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Kisan Andolan: सिंघु बॉर्डर पर खुला किसान मॉल, मुफ्त मिलता है जरूरत का हर सामान

Kisan Mall से सामान की खरीददारी करते जरूरतमदं किसान
Kisan Mall से सामान की खरीददारी करते जरूरतमदं किसान

केन्द्र के तीन नए कृषि कानूनों (Farm Laws) और एमएसपी (MSP) की कानूनी गारंटी पर सरकार के साथ बातचीत बेनतीजा रहने के बाद हजारों किसान (Kisan Andolan) दिल्ली से लगी सीमाओं पर डटे हुए हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: January 1, 2021, 5:39 PM IST
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नई दिल्ली. केंद्र के कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन (Farmers Protest) कर रहे किसानों की रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने के लिए टिकरी और सिंघु बॉर्डर पर किसान मॉल (Kisan Mall) खोले गए हैं. अंतरराष्ट्रीय गैर सरकारी संगठन खालसा एड (Khalsa Aid) इन मॉल्स को चला रहा है. यहां किसानों को मुफ्त में जरूरत के सामान दिए जा रहे हैं. यहां किसानों को टूथब्रश, टूथपेस्ट, चप्पल, तेल, शैंपू, कंघी, सैनैट्री पैड, अंडर गारमेंट्स सरीखे सामान मिल रहे हैं. इसके साथ ही किसानों के बड़े जत्थों के लिए गीजर और वॉशिंग मशीन जैसे सामान भी मुफ्त में मिल सकते हैं. खालसा एड के लोगों ने बताया कि इस मॉल को ऑपरेट करने के लिए उन्हें पूरे देश से मदद मिल रही है.

मॉल में सामान लेने आने वालों की भीड़ इकट्टा ना हो इसके लिए टोकन सिस्टम लागू किया गया है. मॉल ऑपरेटर्स की ओऱ से किसानों को टोकन देते हैं. एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार खालसा एड के वॉलंटियर कुलवीर सिंह ने कहा कि टिकरी सीमा पर जब मॉल शुरू किया गया तो बहुत आपाधापी मच गई. ऐसे में टोकन सिस्टम शुरू किया गया.

ऐसे मिल सकता है सामान
बताया गया कि खालसा एड एक दिन में लगभग 700 टोकन बांटती है. किसान को यह टोकन मॉल के एंट्री पॉइंट पर दिखाना होता है. जहां एक स्लिप मिलती है. यहां वह अपना नाम, आधार नंबर और फोन नंबर लिखने के बाद उस सामान पर टिक लगाते हैं जिसकी उन्हें जरूरत है. इसके बाद वह मॉल में जाकर सामान लेते हैं.







साल 2013 में चैरिटेबल ट्रस्ट के तौर पर रजिट्रेशन कराने वाला ‘खालसा ऐड इंडिया’ सिंघु और टिकरी बॉर्डर पर किसानों के आंदोलन के पहले दिन से ही वहां मदद में जुटा है. शुरुआत में केवल लंगर लगाए गए. इसके बाद प्रदर्शनकारी किसानों की अन्य जरूरतों को पूरा करने की ओर ध्यान गया. एनजीओ अभी 600 बिस्तरों वाला एक आश्रय स्थल चला रहा है. इसके अलावा दो किसान मॉल भी चलाए जा रहे हैं जिसमें जरूरतमंदों को रोजाना इस्तेमाल के सामान दिए जाते हैं.
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