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SC on Kisan Andolan: किसानों आंदोलन पर कल जारी होगा आदेश, SC ने कमिटी के लिए सरकार से मांगे नाम

Farmers Protest 47 Day LIVE UPDATES: सुप्रीम कोर्ट ने सरकार ने कमेटी बनाने के लिए नाम मांगे हैं. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि कल तक नाम सौंप दिए जाएंगे. ऐसे में बिना आदेश पास किए ही आज की सुनवाई खत्म हो गई.

Hindi.news18.com | January 12, 2021, 9:07 PM IST
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Last Updated January 12, 2021

हाइलाइट्स

2:12 pm (IST)
बहादुरगढ़ के टिकरी बॉर्डर (Tikri Border) पर आंदोलन में शामिल एक और किसान की मौत हो गई. 60 वर्षीय किसान जगदीश की हार्ट अटैक (Heart Attack) से मौत हो गई है. मृतक किसान बहादुरगढ़ बाईपास पर गांव वालों के साथ ट्रॉली में रह रहा था. मृतक किसान पंजाब के श्री मुक्तसर साहिब के लुडेवाला गांव का रहने वाला था. पुलिस ने मृतक किसान के शव को कब्जे में लेकर नागरिक अस्पताल भिजवा दिया है. टिकरी बॉर्डर पर अब तक 15 किसानों की मौत हो चुकी है.

 

1:58 pm (IST)

सीजेआई ने कहा कि क्या आप उनसे उनकी सहमति पूछेंगे? सॉलिसिटर ने कहा कि हम भी सुझाव देंगे. कल तक समय दीजिए. CJI ने कहा हम आज की सुनवाई बंद कर रहे हैं. अटॉर्नी जनरल ने कहा कि जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए. इसपर CJI ने जवाब दिया- 'हमें जल्दबाजी पर लेक्चर मत दीजिए. हमने बहुत समय दिया है.'

 

1:58 pm (IST)

चीफ जस्टिस ने कहा- 'मैं रिस्क ले रहा हूं. आप बुजुर्गों को बताइए कि चीफ जस्टिस चाहते हैं कि बुजुर्ग वापस चले जाएं.' इसपर अटॉर्नी जनरल ने कहा कि कमिटी के सामने भी लोग अड़ियल रुख अपनाएंगे. कहेंगे कि कानून वापस लो. इसके बाद सीजेआई ने कहा, 'हमें उनकी समझदारी पर भरोसा है. हम विरोध के लिए वैकल्पिक जगह नहीं दे रहे. क्या हम किसी पूर्व CJI को कमिटी के प्रमुख बनाएं. जस्टिस लोढ़ा का नाम कैसा रहेगा?' दुष्यंत दवे ने इसे सही कहा. 

1:45 pm (IST)
सुप्रीम कोर्ट ने सरकार ने कमेटी बनाने के लिए नाम मांगे हैं. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि कल तक नाम सौंप दिए जाएंगे. ऐसे में बिना आदेश पास किए ही आज की सुनवाई खत्म हो गई.

1:43 pm (IST)

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, 'सरकार किसानों की समस्याओं की हर पहलू से विचार कर रही है. आपका ये कहना है कि सरकार मामले को ठीक से हैंडल नहीं कर रही, बहुत कठोर टिप्पणी है. इसपर सीजेआई ने कहा- 'ये तो आज की सुनवाई में हमारी ओर से दिया गया सबसे तथ्यपूर्ण बयान है.

1:41 pm (IST)
AG केके वेणुगोपाल ने कोर्ट को बताया- '2000 किसान प्राइवेट पार्टियों के साथ पहले ही करार कर चुके हैं. अब ऐसे में कृषि कानूनों पर रोक लगाने से उनका भारी नुकसान होगा.'

1:30 pm (IST)

सुनवाई के दौरान एक याचिकाकर्ता के वकील पी एस नरसिम्हा ने कहा कि कुछ ही लोग विरोध कर रहे हैं. इसपर चीफ जस्टिस ने कहा कि हो सकता है आपके क्लायंट और कई लोगों को कानून सही लगता हो, लेकिन इससे मौजूदा समस्या का हल नहीं होगा. बेहतर है कानून पर रोक लगे और सब कमिटी के पास जाएं. नरसिम्हा ने कहा कि सरकार को थोड़ा समय दें. सीजेआई ने पूछा- अगर हिंसा हुई तो किसकी ज़िम्मेदारी होगी?

 

1:22 pm (IST)

हालांकि, किसान महापंचायत की ओर से कहा गया कि उन्हें दिल्ली नहीं आने दिया जा रहा है. वो कमेटी के सुझाव का स्वागत करते हैं और प्रदर्शन को शांतिपूर्ण ढंग से ही जारी रखेंगे. 

 

1:22 pm (IST)
अदालत में सरकार की ओर से कहा गया कि अदालत सरकार के हाथ बांध रही है, हमें ये भरोसा मिलना चाहिए कि किसान कमेटी के सामने बातचीत करने आएंगे. किसान संगठन की ओर से दुष्यंत दवे ने कहा कि हमारे 400 संगठन हैं, ऐसे में कमेटी के सामने जाना है या नहीं हमें ये फैसला करना होगा. जिसपर अदालत ने कहा कि ऐसा माहौल ना बनाएं कि आप सरकार के पास जाएंगे और कमेटी के पास नहीं. सरकार की ओर से कहा गया है कि किसानों को कमेटी में आने का भरोसा देना चाहिए.

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Farmers Protest 47 Day LIVE UPDATES: मोदी सरकार के नए कृषि सुधार कानूनों (New Agriculture Law 2020) की वापसी को लेकर देशभर के किसानों के आंदोलन का आज 46वां दिन है. केंद्र सरकार और किसानों के बीच अब तक सिर्फ दो बातों पर सहमति बनी है. कानूनों की वापसी को लेकर किसानों के कड़े रुख के चलते मसला हल नहीं हो पा रहा है. किसान यह भी चाहते हैं कि सरकार किसी भी तरह की खरीद में न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी एमएसपी की गारंटी दे. इस बीच किसान आंदोलन और कृषि कानूनों से जुड़े सभी मामलों की सुप्रीम कोर्ट आज सुनवाई हुई. सुप्रीम कोर्ट ने सरकार ने कमेटी बनाने के लिए नाम मांगे हैं. सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि कल तक नाम सौंप दिए जाएंगे. ऐसे में बिना आदेश पास किए ही आज की सुनवाई खत्म हो गई.

सरकार की ओर से अदालत में कहा गया कि दोनों पक्षों में हाल ही में मुलाकात हुई, जिसमें तय हुआ है कि चर्चा चलती रहेगी. चीफ जस्टिस ने कहा कि जिस तरह से सरकार इस मामले को हैंडल कर रही है, हम उससे खुश नहीं हैं. हमें नहीं पता कि आपने कानून पास करने से पहले क्या किया. पिछली सुनवाई में भी बातचीत के बारे में कहा गया, क्या हो रहा है?





किसान आंदोलन से जुड़ी खबरों और अपडेट्स के लिए इस लाइव पेज को रिफ्रेश करते रहिए...

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