कौन बन सकता है अमेरिकी राष्ट्रपति और कौन नहीं?

कौन बन सकता है अमेरिकी राष्ट्रपति और कौन नहीं?
मौजूदा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा. (File Photo)

US Presidential Election 2020: चर्चा है कि डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) दोबारा राष्ट्रपति बन पाएंगे या फिर जो बिडेन (Joe Biden) नये अमेरिकी राष्ट्रपति होंगे. इस बीच, आपको यह जानना चाहिए कि नियम कायदों के मुताबिक अमेरिका का राष्ट्रपति बनने के लिए किस तरह की योग्यताएं ज़रूरी हैं.

  • News18India
  • Last Updated: September 13, 2020, 3:19 PM IST
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अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव (US Presidential Poll) के लिए करीब 8 हफ्ते का समय बचा है. एक तरफ रिपब्लिकन पार्टी (Republican) के डोनाल्ड ट्रंप एड़ी चोटी का ज़ोर लगाकर दोबारा कुर्सी पर काबिज़ होना चाह रहे हैं, तो दूसरी तरफ, डेमोक्रेट जो बिडेन (Democrat) मज़बूत दावा पेश कर रहे हैं. दुनिया भर में सुर्खियों में छाए अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव को लेकर भारत में भी खासा चाव बना हुआ है. ऐसे में जानिए कि अमेरिका में राष्ट्रपति बनने के लिए कौन व्यक्ति पात्र होता है.

कुदरती तौर पर अमेरिकी नागरिक
अगर कोई व्यक्ति अमेरिका में राष्ट्रपति पद के लिए चुनाव लड़ना चाहता है, तो सबसे पहले उसके लिए कुदरती तौर पर अमेरिका के नागरिक के तौर पर पैदा होने की शर्त है और अमेरिकी नागरिकता रखने की भी. यानी इस नियम के तहत यदि कोई शिशु अमेरिका में जन्म लेता है, तो वह अमेरिकी नागरिक है. इसके अलावा, अमेरिकी नागरिकता वाले अभिभावकों का अमेरिका के बाहर जन्मा शिशु या दो में से एक अमेरिकी अभिभावक का शिशु, अमेरिकी नागरिक माना जाता है.

अमेरिकी राष्ट्रपति के लिए न्यूनतम अनिवार्यता के लिए यह शर्त 1789 से चली आ रही है और वैसी की वैसी ही है, जब पहले राष्ट्रपति जॉर्ज वॉशिंग्टन राष्ट्रपति बने थे. हालांकि इसके अलावा और भी दो खास शर्तें हैं.
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और शर्तें क्या हैं?
अमेरिकी राष्ट्रपति बनने के लिए अमेरिकी संविधान के आर्टिकल II के सेक्शन 1 के पांचवे क्लॉज़ में तीन पात्रताएं बताई गई हैं, जो इस तरह हैं :

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अमेरिका का राष्ट्रपति भवन व्हाइट हाउस.


1. पैदाइश के साथ ही कुदरती तौर पर अमेरिकी नागरिक होना
2. उम्र कम से कम 35 साल होना
3. कम से कम 14 साल तक अमेरिका निवासी होना

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इन तीन शर्तों को पूरा करने के बावजूद किसी उम्मीदवार को राष्ट्रपति पद ग्रहण करने से अयोग्य ठहराया जा सकता है, अगर वो ये तीन शर्तें और नहीं पूरी करता :

1. कोई भी व्यक्ति दो बार से ज़्यादा राष्ट्रपति बन नहीं सकता. संविधान के 22वें संशोधन के तहत यह प्रावधान है और यह भी कि अगर कोई व्यक्ति अपने कार्यकाल के दो साल पूरे करने के बाद राष्ट्रपति पद से हट चुका था, तब भी वह दो ही बार निर्वाचित राष्ट्रपति हो सकता है.

2. आर्टिकल 1 के सेक्शन 3 के क्लॉज़ 7 के मुताबिक अगर किसी व्यक्ति पर राष्ट्रपति रहते हुए महाभियोग चल चुका है और वह दोषी पाया जा चुका, तो इस स्थिति में सीनेट के पास विकल्प है कि वह उस व्यक्ति को राष्ट्रपति या किसी अहम संघीय पद पर निर्वाचित करे.

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3. 14वें संशोधन के सेक्शन 3 के मुताबिक किसी व्यक्ति ने संविधान की शपथ ली हो और बाद में यूएस के खिलाफ विद्रोह किया हो तो वह राष्ट्रपति नहीं बन सकेगा. हालांकि ऐसी स्थिति में अयोग्यता तब मानी जाएगी जब कांग्रेस के हर सदन में दो तिहाई बहुमत इस पक्ष में हो.

क्या राज्यों के अपने भी कुछ कायदे हैं?
चूंकि संयुक्त राज्य अमेरिका कई राज्यों का एक संघ है इसलिए ये भी जानना चाहिए कि इस मामले में राज्यों की क्या भूमिका रहती है. 2008 में जब अमेरिका के इतिहास में पहली बार अश्वेत के रूप में बराक ओबामा राष्ट्रपति चुने गए थे, उससे पहले तक राज्यों में इस मामले में कुछ खास कायदे नहीं थे और वो संघ के नियम व शर्तों का ही पालन करते थे.

साल 2008 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव के दौरान विवाद हुआ था कि ओबामा अमेरिका के कुदरती तौर पर नागरिक नहीं हैं, जो संविधान के हिसाब से अनिवार्य है. तब इस तरह की थ्योरीज़ आई थीं कि ओबामा को राष्ट्रपति पद के लिए अयोग्य माना जाए. तब आयोवा, न्यू हैम्पशायर और कनेक्टिकट जैसे राज्यों की विधायिका ने यह प्रावधान अनिवार्य किया था कि भविष्य में उम्मीदवारों को अपने गृह राज्य में राष्ट्रपति पद के लिए योग्य होने संबंधी दस्तावेज़ दिखाने होंगे.
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