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केरल: वित्तीय संकट से जूझ रहा श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर, कहा- दान से पूरा नहीं हो रहा खर्च

केरल: वित्तीय संकट से जूझ रहा श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर

केरल: वित्तीय संकट से जूझ रहा श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर

श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर (Sree Padmanabhaswamy) की प्रशासनिक समिति ने न्यास की लेखा परीक्षा का अनुरोध करते हुए शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से कहा कि मंदिर इस समय काफी मुश्किल दौर से गुजर रहा है. मंदिर का मासिक खर्च 1.25 करोड़ रुपये है, जबकि हमें मुश्किल से 60-70 लाख रुपये मिल पाते हैं.

  • News18Hindi
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    नई दिल्‍ली. कोरोना संक्रमण (Corona Infection) के चलते देशभर में पिछले काफी समय तक बंद रहे मंदिरों (Temple) के कपाट भले ही खोल दिए गए हों लेकिन अभी भी कई मंदिरों की स्थिति सुधरी नहीं है. केरल (Kerala) का श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर (Sree Padmanabhaswamy) इन दिनों वित्‍तीय संकट (Financial Crisis) से जूझ रहा है.

    यही कारण है कि मंदिर की प्रशासनिक समिति ने न्यास की लेखा परीक्षा का अनुरोध करते हुए शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट से कहा कि मंदिर इस समय काफी मुश्किल दौर से गुजर रहा है. सुप्रीम कोर्ट को जानकारी दी गई है कि मंदिर में आने वाला दान इसके खर्चों को पूरा करने के लिए पर्याप्त नहीं है.

    समिति की ओर से वरिष्‍ठ अधिवक्‍ता आर बसंत ने जस्टिस यूयू ललित, जस्टिस एस रवींद्र भट और जस्टिस बेला एम त्रिवेदी की पीठ से कहा कि केरल में कोरोना संक्रमण को देखते हुए सभी मंदिरों को अभी भी बंद रखा गया है. उन्‍होंने कहा कि मंदिर का मासिक खर्च 1.25 करोड़ रुपये है, जबकि हमें मुश्किल से 60-70 लाख रुपये मिल पाते हैं. उन्‍होंने कहा कि वित्‍तीय संकट से गुजर रहे श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर के लिए हमने कुछ दिशा-निर्देशों का अनुरोध किया है.

    साल 2013 की ऑडिट रिपोर्ट के मुताबिक इस समय मंदिर ट्रस्‍ट के पास 2.87 करोड़ नगद और 1.95 करोड़ की संपत्ति है. अधिवक्‍ता आर बसंत ने बताया पीठ से कहा कि ट्रस्‍ट का गठन सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर किया गया था इसलिए उसे भी मंदिर में योगदान करना चाहिए. वहीं दूसरी ओर न्‍यास के वरिष्‍ठ अधिवक्‍ता अरविंद दातार ने कहा कि यह शाही परिवार की ओर से बनाय गया एक सार्वजनिक न्‍यास है और इसकी प्रशासन में किसी भी तरह की कोई भूमिका नहीं है.

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