'हर घर से एक व्‍यक्ति, हर गांव से 10 महिलाएं'.. किसानों का ट्रैक्‍टर मार्च को लेकर क्‍या है प्‍लान?

किसान आंदोलन के तहत 26 जनवरी को किसानों द्वारा ट्रैक्‍टर मार्च निकाले जाने का प्‍लान है...

किसान आंदोलन के तहत 26 जनवरी को किसानों द्वारा ट्रैक्‍टर मार्च निकाले जाने का प्‍लान है...

26 January Kisan Tractor March : किसान नेता जगमोहन सिंह ने कहा कि 'अभी तक के प्‍लान के मुताबिक, हमने सभी से अपील की है कि ज्‍यादा से ज्‍यादा लोग इस मार्च में शामिल हों. 22-23 जनवरी को पंजाब, हरियाणा, राजस्‍थान, उत्‍तर प्रदेश और अन्‍य राज्‍यों के किसान ट्रैक्‍टर मार्च में शामिल होकर दिल्‍ली की तरफ चल देंगे.

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  • Last Updated: January 12, 2021, 9:07 PM IST
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नई दिल्‍ली : कृषि बिल (Agricultural Law) के विरोध में चल रहे किसान आंदोलन (Kisan Andolan) के तहत 26 जनवरी को दिल्‍ली (Delhi) में होने वाले किसान ट्रैक्‍टर मार्च (Kisan Tractor March) को लेकर सरगर्मियां तेज हैं. जहां दिल्‍ली पुलिस ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) से किसानों के इस मार्च पर रोक लगाने को कहा है, वहीं किसान भी इस मसले पर बिल्‍कुल झुकने को तैयार नहीं हैं. वह अपने इस मार्च को सफल बनाने की तैयारियों में जुटे हुए हैं. इसके तहत किसान नेताओं की ओर से अपील की गई है कि हर घर से एक व्‍यक्ति और हर गांव से कम से कम 10 महिलाएं इस मार्च में शामिल हों.

किसान नेता जगमोहन सिंह ने कहा कि 'अभी तक के प्‍लान के मुताबिक, हमने सभी से अपील की है कि ज्‍यादा से ज्‍यादा लोग इस मार्च में शामिल हों. 22-23 जनवरी को पंजाब, हरियाणा, राजस्‍थान, उत्‍तर प्रदेश और अन्‍य राज्‍यों के किसान ट्रैक्‍टर मार्च में शामिल होकर दिल्‍ली की तरफ चल देंगे. उन्‍होंने कहा कि अपील में यह भी कहा गया है कि जो लोग दिल्‍ली नहीं सकते, वह अपने शहरों, गांवों में ही ट्रैक्‍टर मार्च निकालें, ताकि सरकार तक संदेश को पहुंचाया जा सके. इसी के अंतर्गत कल गंगानगर में 1000 ट्रैक्‍टरों के जरिये किसानों ने मार्च निकाला है, ताकि कृषि बिल के विरुद्ध सरकार को अपना सांकेतिक विरोध जताया जा सके.

उनके अनुसार, हम देशभर में 6 से लेकर 20 जनवरी तक किसान जागृति पखवाड़ा मना रहे हैं, जिसके तहत किसानों को हर जगह जागरूक किया जा रहा है.

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उधर, दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारी किसानों द्वारा 26 जनवरी को ट्रैक्टर रैली निकालने की मंशा को लेकर सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल की है, जिसमें कहा गया है कि 26 जनवरी को किसानों के द्वारा ट्रैक्टर मार्च न निकालने का आदेश सुप्रीम कोर्ट जारी करे. आज इस पर सुनवाई होगी. किसान नेता जगमोहन सिंह ने कहा कि हमारी नज़र सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर है. सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद संयुक्‍त किसान मोर्चा की बैठक होगी, जिसमें अंतिम निर्णय लिया जाएगा.

वहीं, बुधवार को लोहड़ी पर किसानों द्वारा देशभर में लोहड़ी की आग में कृषि बिल की कॉपियां जलाए जाने की योजना बनाई गई है. किसान आंदोलन में शामिल नेताओं की ओर से कहा गया है कि जो भी लोहड़ी मनाएगा, वह बिल की कॉपी जलाएगा.

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