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Kisaan Aandolan: राहुल गांधी ने किसान आंदोलन में महिलाओं की भागीदारी को सराहा, कहा- यह भारत में स्त्रीवाद का एक पहलू

किसान आंदोलन में महिलाओं का समूह (AP Photo/Altaf Qadri)
किसान आंदोलन में महिलाओं का समूह (AP Photo/Altaf Qadri)

Kisaan Aandolan: केंद्र के तीन कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हजारों किसान तेज ठंड के बीच शनिवार को लगातार दसवें दिन भी राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की सीमाओं पर जमे हुए हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 5, 2020, 1:43 PM IST
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नई दिल्ली. कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) ने किसान आंदोलन (Kisaan Aandolan) में महिलाओं की भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि यह भारत में स्त्रीवाद का एक पहलू है. राहुल ने एक खबर का स्क्रीनशॉट शेयर किया है, जिसमें महिलाओं के हवाले से लिखा गया है, 'हम महिलाएं चूल्हा चौका भी वहीं लगा लेंगी.' वायनाड सांसद ने कहा कि अपने अधिकार के लिए लड़ रही सभी बहनों को नमन्!

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने लिखा- आंदोलन में शामिल महिला किसान की शक्ति और संकल्प भी भारत के फ़ेमिनिज़म का एक पहलू है. कृषि क़ानूनों के रद्द होने तक ये डटकर मोदी सरकार के अत्याचारों का सामना कर रही हैं. अपने अधिकार की लड़ाई में उतरीं इन सभी बहनों को नमन!


इससे पहले राहुल ने किसान नेताओं और केंद्र सरकार के बीच दूसरे दौर की बातचीत की पृष्ठभूमि में कहा था कि कृषि संबंधी ‘काले कानूनों’ को पूरी तरह से रद्द करने से कम कुछ भी स्वीकार करना किसानों के साथ विश्वासघात होगा. उन्होंने ट्वीट किया था, ‘काले कृषि कानूनों को पूर्ण रूप से रद्द करने से कम कुछ भी स्वीकार करना भारत और उसके किसानों के साथ विश्वासघात होगा.’



नए कृषि कानूनों का विरोध कर रहे किसानों के प्रतिनिधियों और केंद्र सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों के बीच शनिवार को अगले दौर की बातचीत होने वाली है.

आठ दिसंबर को भारत बंद का आह्वान 
तेज ठंड के बीच केंद्र के तीन कृषि कानूनों का विरोध कर रहे हजारों किसान शनिवार को लगातार दसवें दिन भी राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की सीमाओं पर जमे हुए हैं. वहीं, इन कानूनों को वापस लेने की मांग के साथ किसानों के प्रतिनिधि पांचवे दौर की वार्ता के लिए सरकार से मिलने वाले हैं.

उत्तर प्रदेश और हरियाणा से दिल्ली को जोड़ने वाले रास्तों को पहले ही बाधित कर चुके आंदोलनकारी किसानों ने शुक्रवार को चेतावनी दी थी कि अगर सरकार उनकी मांगें स्वीकार नहीं करती है तो वे दूसरी सड़कों को भी बाधित करेंगे. उन्होंने आठ दिसंबर को भारत बंद का आह्वान भी किया है.

सरकार के साथ शनिवार दोपहर होने वाली बातचीत से पहले 40 किसान संगठनों के प्रतिनिधि अपनी रणनीति पर चर्चा करेंगे. किसान संगठनों ने शनिवार को सरकार और कारपोरेट घरानों के खिलाफ प्रदर्शन करने और पुतला दहन का आह्वान किया है. नए कृषि कानूनों को लेकर जारी गतिरोध को दूर करने के लिए सरकार और आंदोलनकारी किसान संगठनों के बीच बृहस्पतिवार को चौथे दौर की वार्ता बेनतीजा रही.

वहीं, किसानों ने दिल्ली में दाखिल होने के लिए अहम टिकरी, सिंघु, झरोड़ा, गाजीपुर और चिल्ला बॉर्डर को बाधित कर दिया है जिसकी वजह से यातायात प्रभावित हुआ है. पुलिस ने इन बॉर्डर पर यातायात का मार्ग परिवर्तित किया है. इसकी वजह से वैकल्पिक मार्गों पर ट्रैफिक जाम लग गया है.

पुलिस ने लगातर दसवें दिन चल रहे किसान आंदोलन के मद्देनजर दिल्ली-हरियाणा सीमा के सिंघु, टिकरी, झारोडा, झाटीकड़ा, औचंदी, लामपुर, पियाओ, मनियारी और मंगेश सीमा को बंद कर दिया है. यात्री दरौला, कापसहेड़ा, रजोकरी राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-8, बिजवासन/बजघेड़ा, पालम विहार और डुंडाहेड़ा सीमा के रास्ते हरियाणा जा सकते हैं. पुलिस ने बताया कि केवल दुपहिया और हल्के वाहनों के लिए बड़ूसराय बॉर्डर खुला है.
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