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  • KERALA PALAKAD LOST GIRL WHO FOUND AFTER 11 YEAR IN NEIGHBOR OF FAMILY

गजब! अपने मां-पिता के घर में ही प्रेमी के साथ छुपकर रह रही थी 11 साल से लापता महिला

केरल के पलक्कड़ का है मामला

वह महिला पिछले एक दशक से अपने प्रेमी के साथ एक कमरे में छुपकर रह रही थी. खास बात ये है कि वह उसके मां-बाप के घर का ही हिस्सा था, जिसे उस आदमी को किराए पर दिया था.

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    पलक्कड़. ये कहानी सुनने में पूरी फिल्मी लग सकती है, लेकिन हैं एकदम असली. एक युवती 11 साल पहले अपने घर से गायब हो गई. और जब वो मिली तो कहावत चरितार्थ हो गई ‘बगल में बच्चा नगर में ढिंढोरा’. केरल के पलक्कड़ में एक छोटा सा गांव आयालुर से 11 साल पहले 18 साल की एक युवती गायब हो गई थी. उसके मां बाप उसके मिलने की उम्मीद तक खो चुके थे. अब 11 साल बाद लड़की अपने घर से महज़ 500 मीटर की दूरी पर मिली. लड़की पिछले एक दशक से एक कमरे में उस आदमी के साथ रह रही थी जिसे वो प्यार करती है. खास बात ये हैं कि जिस कमरे में उस युवती ने अपनी जिंदगी के दस साल गुज़ार दिए, वो उसके मां बाप के घर का ही हिस्सा था, जिसे उस आदमी को रहने के लिए दिया गया था. और वहां एक औरत रह रही है इससे वो पूरी तरह से अनिभज्ञ थे.

    सजीता के घर वाले तो अपनी बेटी के मिलने की उम्मीद हार चुके थे, फिर एक दिन 34 साल का अलिनचुवत्तिल रहमान जिसे घर किराये पर दिया गया था,अचानक तीन महीने पहले अपने घर से गायब हो गया. जब उसके परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज की. फिर एक दिन रहमान के बड़े भाई बशीर को वो पास के दूसरे गांव में दिखाई दिया. इस तरह से रहमान और सजीथा के साथ रहने की कहानी के तार जुड़े. वो दोनों दरअसल अब किसी और जगह किराये से रहने लगे. पुलिस ने उन्हें स्थानीय अदालत में पेश किया जहां सजीथा के कहने पर उसे रहमान के साथ रहने की इजाजत दे दी गई.

    सजीथा और रहमान ने रिश्ते को छिपा कर रखा
    नेनमारा पुलिस स्टेशन के अधिकारी दीपा कुमार ए का इस मामले पर कहना था कि सजीथा और रहमान ने अपना रिश्ते इसलिए छिपा कर रखा क्योंकि दोनों अलग अलग मजहब से ताल्लुक रखते थे, और उन्हें डर था कि अगर उनके रिश्ते के बारे में लोगों को पता चला तो उनकी जान को भी खतरा हो सकता है. दीपा कुमार का कहना है कि सुनने में ये कहानी अजीब लगती है लेकिन जब हम रहमान के घर में गए तो उसने वहां पर बताया कि किस तरह सजीथा इतने सालों से वहां छिप कर रहती थी.

    फरवरी 2010 की एक रात सजीथा ने अपना घर छोड़ा और बगल में रह रहे रहमान के घर चली गई. पुलिस ने उसे हर जगह तलाशा लेकिन वो कहीं नहीं मिली, और किसी के दिमाग में ये बात नहीं आई को वो बगल वाले घऱ में रह सकती है. सजीथा के पास अपना मोबाईल फोन भी नहीं था.
    कुमार ने बताया कि रहमान जो उस वक्त 24 साल का था उस पर कभी किसी को शक नहीं हुआ ना ही कभी किसी को लगा कि उन दोनों के बीच कोई रिश्ता भी है.

    घर में हमेशा लगा रहता था ताल
    रहमान के बड़े भाई बशीर ने बताया कि वो एक घरों में पेंट करने का काम करता था और अलग रहता था. अपने घर को हमेशा ताला लगा कर रखता था और किसी को अंदर नहीं आने देता था. क्योंकि रहमान गुस्सैल स्वभाव वाला था और उसके मां बाप जो खुद दिहाड़ी मजदूर है वो उसकी जिंदगी में हस्तक्षेप नहीं करते थे. बशीर जो ट्रक ड्राइवर है उसने बताया कि कई बार वो ऐसा व्यवहार करता था जैसे उसकी दिमागी हालत ठीक नहीं है, खासकर जब कोई कमरे में जाने की कोशिश करता तो वो हिंसा पर उतर आता था. बशीर का कहना है कि रहमान ने उसे बताया था कि सजीथा अपने कपड़े भी कमरे के अंदर सुखाती थी. हाल ही में जब घरवाले उसके लिए लड़की देख रहे थे तब भी उसने कभी इस बात का विरोध नहीं किया, बस वो टालमटोल करता रहता था.

    अयालुर पंचायत के सदस्य पुष्पकरण जो रहमान के माता पिता के पड़ोसी भी हैं उनका कहना है कि रहमान काफी चुप रहने वाला लड़का है इसलिए ऐसा लगता है जैसे उसकी दिमागी हालत ठीक नहीं है. उन्होंने बताया कि रहमाने अपने कमरे की खिड़की की कुछ ग्रिल निकाल रखी थी, दरअसल कमरे में कोई शौचालय नहीं था, इसलिए सजीथा उस खिड़की से रात में बाहर निकल कर शौच के लिए जाती थी. सजीथा के कमरे में एक छोटा सा टीवी था जिसमें इयरफोन लगाकर वो मनोरंजन किया करती थी.

    पुलिस के मुताबिक करीब करीब पूरा गांव उसे भूल चुका था, सबको लगता था कि वो किसी के साथ भाग गई है. तीन महीने पहले पता नहीं क्यों लेकिन सजीथा ने अपने घर को छोड़ दिया और रहमान के साथ दूसरे गांव में रहने चली गई. ये वही जगह है जहां रहमान को उसके भाई ने देखा था. रहमान का कहना था कि उसे डर था कि उसके घर वाले उन दोनों के रिश्ते को कबूल नहीं करेंगे इसलिए उन्होंने एक कमरें बंद रहकर रहने का फैसला किया