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    कई पद्धतियों के एकीकरण पर IMA बोला- 'खिचड़ी' सिस्टम जिंदगियां खतरे में डाल सकता है

    इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने चिकित्सा पद्धतियों के एकीकरण को खतरनाक बताया है. (तस्वीर IMA के ट्विटर हैंडल से साभार)
    इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने चिकित्सा पद्धतियों के एकीकरण को खतरनाक बताया है. (तस्वीर IMA के ट्विटर हैंडल से साभार)

    एलोपैथी, होम्योपैथी, आयुर्वेद और युनानी दवाओं को साथ मिलाकर एक पद्धति बनाने पर काम चल रहा है. आईएमए (Indian Medical Association-IMA) ने इसे खिचड़ी मेडिकल सिस्टम (Khichdi medical system) बताते हुए कहा है कि इससे करोड़ों लोगों की जिंदगियां दांव पर लग जाएंगी.

    • News18Hindi
    • Last Updated: November 6, 2020, 5:38 AM IST
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    नई दिल्ली. इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (Indian Medical Association-IMA) ने केंद्र सरकार के उस फैसले का विरोध किया है जिसमें कई चिकित्सा पद्धतियों को मिलाकर एक चिकित्सा पद्धति विकसित करने की बात की जा रही है. इसके तहत एलोपैथी, होम्योपैथी, आयुर्वेद और युनानी दवाओ को साथ मिलाकर एक पद्धति बनाने पर काम चल रहा है. आईएमए ने इसे खिचड़ी मेडिकल सिस्टम बताते हुए कहा है कि इससे करोड़ों लोगों की जिंदगियां दांव पर लग जाएंगी.

    एसोसिशन द्वारा जारी किए गए एक स्टेटमेंट में कहा गया है कि इससे पारंपरिक पद्धतियों का महत्व भी समाप्त हो जाएगा और आधुनिक चिकित्सा पद्धति भी मुश्किल में पड़ जाएगी. यानी दोनों में से किसी का भला नहीं होगा. स्टेटमेंट में कहा गया कि नए सिस्टम में 'हाइब्रिड डॉक्टर्स' होंगे और मरीजों के पास भी चिकित्सा पद्धति बदलने का कोई विकल्प नहीं रह जाएगा. वर्तमान व्यवस्था में किसी भी मरीज के पास ये विकल्प रहता है कि वो आधुनिक चिकित्सा पद्धति से इलाज कराए या फिर पारंपरिक दवाओं की तरफ रुख करे.


    ऐसा दावा किया गया है कि नीति आयोग ने सभी चिकित्सा पद्धतियों को एक करने के लिए चार कमेटियों का गठन किया है. ये कमेटियां मेडिकल एजुकेशन, क्लीनिकल प्रैक्टिस, पब्लिक हेल्थ, मेडिकल रिसर्च और प्रशासन के क्षेत्र के लिए बनाई गई हैं. अब आईएमए ने कहा है कि एकाएक बदलाव से बड़ी संख्या में लोग मुश्किल में पड़ सकते हैं.



    गौरतलब है कि कुछ समय पहले आईएमए ने आयुष मंत्रालय द्वारा कोरोना को लेकर जारी की गई नई गाइडलाइंस की आलोचना की थी. एसोसिएशन ने कहा था कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्द्धन ने कोरोना के हल्के मामलों को ठीक करने के लिए आयुष और योग के आधार पर डॉक्यूमेंट रिलीज किए हैं. आईएमए ने स्वास्थ्य मंत्री से कोरोना के इलाज में इन उपायों के इस्तेमाल को लेकर कई सवाल पूछे थे जिनमें वैज्ञानिकता और मॉडर्न मेडिसिन थेरेपी को आधार बनाया गया था. एसोसिएशन ने यह भी पूछा था कि कोरोना के इलाज की जिम्मेदारी AYUSH मंत्रालय को क्यों नहीं सौंप दी जाती?
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