Kisan Andolan Updates: प्रदर्शनकारी यूनियनों ने कहा, दो-तीन दिनों में अगला कदम तय करेंगे

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Kisan Andolan Updates: आज किसान आंदोलन का 24वां दिन है. दूसरी ओर से किसानों ने स्पष्ट कह दिया है कि उन्हें समाधान सरकार से चाहिए ना कि सुप्रीम कोर्ट से.

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  • Last Updated: December 19, 2020, 10:47 PM IST
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नई दिल्ली. तीन कृषि कानूनों (Farm Law) के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे किसान यूनियनों (Farme Protest) ने शनिवार को कहा कि वे अपना अगला कदम अगले दो तीन दिनों में तय करेंगे. इस सप्ताह के शुरू में उच्चतम न्यायालय (Supreme Court) ने उल्लेखित किया था कि वह गतिरोध के समाधान के लिए कृषि विशेषज्ञों और किसान यूनियनों का एक ‘‘निष्पक्ष और स्वतंत्र’’ समिति गठित करने पर विचार कर रहा है.

किसान नेता शिव कुमार कक्का ने कहा कि रणनीति तय करने के लिए यूनियनों के बीच वर्तमान में चर्चा चल रही है. उन्होंने कहा कि वे इस मामले पर कानूनी राय भी ले रहे हैं. कक्का ने कहा, ‘‘हमारी बैठकें अगले कदम के लिए हो रही हैं. हम उम्मीद करते हैं कि अगले दो-तीन दिनों में, हमारे समक्ष यह स्पष्टता होगी कि हमें अदालत द्वारा सुझाई गई समिति का हिस्सा होना चाहिए या नहीं.’’

जब तक मांगें पूरी नहीं तब तक प्रदर्शन समाप्त नहीं

एक अन्य नेता बलबीर सिंह ने कहा कि किसान तब तक अपना विरोध प्रदर्शन समाप्त नहीं करेंगे जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जाती. उन्होंने कहा, ‘‘हम एक लंबी लड़ाई के लिए तैयार हैं. हम अपने अधिकारों के लिए यहां हैं. हम अदालत के आदेश के बाद अपना रुख तय करने की प्रक्रिया में हैं.’’
नए कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग को लेकर हजारों किसान पिछले 23 दिनों से दिल्ली सीमा पर कई स्थानों पर डटे हुए हैं.

अब तक 33 किसानों की हुई मौत

इस बीच, ऑल इंडिया किसान सभा (एआईकेएस) ने शनिवार को दावा किया कि 26 नवंबर से जारी विरोध प्रदर्शनों में भाग लेने वाले 33 किसानों की मौत दुर्घटनाओं, बीमारी और ठंड के मौसम की वजह से हुई है. एआईकेएस के अनुसार, जान गंवाने वाले किसानों को श्रद्धांजलि देने के लिए रविवार को देश के विभिन्न हिस्सों में 'श्रद्धांजलि दिवस' मनाया जाएगा.



इस सप्ताह की शुरुआत में, उच्चतम न्यायालय ने किसानों के अहिंसक विरोध प्रदर्शन के हक को स्वीकारते हुए सुझाव दिया कि केन्द्र फिलहाल इन तीन विवादास्पद कानूनों पर अमल स्थगित कर दे क्योंकि वह इस गतिरोध को दूर करने के इरादे से कृषि विशेषज्ञों की एक ‘निष्पक्ष और स्वतंत्र’ समिति गठित करने पर विचार कर रहा है. हालांकि, केंद्र ने इस सुझाव का विरोध किया और कहा कि अगर इन कानूनों का अमल स्थगित रखा गया तो किसान बातचीत के लिए आगे नहीं आएंगे.

खट्टर ने की कृषि मंत्री से मुलाकात

शनिवार को हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर (Haryana CM Manohar Lal Khattar) ने केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर (Agriculture Minister Narendra Singh Tomar) से मुलाकात की. दोनों नेताओं ने कृषि कानूनों पर चर्चा की. कृषि मंत्री से मुलाकात के बाद मनोहर लाल खट्टर ने कहा कि मेरा मानना ​​है कि अगले 2-3 दिन में सरकार और किसानों में बात हो सकती है. किसानों के विरोध का समाधान चर्चा के माध्यम से निकलना चाहिए.

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किसानों के साथ खड़ा होना नैतिक जिम्मेदारी

हरियाणा के प्रभावशाली जाट नेता सिंह ने कहा, ‘‘इसलिए आज किसानों की लड़ाई में उनके साथ खड़े होना मेरी नैतिक जिम्मेदारी है. इसलिए मैंने इस लड़ाई को समर्थन देने का फैसला किया है.’’ उन्होंने कहा कि वह और उनके समर्थक दिल्ली से लगने वाले हरियाणा के जिलों में सांकेतिक अनशन करेंगे. शुक्रवार को सिंह ने अपने समर्थकों के साथ रोहतक में चौधरी छोटू राम विचार मंच के बैनर तले धरना दिया था.




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