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EXCLUSIVE: पाकिस्तान का नया प्लान? भारतीय सिखों को 'कट्टरपंथी' बना रहे लाहौर गुरुद्वारे के खालिस्तानी आतंकी

खुफिया सूत्रों ने कहा कि कथित उड़ान अपहरणकर्ता रविंदर सिंह पिंका (सबसे बाएं) और उनके सहयोगी पाकिस्तान के लाहौर में भारत के सिख श्रद्धालुओं से मिल रहे थे। (फोटो: न्यूज18/वीडियो ग्रैब)

खुफिया सूत्रों ने कहा कि कथित उड़ान अपहरणकर्ता रविंदर सिंह पिंका (सबसे बाएं) और उनके सहयोगी पाकिस्तान के लाहौर में भारत के सिख श्रद्धालुओं से मिल रहे थे। (फोटो: न्यूज18/वीडियो ग्रैब)

खुफिया सूत्रों ने कहा कि पाकिस्तान की योजना लाहौर के गुरुद्वारे में खालिस्तानी चरमपंथियों को रखने की है, ताकि वे सिख श् ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

खुफिया सूत्रों के मुताबिक खालिस्तानी आतंकियों ने भारतीयों सिखों से मुलाकात की.
खुफिया सूत्रों के मुताबिक विमान अपहरणकर्ता लाहौर के गुरुद्वारे में नजर आया.
1984 में श्रीनगर-लाहौर उड़ान के कथित अपहरणकर्ता को लाहौर के पंजा साहिब गुरुद्वारे में देखा गया.

नई दिल्ली. भारत में हिंदु समुदाय और मौजूदा केंद्र सरकार के खिलाफ कट्टरपंथ को बढ़ावा देने के लिए पाकिस्तान अब खालिस्तान समर्थक आतंकवादियों की मदद ले रहा है. दरअसल, खुफिया सूत्रों ने कहा कि पड़ोसी देश की ‘नई योजना’ के तहत खालिस्तान समर्थक आतंकवादी समूहों ने भारत में चरमपंथ को बढ़ावा देने के लिए पाकिस्तान के लाहौर स्थित गुरुद्वारे में शरण ले रखी है. खुफिया इनपुट के अनुसार, 1984 में श्रीनगर-लाहौर फ्लाइट के कथित अपहरणकर्ता को लाहौर के पंजा साहिब गुरुद्वारे में अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह से मिलते देखा गया था.

रविंदर सिंह पिंका भी गुरुद्वारे में आया
सूत्रों ने कहा कि पाकिस्तान की योजना लाहौर के गुरुद्वारे में खालिस्तानी चरमपंथियों को रखने की है, ताकि वे सिख श्रद्धालुओं को ‘कट्टरपंथी’ बना सकें. खुफिया सूत्रों ने आगे कहा कि कथित उड़ान अपहरणकर्ता रविंदर सिंह पिंका और उसके सहयोगी वहां भारत से आए सिख श्रद्धालुओं से मिल रहे थे, जो पंजा साहिब की 100वीं वर्षगांठ मनाने के लिए पाकिस्तान गए थे. पिंका ने जानबूझकर ज्ञानी हरप्रीत सिंह के साथ एक फोटो क्लिक की, जिसे बाद में CNN-News18 ने ढूंढ निकाला.

भारतीयों से संपर्क कर कट्टरपंथ को बढ़ाने की फिराक में खालिस्तानी
हालांकि, जब शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) के अधिकारियों को पिंका के बारे में सूचित किया गया, तो वीडियो को तुरंत एसजीपीसी की वेबसाइट से हटा लिया गया. सूत्रों ने यह भी कहा कि जत्थेदार पूरे समुदाय से थे और किसी को भी उनसे मिलने की मनाही नहीं थी, और ज्ञानी हरप्रीत सिंह शायद पिंका को जानते या पहचानते भी नहीं थे. खुफिया सूत्रों ने कहा कि इस तरह के कट्टरपंथी तत्व लाहौर में हर जगह मौजूद थे और इन गुरुद्वारों में दर्शन के लिए आने वाले भारतीयों को कट्टरपंथी बनाने के लिए जानबूझकर संपर्क किया.

पाकिस्तान से भेजे गए हथियार को पंजाब में लाने मदद करते थे खालिस्तानी
CNN-News18 ने इससे पहले लाहौर स्थित खालिस्तानी तत्वों जैसे रंजीत सिंह, उर्फ ​​नीता, जो पाकिस्तान स्थित खालिस्तानी जिंदाबाद फोर्स के प्रमुख हैं, के साथ-साथ आकाशदीप सिंह उर्फ ​​आकाश रंधावा के वीडियो और ऑडियो एक्सेस किया है, जिन्हें सितंबर के महीने में पंजाब के तरनतारन में गिरफ्तार किया गया था. दोनों कथित तौर पर ड्रोन के जरिए पाकिस्तान से हथियार और गोला-बारूद पहुंचाने में शामिल थे.

पंजाब में आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए ISI कर रहा है मदद
लाहौर में खालिस्तान समर्थक आतंकवादी समूहों की कई रिपोर्टें हैं, जो ऑपरेशन के लिए धन जुटा रहे हैं और सीमा पार हथियार शिपमेंट का प्लान बना रहे हैं. सितंबर में, एक अन्य कथित अपहरणकर्ता, दल खालसा प्रमुख गजिंदर सिंह की एक तस्वीर गलती से फेसबुक पर जारी कर दी गई थी, जिससे उसका ठिकाना उजागर हो गया था. जबकि भारतीय अधिकारियों को लाहौर में गजिंदर की मौजूदगी के बारे में लंबे समय से पता है, यह फोटो पाकिस्तान के पंजाब में आतंकवाद के लिए आईएसआई के संबंधों का एक उदाहरण था.

Tags: Khalistan, Pakistan

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