‘कैदी के कोरोना संक्रमित पाए जाने के 48 घंटे के भीतर परिवार को दी जाए सूचना’

‘कैदी के कोरोना संक्रमित पाए जाने के 48 घंटे के भीतर परिवार को दी जाए सूचना’
इन दिशानिर्देशों के मुताबिक सभी कैदियों को फोन और ईमेल के जरिए अपने वकीलों से संपर्क करने की अनुमति दी जाएगी (सांकेतिक फोटो)

महाधिवक्ता (Advocate General) आशुतोष कुंभकोनी ने अदालत को कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) के मद्देनजर राज्य भर की जेलों के कैदियों (Prisoners) के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए तय किए गए संशोधित मसौदा दिशानिर्देश सौंपा.

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मुंबई. महाराष्ट्र सरकार (Maharashtra Government) ने मंगलवार को बॉम्बे हाई कोर्ट (Bombay High Court) को बताया कि जेल में किसी कैदी को कोरोना वायरस (Coronavirus) से संक्रमित पाया जाता है, तो उसकी जांच रिपोर्ट आने के 48 घंटे के भीतर जेल अधिकारी (Jail Officers) उस कैदी के परिवार को इसके बारे में सूचित करेंगे. सरकार ने कुछ जनहित याचिकाओं (PILs) की सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश दीपांकर दत्ता की अगुवाई वाली पीठ के समक्ष यह बयान दिया.

महाधिवक्ता आशुतोष कुंभकोनी ने अदालत को कोरोना वायरस महामारी (Coronavirus Pandemic) के मद्देनजर राज्य भर की जेलों के कैदियों (Prisoners) के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए तय किए गए संशोधित मसौदा दिशानिर्देश सौंपा. दिशानिर्देश (Guidelines) में कहा गया है कि सभी कैदियों को फोन और ईमेल के जरिए अपने वकीलों (Advocates) से संपर्क करने की अनुमति दी जाएगी.

कोरोना संक्रमित पाए जाने पर उसके परिजनों को 48 घंटे के भीतर सूचित करना होगा
पिछले हफ्ते, सरकार ने सभी कैदियों की रोजाना थर्मल स्क्रीनिंग, इमारतों में अस्थायी पृथक-वास केंद्र (Temporary Quarantine Center) और कोविड ​​देखभाल केंद्रों के निर्माण और अन्य बीमारियों से पीड़ित कैदियों की नियमित स्वास्थ्य जांच के लिए दिशानिर्देश का मसौदा सौंपा था.
मंगलवार को सरकार ने कहा कि इसमें और अधिक प्रावधान जोड़े गए हैं, जैसे कि कैदी के कोरोना वायरस से संक्रमित पाए जाने पर उसके परिजनों को 48 घंटे के भीतर सूचित करना और कैदी के स्वास्थ्य की स्थिति के बारे में उन्हें अपडेट देना शामिल है.



मुंबई के आर्थर रोड जेल में कई कैदियों के कोरोना संक्रमित होने की आई थी खबर
अदालत पीपुल्स यूनियन फॉर सिविल लिबर्टीज (People's Union for Civil Liberties) और कुछ अन्य लोगों द्वारा दायर जनहित याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी.

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वरिष्ठ वकील मिहिर देसाई के माध्यम से दायर जनहित याचिकाओं में मांग की गई है कि सरकार महाराष्ट्र भर की जेलों के कैदियों की सुरक्षा सुनिश्चित करे क्योंकि मुंबई के आर्थर रोड जेल (Arthur Road jail) में कई कैदियों और कर्मचारियों के कोरोना वायरस से संक्रमित होने की खबर आयी है. मामले की अगली सुनवाई शुक्रवार को होगी.
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