कर्नाटक में लॉकडाउन के दौरान बच्चों को करनी पड़ी दैनिक मजदूरी: सर्वे

कर्नाटक में लॉकडाउन के दौरान बच्चों को करनी पड़ी दैनिक मजदूरी: सर्वे
ये सर्वे स्वामी विवेकानंद यूथ मूवमेंट द्वारा किया गया है. (प्रतीकात्मक तस्वीर)

लॉकडाउन होने की वजह से मार्च के बाद से सभी शैक्षिक गतिविधियां रुक गई थीं. SVYM ने ये सर्वे यह जानने के लिए किया कि आखिरी इस दौरान छात्रों की स्थिति कैसी रही? सर्वे में चौंकाने वाले खुलासे हुए.

  • Share this:
बेंगलुरु. कोरोना वायरस (Corona Virus) की वजह से हुए लॉकडाउन (Lockdown) के दौरान कर्नाटक में 18 वर्ष से कम उम्र किशोरों को दैनिक मजदूरी (Daily Wage Labourers) का काम करना पड़ा. इसका खुलासा एक सर्वे में हुआ है. स्वामी विवेकानंद यूथ मूवमेंट (SVYM) द्वारा जून में किए गए इस सर्वे में राज्य के 1572 स्टूडेंट्स, 452 टीचर्स, 770 पैरेंट्स ने हिस्सा लिया है. दैनिक मजदूरी के काम में लगने वाले ज्यादातर स्टूडेंट्स हाईस्कूल में पढ़ाई कर रहे थे.

छात्रों की स्थिति जानने के लिए किया गया है सर्वे
लॉकडाउन होने की वजह से मार्च के बाद से सभी शैक्षिक गतिविधियां रुक गई थीं. SVYM ने ये सर्वे यह जानने के लिए किया कि आखिरी इस दौरान छात्रों की स्थिति कैसी रही? सर्वे में चौंकाने वाले खुलासे हुए. सर्वे मुख्य रूप से बेंगलुरु, धारवाड़ और मैसूर जिलों में किया गया. तीनों ही जिले कर्नाटक के मुख्य केंद्र माने जाते हैं, बेंगलुरु तो राज्य की राजधानी ही है.

किन इलाकों में दैनिक मजदूरी के काम में ज्यादा शामिल हुए बच्चे
धारवाड़ में 23 प्रतिशत और मैसूर के 15 प्रतिशत पैरेंट्स ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान उनके बच्चे दैनिक मजदूरी करने को मजबूर हुए. बेंगलुरु में ऐसे पैरेंट्स का प्रतिशत (7) अपेक्षाकृत काफी कम रहा. तकरीबन 60 प्रतिशत से ज्यादा पैरेंट्स अब भी नहीं चाहते कि स्कूल दोबारा खुलें क्योंकि उनके भीतर कोरोना का भय समाया हुआ है.



ये भी पढ़ें :-'सीएम योगी के अलावा किसी पर भरोसा नहीं, विकास दुबे की मौत ही देगी संतुष्टि'

दोबारा स्कूल खोलने को लेकर क्या है स्टूडेंट्स की राय
वहीं स्कूल खुलने को लेकर स्टूडेंट्स में तकरीबन 55 प्रतिशत का मानना है कि ऐसा कोरोना की वैक्सीन मिलने के बाद ही होना चाहिए. जबकि 45 प्रतिशत स्टूडेंट्स ने स्कूलों को दोबारा खोलने की हिमायत की है.

कई सवालों के आधार पर तैयार की गई है रिपोर्ट
सर्वे में कई और सवालों पर टीचर्स, पैरेंट्स और स्टूडेंट्स की राय ली गई है और उसी के आधार पर एक रिपोर्ट तैयार की गई है. इसमें ऑनलाइन लर्निंग से लेकर जॉब ओरिएंटेड स्टडीज से संबंधित सवाल भी पूछे गए थे.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज