे लिखती हैं कि चर्च का वातावरण भी आरोपी बिशप के खिलाफ कड़ी लड़ाई लड़ने के अनुकूल नहीं था. नन ने चिट्ठी में बताया है कि बिशप ने कई बार उनके साथ यौन दुर्व्यवहार किया, लेकिन डर की वजह से सुपीरियर जनरल को वह पूरी बात बता नहीं बता सकी. जितनी बात उन्होंने बताई सुपीरियर जनरल ने उसे सुनकर आरोपी के खिलाफ कोई एक्शन नहीं लिया.

नन ने लिखा, 'मुझे लग रहा है कि कैथोलिक चर्च को अभी भी मेरी सच्चाई पर संदेह है कि मैंने बिशप को तेरह बार यौन शोषण की इजाजत क्यों दी? मेरे लिए इस बात को सार्वजनिक करना डर और शर्म की बात थी. मुझे डर था कि मेरे परिवार को धमकाया जाएगा. मुझे आश्चर्य है कि चर्च सच्चाई से अपनी आखें क्यों फेर रहा है जबकि मैंने उसे रोकने के लिए साहस दिखाया है.'

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