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कांग्रेस अध्यक्ष चुनाव : केएन त्रिपाठी का नामांकन पत्र खारिज, अब खड़गे और थरूर बीच मुकाबला

Delhi News: झारखंड के पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी ने कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के चुनाव में नामांकन दाखिल किया. उनका नामांकन रद्द हो गया है. (ANI)

Delhi News: झारखंड के पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी ने कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के चुनाव में नामांकन दाखिल किया. उनका नामांकन रद्द हो गया है. (ANI)

National News: कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने की सोच रहे झारखंड के पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी को तगड़ा झट ...अधिक पढ़ें

हाइलाइट्स

कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के चुनाव में नया मोड़
झारखंड से उम्मीदवार केएन त्रिपाठी का नामांकर रद्द
एक छोटी सी गलती ने कर दिया रेस से बाहर

नई दिल्ली. कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के चुनाव में अपनी एंट्री से सबको चौंकाने वाले केएन त्रिपाठी का नामांकन रद्द हो गया है. कांग्रेस सेंट्रल इलेक्शन अथॉरिटी चीफ मधुसूदन मिस्त्री ने शनिवार को बताया कि त्रिपाठी का नामांकन नियमों पर खरा नहीं उतरा. उसमें उनके हस्ताक्षर से संबंधित गलती थी. मिस्त्री ने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष पद के चुनाव के लिए कुल 20 फॉर्म भरे गए. इसमें से स्क्रूटनी कमेटी ने गलत सिग्नेचर होने की वजह से 4 फॉर्म रद्द कर दिए. इसके बाद अब कांग्रेस अध्यक्ष पद पर मल्लिकार्जुन खड़गे और शशि थरूर के बीच मुकाबला होगा.

नामांकन वापस लेने की आखिरी तारीख 8 अक्टूबर है. इसलिए चुनाव की जुड़ी तस्वीर उसके बाद ही स्पष्ट होगी. मिस्त्री ने कहा कि अगर तब तक कोई उम्मीदवार नामांकन वापस नहीं लेता है तो मतगणना की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी. गौरतलब है कि झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी ने नई दिल्ली में शुक्रवार को अपना नामांकन दाखिला किया था. नामांकन दाखिल करने के बाद उन्होंने कहा, ”मैंने आज पार्टी अध्यक्ष पद के लिए अपना नामांकन दाखिल किया है। पार्टी नेताओं का जो भी निर्णय होगा उसका सम्मान करेंगे.”

राजनीति में भी अचानक की थी एंट्री
राजनीति में आने से पहले त्रिपाठी एयरफोर्स में थे. उन्होंने सेना की नौकरी छोड़ी और साल 2005 में राजनीति में प्रवेश किया. उन्होंने कांग्रेस के टिकट पर पहली बार डालटनगंज सीट से चुनाव लड़ा. यहां वह इंदर सिंह नामधारी से हार गए. साल 2009 में कांग्रेस ने फिर इन्हें डालटनगंज सीट से टिकट दी. इस बार वह  जीत गए. विधायक बनने के बाद उन्हें राज्य सरकार में ग्रामीण विकास मंत्री बनाया गया.

ये है फैमिली बैकग्राउंड
बता दें, डालटनगंज के रेडमा काशी नगर मोहल्ले के रहने वाले केएन त्रिपाठी किसान परिवार से तालुक्क रखते हैं. उनका जन्म 3 अप्रैल 1972 को अपने ननिहाल बिश्रामपुर के तोलरा गांव में हुआ. त्रिपाठी ने प्रारंभिक पढ़ाई डालटनगंज के दसमेश मॉडल स्कूल से की. इसके बाद उन्होंने जिला स्कूल से मैट्रिक की परीक्षा पास की. डालटनगंज जीएलए कॉलेज से इंटरमीडिएट और ग्रेजुएशन किया.

वायु सेना में की नौकरी
बाद में केएन त्रिपाठी वायु सेना में नियुक्त हो गए. बेंगलुरु और सूरतगढ़ में पोस्टिंग के बाद उन्होंने सेना की नौकरी छोड़ दी और सियासत में आ गए. गौरतलब है कि 2 अक्टूबर 2000 को गांधी जयंती के अवसर पर कृष्णानंद त्रिपाठी एक सभा में शामिल हुए. इस सभा से उन्होंने सियासत की ओर कदम बढ़ा दिया. उनके पिता पंडित जग नारायण त्रिपाठी किसान थे. पूर्व मंत्री के दो बच्चे नम्रता व तेजश्विनी कृष्ण त्रिपाठी हैं.

Tags: AICC, New Delhi news

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