Re-Polling: पश्चिमी त्रिपुरा सीट के 168 केंद्रों पर 72.32% मतदान हुआ

त्रिपुरा के 168 पोलिंग स्टेशनों पर छठे चरण के साथ पुनर्मतदान हुआ.
त्रिपुरा के 168 पोलिंग स्टेशनों पर छठे चरण के साथ पुनर्मतदान हुआ.

पश्चिम त्रिपुरा लोकसभा सीट पर पहले चरण में 11 अप्रैल को मतदान हुआ था, लेकिन माकपा और कांग्रेस ने पुनर्मतदान की मांग की थी. चुनाव आयोग ने सभी 1,679 केंद्र के बजाय 168 केंद्रों पर फिर से वोटिंग का आदेश दिया.

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पश्चिमी त्रिपुरा लोकसभा सीट के 168 मतदान केंद्रों पर रविवार को पुनर्मतदान हुआ. इस दौरान क्षेत्र के 1,41,251 मतदाताओं में 72.32 फीसदी ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया. शांतिपूर्ण मतदान के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CRPF) की 15 कंपनियां तैनात की गईं थीं.

मुख्य निर्वाचन अधिकारी श्रीराम तरनिकांति ने बताया कि मतदान शांतिपूर्ण रहा. पीठासीन अधकारी विकाश सिंह ने बताया कि वाडियो बनाने के लिए पोलिंग बूथों के अंदर और बाहर कैमरे लगाए गए थे. इसके अलावा मतदान के दौरान होने वाली हर घटना की रिकॉर्डिंग के लिए अतिरिक्त वीडियोग्राफर्स को भी लगाया गया था. मतदान केंद्रों के बाहर धारा-144 लागू कर दी गई थी. साथ ही सुरक्षाबल भी मुस्तैद थे.

लोगों को डराने-धमकाने का आरोप



डीआईजी अरिंदम नाथ ने बताया कि कुछ जगह पर मतदाताओं को डराने-धमकाने की घटनाएं हुईं. सिपाहीजाला जिले के कस्बा व चेलीखोला और गोमती जिले के तोताबरी से लोगों को धमकाने की सूचना मिली थी. एक मामले में कस्बा के बिजॉय दास को पकड़ा गया है. माकपा और कांग्रेस ने पुनर्मतदान के दौरान लोगों को डराने-धमकाने और हमले का आरोप लगाया है. त्रिपुरा कांग्रेस के उपाध्यक्ष तपस डे ने कहा कि कई जगह से हिंसा की सूचना मिली है.
पक्ष-विपक्ष में आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी 

माकपा के प्रदेश सचिव गौतम दास ने कहा पुनर्मतदान शांतिपूर्ण नहीं था. उन्होंने आरोप लगाया कि सत्तारूढ़ बीजेपी के गुंडों ने माकपा कार्यकर्ताओं पर कई जगह हमले किए. वहीं, बीजेपी के प्रवक्ता डॉ. अशोक सिन्हा ने दावा किया कि बिशालगढ़ में कुछ पाेलिंग एजेंटों पर माकपा कार्यकर्ताओं ने हमला किया. उन्होंने कहा कि माकपा कार्यकर्ताओं ने हमारे लोगों पर हमला किया और अब हम पर ही आरोप लगा रहे हैं. यह माकपा की पुरानी आदत है.

इस सीट पर 11 अप्रैल को हुआ था मतदान 

पश्चिम त्रिपुरा लोकसभा सीट पर पहले चरण में 11 अप्रैल को मतदान हुआ था, लेकिन विपक्षी दल माकपा और कांग्रेस ने पुनर्मतदान की मांग की थी. हालांकि, चुनाव आयोग ने पूरे लोकसभा क्षेत्र में पुनर्मतदान के बजाय 168 केंद्रों पर फिर से वोटिंग कराने का आदेश दिया. इस सीट पर मतदान के लिए 1,679 केंद्र बनाए गए थे. पहले चरण में आरोप-प्रत्यारोप के बाद आयोग ने पूर्वी त्रिपुरा सीट पर होने वाले 18 अप्रैल के मतदान को 23 अप्रैल को तीसरे चरण में कराया था.

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