मोदी लहर में भी इन पार्टियों ने जीती थीं 203 लोकसभा सीटें, इस बार क्या होगा?

ओम प्रकाश | News18Hindi
Updated: March 11, 2019, 4:26 PM IST
मोदी लहर में भी इन पार्टियों ने जीती थीं 203 लोकसभा सीटें, इस बार क्या होगा?
क्या इस बार भी क्षेत्रीय पार्टियों पर मेहरबान होगा वोटर?

2014 की मोदी लहर में भी जिन क्षेत्रीय पार्टियों ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया था उनमें एआईएडीएमके, बीजेडी, शिवसेना, टीडीपी, टीआरएस एवं वाईएसआर कांग्रेस शामिल हैं

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 11, 2019, 4:26 PM IST
  • Share this:
लोकतंत्र का महापर्व शुरू हो चुका है. 2014 के लोकसभा इलेक्शन में जिसे जितनी सीटें मिली थीं वो पार्टी उससे अच्छे प्रदर्शन के लिए रणनीति बना रही है. देश की दो बड़ी राष्ट्रीय पार्टियों बीजेपी और कांग्रेस को अपना सियासी किला मजबूत करने के लिए क्षेत्रीय दलों के सहयोग की जरूरत पड़ रही है. बीजेपी, कांग्रेस की इस जरूरत की वजह से क्षेत्रीय पार्टियां अपनी राजनीतिक ख्वाहिशें पूरी करने की कोशिश कर रही हैं. 2014 के चुनाव में राष्ट्रीय पार्टियों ने 342 सीटों पर कब्जा जमाया था,  जबकि क्षेत्रीय दलों ने 203 सीट पर. मोदी लहर के बावजूद रीजनल पार्टियों ने अपना दमखम दिखाया था. इसलिए ये दल इस बार भी बड़ी पार्टियों के लिए काफी महत्वपूर्ण बने हुए हैं. (ये भी पढ़ें: लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू, फिर भी नहीं रुकेंगे आपके ये काम!)

लोकसभा चुनाव 2019, आम चुनाव 2019, 2019 general election, model code of conduct, मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट, चुनाव आयोग, 2014 में राजनीतिक पार्टियों का प्रदर्शन, performance of political party 2014, बीजेपी, कांग्रेस, सपा, बसपा, टीडीपी, टीआरएस, टीएमसी, आरजेडी, डीएमके, एनसीपी, सीपीएम, आरएलडी, शिवसेना, टीडीपी, नेशनल कांफ्रेंस, पीडीपी, आरएलएसपी, Election Commission, Lok Sabha Elections 2019, Lok Sabha poll schedule, 2019 Lok Sabha election schedule, bjp, congress, sp, bsp, rjd, narendra modi, youth voter, dates of 2019 lok sabha election, 2019 लोकसभा चुनाव की तारीख, rjd, नरेंद्र मोदी, आरजेडी, युवा मतदाता, first time voter, TDP, PDP, TRS, TMC, RLSP, Shiv Sena, om prakash rajbhar, anupriya patel, seat wise election date 2019,         2014 में  ये थी राष्ट्रीय पार्टियों की ताकत

कांग्रेस और बीजेपी दोनों दलों को पता है कि बिना छोटी पार्टियों से गठबंधन किए उनका बेड़ा पार नहीं होगा. इसलिए 40 से अधिक पार्टियों वाले एनडीए को लीड करने वाली बीजेपी भी नए साथियों की तलाश में है और 15 पार्टियों को लीड करने वाला यूपीए भी. 2014 में बीजेपी को सबसे अधिक 17 करोड़ लोगों ने वोट किया था. कुल वोटरों के लगभग एक तिहाई. कांग्रेस को 10.5 करोड़, बसपा को 2.29 करोड़ वोट मिले थे. सभी पार्टियां इससे अच्छा करना चाहती हैं. बता दें कि इस बार 8.4 करोड़ नए मतदाता है जिनमें से 1.5 करोड़ फर्स्ट टाइम वोटर हैं जिन पर सभी पार्टियों की पैनी नज़र है.

2014 में जिन क्षेत्रीय पार्टियों ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया था उनमें अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके),  बीजेडी, शिवसेना, टीडीपी, टीआरएस एवं वाईएसआर कांग्रेस के नाम शामिल हैं. इनमें से ऑल इंडिया अन्ना द्रविण मुनेत्र कड़गम (AIADMK)  एवं  शिव सेना बीजेपी के नेतृत्व वाले एनडीए के साथ है. हालांकि, गठबंधन के इस दौर में बड़ा सवाल ये भी है कि 2019 के लोकसभा चुनाव में कौन पार्टी किसके लिए खतरा बनेगी और कौन सरकार बनाने में मददगार साबित होगी.

