लाइव टीवी

ऊं या श्री गणेश नम: नहीं, बिस्मिल्लाह से शुरू होती है ये रामायण

News18Hindi
Updated: October 13, 2019, 2:42 PM IST
ऊं या श्री गणेश नम: नहीं, बिस्मिल्लाह से शुरू होती है ये रामायण
संस्कृत की रामायण को सुमेर चंद नाम के लेखक ने फारसी में अनुवाद किया है.

इस रामायण (Ramayana) की खास बात यह है कि इसकी शुरुआत ऊं या श्री गणेशाय नम: के साथ न होकर पवित्र कुरान (Quran) की सबसे पहली आयत 'बिस्मिल्लाह अर्रहमान-अर्रहीम' (शुरू करता हूं मैं अल्लाह के नाम से, जो अत्यंत दयालु और कृपालु है) से शुरू होती है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 13, 2019, 2:42 PM IST
  • Share this:
रामायण (Ramayana) हिंदू धर्म के सबसे पवित्र धार्मिक ग्रंथों (Religious texts) में से एक है. इस ग्रंथ की रचना महर्षि वाल्मीकि (maharishi valmiki) ने संस्कृत (Sanskrit) में की थी, लेकिन ऐसा कम ही लोगों को पता होगा कि दुनिया में एक ऐसी भी रामायण है, जिसकी शुरुआत संस्कृत से न होकर पवित्र कुरान (Quran) की सबसे पहली आयत 'बिस्मिल्लाह अर्रहमान-अर्रहीम' से होती है. इस अनोखी रामायण की एकमात्र प्रति रामपुर की रज़ा लाइब्रेरी में मौजूद है.

इस रामायण की खास बात यह है कि इसकी शुरुआत ऊं या श्री गणेशाय नम: के साथ न होकर पवित्र कुरान की सबसे पहली आयात 'बिस्मिल्लाह अर्रहमान-अर्रहीम' (शुरू करता हूं मैं अल्लाह के नाम से, जो अत्यंत दयालु और कृपालु है) से शुरू होती है.

Ramayana, religious texts, Maharishi Valmiki, Sanskrit, Quran,
रामायण में जहां-जहां पर रावण की तस्वीर लगी है उसके सिर के ऊपर गधे को दिखाया गया है.


बता दें कि तीन सौ साल पहले महर्षि वाल्मीकि रचित संस्कृत की रामायण को सुमेर चंद नाम के लेखक ने फारसी में अनुवाद किया था. इसके बाद फारसी में लिखी इस रामायण का प्रोफेसर शाह अब्दुस्सलमान और डॉ. वकारुल हसन सिद्दीकी ने हिंदी में अनुवाद किया है.

Ramayana, religious texts, Maharishi Valmiki, Sanskrit, Quran,
इस अनोखी रामायण की एकमात्र प्रति रामपुर की रजा लाइब्रेरी में मौजूद हैं.


फारसी में लिखी गई इस रामायण के बीच-बीच में कई खूबसूरत फोटो भी लगाई गई है. इन फोटो को देखने पर भी बिल्कुल अलग अनुभव होता है. रामायण में जहां-जहां पर रावण की तस्वीर लगी है उसके सिर के ऊपर गधे को दिखाया गया है. गधे को सिर पर दिखाने का कारण रावण का सीता को हरण करना था.

Ramayana, religious texts, Maharishi Valmiki, Sanskrit, Quran,
सुमेर चंद ने फारसी में अनुवादित रामायण को सन 1713 में लिखा था.

Loading...

सुमेर चंद ने रामायण का फारसी में अनुवाद सन 1713 में किया था. मुगल शासक फर्रुखसिर के शासनकाल में संस्कृत की रामायण का फारसी अनुवाद किया गया था. यह रामायण मुगल शैली की 258 तस्वीरों वाली पहली रामायण है.

यह भी पढ़ें-

जपजी साहब : गुरूनानकजी की जोत का 19 भाषाओं में अनुवाद
जानें 'संत' घोषित होने जा रहीं भारत की ये नन कौन हैं
चुनाव में संभालते हैं सुरक्षा, लेकिन 57 साल से इन्हें नहीं मिला वोट देने का हक

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: October 13, 2019, 12:14 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...