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माओवादियों से संबंध के आरोप में हिरासत में बंद लोगों के परिजन जुटे ऑनलाइन

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) प्रतीकात्‍मक चित्र
राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) प्रतीकात्‍मक चित्र

Elgar Parishad Case: माओवादियों (Maoists) से संबंध मामले में आरोपी फादर स्‍टेन स्‍वामी को लेकर उनके सहकर्मी फादर सोलोमन ने मंगलवार को एक ऑनलाइन सम्‍मेलन को संबोधित किया. इसमें अन्‍य आरोपियों के परिजन, मित्र और वकील शामिल हुए.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 16, 2021, 9:24 PM IST
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मुंबई. एल्गार परिषद (Elgar council) के माओवादियों से संबंध के मामले में आरोपी और पिछले साल अक्टूबर से जेल में बंद मानवाधिकार कार्यकर्ता फादर स्टेन स्वामी के सहकर्मी फादर सोलोमन ने मंगलवार को कहा कि स्वामी ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी ( NIA) से पूछताछ के दौरान कम से कम चार बार कहा था कि उनके कम्प्यूटर में झूठे सबूत डाले गए हैं. सोलोमन ने एक ऑनलाइन संवाददाता सम्मेलन में यह बात कही. इस सम्मेलन में मामले के आरोपी और हिरासत में बंद 16 कार्यकर्ताओं एवं शिक्षाविदों के परिवारों, मित्रों एवं वकीलों ने भाग लिया.

सोलोमन झारखंड के रांची में बगाइची सोशल सेंटर के निदेशक है, जहां स्वामी काम करते थे. अमेरिका की एक फॉरेंसिक प्रयोगशाला की रिपोर्ट में कहा गया है कि एक हमलावर ने भीमा कोरेगांव मामले  (Bhima Koregaon violence case)  में गिरफ्तार कार्यकर्ता रोना विल्सन के कंप्यूटर से छेड़छाड़ करने के लिए मालवेयर का इस्तेमाल किया था और उनके कम्प्यूटर में कम से कम 10 आपत्तिजनक पत्र डाले थे. इस रिपोर्ट के मद्देनजर यह संवाददाता सम्मेलन आयोजित किया गया.

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आपत्तिजनक दस्तावेजों से उनका कोई लेना-देना नहीं
सोलोमन ने बताया कि स्वामी ने पूछताछ के दौरान एजेंसी से कम से कम चार बार कहा था कि एजेंसी ने जिन दस्तावेजों को आपत्तिजनक बताया है, उनसे उनका कोई लेना-देना नहीं है और ये सम्भवत: किसी ने उनके कम्प्यूटर में डाले थे. उन्होंने कहा, ‘‘लोकमंच के कुछ पत्रों को सम्पादित किया गया, उसमें शब्द जोड़े गए. उदाहरणार्थ, झारखंड में जोहार के अभिवादन के साथ एक अक्षर का इस्तेमाल किया जाना आम बात है, लेकिन एक असामान्य शब्द ‘लाल’ उसमें शामिल किया गया. इसके कारण स्टेन ने दस्तावेजों की प्रामाणिकता पर सवाल उठाए.’’



जमानत तत्काल मंजूर किए जाने की मांग
एल्गार परिषद-माओवादी संबंध मामले में आरोपी कई कार्यकर्ताओं के वकील मिहिर देसाई ने संवाददाता सम्मेलन में कहा कि डिजिटल कंपनी की रिपोर्ट ने ‘‘अभियोजन की कहानी में एक बड़ा छेद किया है’’, क्योंकि उसने जमानत याचिकाओं का विरोध करने, हिरासत की अवधि बढ़ाए जाने का अनुरोध करने समेत मामले में इलेक्ट्रॉनिक सबूतों का लगातार सहारा लिया है. इस सम्मेलन में मौजूद लोगों ने मालवेयर रिपोर्ट की स्वतंत्र जांच किए जाने और गिरफ्तार किए गए 16 कार्यकर्ताओं की जमानत तत्काल मंजूर किए जाने की मांग की.
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