• Home
  • »
  • News
  • »
  • nation
  • »
  • किसान मोर्चा का दावा, 115 प्रदर्शनकारी तिहाड़ जेल में; CM केजरीवाल से की खास अपील

किसान मोर्चा का दावा, 115 प्रदर्शनकारी तिहाड़ जेल में; CM केजरीवाल से की खास अपील

संयुक्त किसान मोर्चा के 
प्रतिनिधियों ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की। (एएनआई)

संयुक्त किसान मोर्चा के प्रतिनिधियों ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की। (एएनआई)

Kisan Aandolan: संयुक्त किसान मोर्चा ने केजरीवाल सरकार से तिहाड़ जेल में बंद प्रदर्शनकारियों का मेडिकल बोर्ड से परीक्षण कराने का अनुरोध किया है.

  • Share this:

    नई दिल्‍ली. संयुक्त किसान मोर्चा ने मंगलवार को दावा किया है कि तिहाड़ जेल में 115 प्रदर्शनकारी बंद हैं. उन्होंने केजरीवाल सरकार से उन सभी का मेडिकल बोर्ड से परीक्षण कराने का अनुरोध किया है. संयुक्त किसान मोर्चा के प्रतिनिधियों ने कृषि कानूनों को लेकर किसान आंदोलन के संबंध में मंगलवार को दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से मुलाकात की और उन्हें अपनी मांगों के समर्थन में ज्ञापन सौंपा.


    इससे पहले संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने कहा कि पुलिस एवं प्रशासन द्वारा ‘उत्पीड़न’ बंद होने और हिरासत में लिए गए किसानों की रिहाई तक सरकार के साथ किसी तरह की ‘औपचारिक’ बातचीत नहीं होगी. कई किसान संगठनों के इस समूह ने एक बयान जारी कर यह आरोप भी लगाया कि सड़कों पर कीलें ठोकने, कंटीले तार लगाने, आंतरिक सड़क मार्गों को बंद करने समेत अवरोधक बढ़ाया जाना, इंटरनेट सेवाओं को बंद करना और ‘भाजपा एवं आरएसएस के कार्यकर्ताओं के माध्यम से प्रदर्शन करवाना’ सरकार, पुलिस एवं प्रशासन की ओर से नियोजित ‘हमलों’ का हिस्सा हैं.



    उसने दावा किया कि किसानों के प्रदर्शन स्थलों पर ‘बार-बार इंटरनेट सेवाएं बंद करना’ और किसान आंदोलन से जुड़े कई ट्विटर अकाउंट को ब्लॉक करना ‘लोकतंत्र पर सीधा हमला’ है. संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा, ‘‘ऐसा लगता है कि सरकार किसानों के प्रदर्शन को विभिन्न राज्यों से समर्थन बढ़ने से बहुत डरी हुई है." बयान में कहा गया है, ‘‘सरकार की तरफ से औपचारिक बातचीत का कोई प्रस्ताव नहीं आया है। ऐसे में हम स्पष्ट करते हैं कि गैरकानूनी ढंग से पुलिस हिरासत में लिए गए किसानों की बिना शर्त रिहाई के बाद ही कोई बातचीत होगी.’’


    गौरतलब है कि तीन कृषि कानूनों को वापस लिए जाने और फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के लिए कानूनी गारंटी देने की मांग के साथ पंजाब, हरियाणा और देश के विभिन्न हिस्सों से आए हजारों किसान दो महीनों से अधिक समय से राष्ट्रीय राजधानी की विभिन्न सीमाओं पर प्रदर्शन कर रहे हैं.


    क्या है मामला
    कृषि क्षेत्र में बड़े सुधार के तौर पर सरकार ने सितंबर में तीनों कृषि कानूनों को लागू किया था. सरकार ने कहा था कि इन कानूनों के बाद बिचौलिए की भूमिका खत्म हो जाएगी और किसानों को देश में कहीं पर भी अपने उत्पाद को बेचने की अनुमति होगी. वहीं, किसान तीनों कृषि कानूनों को रद्द करने की मांग पर अड़े हुए हैं. प्रदर्शन कर रहे किसानों का दावा है कि ये कानून उद्योग जगत को फायदा पहुंचाने के लिए लाए गए हैं और इनसे मंडी और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की व्यवस्था खत्म हो जाएगी.

    पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

    विज्ञापन
    विज्ञापन

    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज