फेल छात्रों के लिए टीचर ने लिखा पोस्ट, कहा- 'मैं भी उसके साथ फेल हो गया'

फेल छात्रों के लिए टीचर ने लिखा पोस्ट, कहा- 'मैं भी उसके साथ फेल हो गया'
Image credit: Facebook

केरल ने 30 जून को 10वीं कक्षा का रिजल्ट घोषित किया. 10वीं का रिजल्ट आने के बाद केरल के टीचर का फेसबुक पोस्ट (Facebook Post) वायरल हो रहा है. ये पोस्ट टीचर (Teacher) ने एग्जाम में पास हुए बच्चों के लिए नहीं बल्कि फेल हुए छात्र का हौंसला बढ़ाने के लिए लिखा है.

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नई दिल्ली. केरल (Kerala) में दसवीं (Class 10 Exam Result) के चार लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स के रिजल्ट का इंतजार खत्म हो गया. केरल ने 30 जून को 10वीं कक्षा का रिजल्ट घोषित कर दिया है. 10वीं का रिजल्ट आने के बाद केरल के टीचर का फेसबुक पोस्ट (Facebook Post) वायरल हो रहा है. ये पोस्ट टीचर (Teacher) ने एग्जाम में पास हुए बच्चों के लिए नहीं, बल्कि फेल हुए छात्र का हौंसला बढ़ाने और वो मन से हार न मानें इसके लिए लिखा है.

टीचर का नाम वीपी प्रभाकरन है जो कोझीकोड के एक स्कूल प्रधानाध्यापक हैं. फेल हुए छात्रों के लिए वीपी प्रभाकरन ने एक इमोशनल पोस्ट लिखा है. उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा है कि एग्जाम में सिर्फ वो छात्र नहीं बल्कि वो खुद भी असफल हुए हैं. अपने पोस्ट में उन्होंने लिखा, 'रिजल्ट आने के बाद मैंने 434 बच्चों के उस ग्रुप में से सिर्फ उसे फोन किया जो एग्जाम में फेल हो गया था. मुझे ऐसा लग रहा है मानो मैं भी उसके साथ इस एग्जाम में फेल हुआ हूं.'

सबने लगाया था ये अनुमान
प्रभाकरन ने बताया कि उनके स्कूल के सभी टीचर्स और अन्य लोगों ने सोचा था कि इस बार, कोई भी छात्र फेल नहीं होगा. जो छात्र अपनी पढ़ाई में कमजोर थे इस बार टीचर्स ने उन पर ज्यादा ध्यान दिया. उनमें से ऐसे छात्र भी थे जिन्हें वर्णमाला लिखने में परेशानी थी," उन्होंने लिखा, ऐसे छात्रों को अत्यंत प्रेम और देखभाल के साथ सिखाया गया था. उन्होंने आगे कहा, "शायद बच्चों ने अपने जीवन में इससे पहले बहुत गर्मजोशी का अनुभव किया होगा और शिक्षकों के लिए भी, यह छात्रों के लिए प्यार और देखभाल का पहला मौका होगा."
उन्होंने अपने पोस्ट में आगे लिखा, शायद ही कोई टीचर स्टूडेंस के फेल होने पर खुद को दोषी नहीं मानते हैं. जीत और हार के बीच क्या होता है? बस इसके बारे में सोच रहा हूं. हो सकता है छात्रों को पढ़ाने में हमसे ही कोई कमी रह गई हो, तभी उसके साथ हम भी असफल हुए हैं. उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि छात्र पुनर्मूल्यांकन परीक्षा या SAY परीक्षा में पास होगा. उन्होंने आगे कहा, कई सफल हुए बच्चे स्कूल में अच्छे नहीं थे और उन्होंने केवल कक्षा की सीमाओं के बाहर सफलता अर्जित की हैं.
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