इस समय सत्तारूढ़ बीजेपी के खिलाफ सपा, बसपा, टीडीपी, टीआरएस, टीएमसी, आरजेडी, डीएमके, एनसीपी, सीपीएम और आरएलडी जैसी पार्टियां एकजुट हैं. इनका झुकाव कांग्रेस की तरफ लगता है. हालांकि रीजनल पार्टियों के नेताओं की इच्छा ये भी है कि बीजेपी हार जाए और कांग्रेस मजबूत भी न हो. इसके पीछे इन पार्टियों के आगे बढ़ने की महत्वाकांक्षा है. (ये भी पढ़ें: अब है 90 करोड़ मतदाताओं की बारी, जो तय करेंगे राजनीतिक दलों का भविष्य!)

लोकसभा चुनाव 2019, आम चुनाव 2019, 2019 general election, model code of conduct, मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट, चुनाव आयोग, 2014 में राजनीतिक पार्टियों का प्रदर्शन, performance of political party 2014, बीजेपी, कांग्रेस, सपा, बसपा, टीडीपी, टीआरएस, टीएमसी, आरजेडी, डीएमके, एनसीपी, सीपीएम, आरएलडी, शिवसेना, टीडीपी, नेशनल कांफ्रेंस, पीडीपी, आरएलएसपी, Election Commission, Lok Sabha Elections 2019, Lok Sabha poll schedule, 2019 Lok Sabha election schedule, bjp, congress, sp, bsp, rjd, narendra modi, youth voter, dates of 2019 lok sabha election, 2019 लोकसभा चुनाव की तारीख, rjd, नरेंद्र मोदी, आरजेडी, युवा मतदाता, first time voter, TDP, PDP, TRS, TMC, RLSP, Shiv Sena, om prakash rajbhar, anupriya patel, seat wise election date 2019,       सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली क्षेत्रीय पार्टियां

छोटी पार्टियों या क्षेत्रीय दलों ने कांग्रेस और बीजेपी दोनों राष्ट्रीय पार्टियों के साथ जुड़ने का नफा-नुकसान देख लिया है. सपा, बसपा, आरजेडी, शिवसेना, टीडीपी, नेशनल कांफ्रेंस, पीडीपी, डीएमके और इनेलो जैसे कई क्षेत्रीय दल अपना सियासी वजूद बचाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं. बीजेडी, टीएमसी, अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके), टीआरएस, टीडीपी और आम आदमी पार्टी जैसे जो क्षेत्रीय दल इस वक्त सत्ता सुख भोग रहे हैं वो भी इस जद्दोजहद में लगे हुए हैं कि कैसे कांग्रेस और बीजेपी दोनों से पार पाते अपना वजूद बचाए रखा जाए. तमिलनाडु में सत्तारूढ़ एआईएडीएमके ने लोकसभा चुनाव एकसाथ लड़ने के लिए बीजेपी के साथ समझौता किया है. बीजेपी को राज्य की 39 में से पांच सीटें दी गईं हैं.
Loading...

यूपी में बीजेपी की सहयोगी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के नेता ओम प्रकाश राजभर सरकार से नाराज बताए जाते हैं. हालांकि जब राजभर से ये पूछा गया कि चुनाव में आप किसके साथ जाएंगे?  तो जवाब में उन्होंने कहा "हम बीजेपी के साथ लड़ेंगे. किसी और के साथ नहीं." अनुप्रिया पटेल के नेतृत्व वाले अपना दल को भी मना लिया गया है. योगी सरकार ने आचार संहिता लगने से ठीक पहले कई विभागों, बोर्डों और आयोगों में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्यों की नियुक्ति की है. उनमें पटेल और राजभर दोनों के समर्थकों को तवज्जो दी गई है.

लोकसभा चुनाव 2019, आम चुनाव 2019, 2019 general election, model code of conduct, मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट, चुनाव आयोग, 2014 में राजनीतिक पार्टियों का प्रदर्शन, performance of political party 2014, बीजेपी, कांग्रेस, सपा, बसपा, टीडीपी, टीआरएस, टीएमसी, आरजेडी, डीएमके, एनसीपी, सीपीएम, आरएलडी, शिवसेना, टीडीपी, नेशनल कांफ्रेंस, पीडीपी, आरएलएसपी, Election Commission, Lok Sabha Elections 2019, Lok Sabha poll schedule, 2019 Lok Sabha election schedule, bjp, congress, sp, bsp, rjd, narendra modi, youth voter, dates of 2019 lok sabha election, 2019 लोकसभा चुनाव की तारीख, rjd, नरेंद्र मोदी, आरजेडी, युवा मतदाता, first time voter, TDP, PDP, TRS, TMC, RLSP, Shiv Sena, om prakash rajbhar, anupriya patel, seat wise election date 2019,         ये थी क्षेत्रीय पार्टियों की परफार्मेंस

बीजेपी ने शिवसेना को भी मना लिया है. राज्य की 48 लोकसभा सीटों में से बीजेपी 25 और शिवसेना 23 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. बीजेपी ने शिवसेना की नाराजगी दूर की है. पहले शिवसेना ने अकेले मैदान में उतरने का एलान किया था. दरअसल, क्षेत्रीय पार्टियां अपनी स्थानीय पकड़ की वजह से बीजेपी और कांग्रेस दोनों के सामने ऐसी चुनौती बनकर उभरी हैं, कि दोनों उनके साथ के बिना सत्ता तक नहीं पहुंच सकतीं. ऐसे में 2019 के लोकसभा चुनाव में इन दलों की क्या भूमिका होगी, इस पर सभी की नजरें लगी हुई हैं?

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने दावा किया है कि 2019 में बीजेपी खत्म होने वाली है. बीजेपी क्षेत्रीय पार्टियों से मुकाबला नहीं कर सकती. वैसे बीजेपी की यह कोशिश रहेगी कि 2019 के आम चुनाव में मुकाबला नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी के बीच हो जाए. क्योंकि इसके पीछे सोची-समझी रणनीति है. बीजेपी में ही कुछ लोग यह मानते हैं कि जब तक कांग्रेस के पास राहुल गांधी जैसा नेतृत्व रहेगा, तब तक हमारे लिए कांग्रेस का मुकाबला करना बेहद आसान रहेगा.

'24 अकबर रोड' नामक किताब लिखने वाले रशीद किदवई कहते हैं "क्षेत्रीय पार्टियों का जन्‍म कांग्रेस से ही हुआ है इसलिए वो नहीं चाहतीं कि कांग्रेस आगे बढ़े. कांग्रेस मजबूत होगी तो वो कमजोर होंगी. अभी क्षेत्रीय पार्टियां ऐसा माहौल बनाना चाहती हैं कि कांग्रेस मजबूरी में उनका समर्थन कर दे. वो आगे की जगह हाशिए पर रहे. उन्‍हें राहुल या नरेंद्र मोदी की ताजपोशी करने में कोई दिलचस्‍पी नहीं है. उनका स्‍वार्थ अपना किला मजबूत करने का है."

लोकसभा चुनाव 2019, आम चुनाव 2019, 2019 general election, model code of conduct, मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट, चुनाव आयोग, 2014 में राजनीतिक पार्टियों का प्रदर्शन, performance of political party 2014, बीजेपी, कांग्रेस, सपा, बसपा, टीडीपी, टीआरएस, टीएमसी, आरजेडी, डीएमके, एनसीपी, सीपीएम, आरएलडी, शिवसेना, टीडीपी, नेशनल कांफ्रेंस, पीडीपी, आरएलएसपी, Election Commission, Lok Sabha Elections 2019, Lok Sabha poll schedule, 2019 Lok Sabha election schedule, bjp, congress, sp, bsp, rjd, narendra modi, youth voter, dates of 2019 lok sabha election, 2019 लोकसभा चुनाव की तारीख, rjd, नरेंद्र मोदी, आरजेडी, युवा मतदाता, first time voter, TDP, PDP, TRS, TMC, RLSP, Shiv Sena, om prakash rajbhar, anupriya patel, seat wise election date 2019,          कौन था कितने पानी में?

दिल्ली यूनिवर्सिटी में पॉलिटिकल साइंस के एसोसिएट प्रोफेसर सुबोध कुमार कहते हैं “क्षेत्रीय दलों का उदय तो साठ के दशक में ही शुरू हो गया था. लगातार उनका कद और उनकी महत्वाकांक्षाएं बढ़ रही हैं. 1989 के बाद केंद्र में जो सरकारें बनी हैं उसमें क्षेत्रीय पार्टियों का रोल है. हर चुनाव में इनका विस्तार हो रहा है. बीजेपी ने जो 2014 का आम चुनाव जीता उसमें छोटी पार्टियों से प्रीपोल अलायंस की बड़ी भूमिका थी. आने वाले चुनाव में कोई भी पार्टी बिना क्षेत्रीय दलों के सहयोग के नहीं आ सकती. राष्ट्रीय पार्टियों का वोट शेयर कम हो रहा है. यह ताकत रीजनल पार्टियों को पता है."

ये भी पढ़ें:

लोकसभा चुनाव 2019: EVM की विश्वसनीयता के लिए सभी सीटों पर होगा VVPAT का इस्तेमाल! 

Loksabha election 2019: कांग्रेस के इस दांव ने यूपी में किसके लिए बढ़ाई मुश्किल?

News18 Hindi पर सबसे पहले Hindi News पढ़ने के लिए हमें यूट्यूब, फेसबुक और ट्विटर पर फॉलो करें. देखिए देश से जुड़ी लेटेस्ट खबरें.

First published: March 11, 2019, 4:20 PM IST
Loading...
पूरी ख़बर पढ़ें अगली ख़बर
Loading...