कर्नाटक का सियासी नाटक, 31 मंत्रियों के इस्‍तीफे, इन प्वाइंट्स में समझें पूरा मामला

आइए हम आपको बताते हैं कि क्या है राज्य का समीकरण और कैसे शुरू हुआ संकट.

News18Hindi
Updated: July 8, 2019, 8:20 PM IST
कर्नाटक का सियासी नाटक, 31 मंत्रियों के इस्‍तीफे, इन प्वाइंट्स में समझें पूरा मामला
आइए हम आपको बताते हैं कि क्या है राज्य का समीकरण और कैसे शुरू हुआ संकट.
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Updated: July 8, 2019, 8:20 PM IST
कर्नाटक में राजनीति का नाटक बीते तीन दिन से जारी है. कांग्रेस और जनता दल सेक्युलर के गठबंधन की सरकार से 14 विधायकों के इस्तीफे के बाद पैदा हुए संकट को संभालने में दोनों दल लगे हुए हैं. वहीं भारतीय जनता पार्टी, सरकार बनाने की संभावनाओं को तलाश रही है.

कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन की सरकार को बचाने के लिए दोनों पार्टियों ने बड़ा सियासी दांव चला है. गठबंधन सरकार में कांग्रेस के सभी 31 मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया. इसके कुछ देर बाद जेडीएस के मंत्रियों ने भी इस्तीफा दे दिया. अब नए सिरे से कैबिनेट का गठन होगा.

सरकार बचाने के लिए एक ओर जहां कांग्रेस और जेडीएस ने सारा जोर लगा दिया है वहीं बागी विधायक मानने को तैयार नहीं हैं. अगर मंगलवार को विधानसभा स्पीकर रमेश कुमार सभी विधायकों के इस्तीफे स्वीकार कर लेते हैं तो परिस्थितियां बीजेपी के पक्ष में हो जाएंगीं.

आइए हम आपको बताते हैं कि क्या है राज्य का समीकरण और कैसे शुरू हुआ संकट.

15 मई 2018 को हुई संकट की शुरुआत

15 मई 2018 को कर्नाटक विधानसभा के चुनाव के परिणाम आए. यहां बीजेपी को 104 सीटें मिलीं लेकिन वह बहुमत से 9 सीट दूर रह गई. कांग्रेस को 80 और जेडीएस को 37 सीटें मिलीं. 17 मई को बीएस येदियुरप्पा ने सरकार बनाने का दावा पेश कर सीएम पद की शपथ ली. हालांकि सदन में बहुमत साबित न कर पाने पर येदियुरप्पा ने 19 मई को इस्तीफा दे दिया.

राहुल गांधी ने नहीं मानी सिद्धारमैया की बात
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येदियुरप्पा के इस्तीफे के बाद जेडीएस और कांग्रेस ने मिलकर सरकरा बनाई. एचडी कुमारस्वामी सीएम बने और कांग्रेस के जी परमेश्वर, डिप्टी सीएम बने. इस गठबंधन से सिद्धारमैया नाराज थे और उन्होंने राहुल गाधी को सलाह दी थी कि यह गठबंधन न हो लेकिन उन्होंने बात नहीं मानी.

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जनवरी में सात कांग्रेस विधायकों के बागी सुर

इसी साल 15 जनवरी को कांग्रेस के सात विधायकों ने पार्टी छोड़ने की धमकी दी. उन्हें एक होटल में ले जाया गया. इसके बाद 17 जनवरी को बीजेपी के सभी विधायक एक होटल में ले जाएंगे ताकि कांग्रेस-जेडीएस की किसी भी कोशिश से उनके विधायक बच सके. 23 मई को संपन्न हुए लोकसभा चुनाव के बाद जेडीएस की कर्नाटक इकाई के मुखिया एएच विश्वनाथ से अपने पद से इस्तीफा देते हुए सीएम कुमारस्वामी की सरकार पर हमला बोला.

(PTI Photo/Shailendra Bhojak)


6 जुलाई फिर आया बवंडर

कर्नाटक की राजनीति में फिर 6 जुलाई को बवंडर आया जब  कांग्रेस और जेडीएस के 14 विधायक विधानसभा स्पीकर के पास इस्तीफा दे दिया. कर्नाटक में गहराए राजनीतिक संकट को देखते हुए कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल कर्नाटक पहुंच गए. कुमारस्वामी जहां अपना अमेरिका का दौरा रद्द करके वापस आए वहीं कांग्रेस की कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष दिनेश गुंडु राव भी ब्रिटेन से वापस बेंगलुरु आए.

सिद्धारमैया की नाराजगी?

माना जा रहा है कि सिद्धारमैया की नाराजगी कर्नाटक सरकार पर भारी पड़ गई. कहा जा रहा है कि सियासी संकट रोकने के लिए सिद्धारमैया को सीएम बनाया जा सकता है. हालांकि यह देखना दिलचस्प होगा कि सिद्धारमैया के नाम पर कुमारस्वामी मानेंगे या नहीं. दूसरी ओर सिद्धारमैया ने कहा कि यह सब बीजेपी, करा रही है.

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अगर इस्तीफा मंजूर हुआ तो...

शनिवार को हुए इस्तीफों से पहले 224 सदस्यों वाली कर्नाटक विधानसभा में 78 सीट कांग्रेस, 37 जेडीएस, बसपा, 1, निर्दलीय-2, बीजेपी 105 और अन्य अन्य के खाते में कुल 1 सीटे हैं. गठबंधन का दावा है कि उनके समर्थन में 118 विधायक हैं. अगर ये इस्तीफे स्वीकार हो जाते हैं तो सदन की कुल विधायकों की संख्या घटक 210 हो जाएगी. इसके बाद बहुमत के लिए 113 के बजाए 106 सीटों की जरूरत होगी. ऐसा होने पर कांग्रेस-जेडीएस सरकार में विधायकों की संख्या 104 ही रह जाएगी, जो बहुमत से दो सीट कम होगा.

बीजेपी ने भी बुक किए होटल

बीजेपी ने भी  होटल में 30 कमरे बुक किए हैं. सरकार बनाने की संभावनाओं पर बीजेपी लगातार नजर बनाए हुए हैं. बीजेपी की कर्नाटक इकाई के मुखिया बीएस येदियुरप्पा ने कहा कि जो लोग उनकी (BJP) पार्टी में हैं वे 'सन्यासी' नहीं है. सरकार बनाने को तत्पर येदियुरप्पा ने कहा कि - इंतजार करें और देखें. क्या हम सन्यासी हैं? इस्तीफे की प्रक्रिया खत्म होने के बाद और स्पीकर अपना फैसला कर, उसके बाद हमारी पार्टी और नेता चर्चा करेंगे.'

संसद में भी हंगामा

कर्नाटक के राजनीतिक संकट पर संसद में भी हंगामा हुआ. कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने पूरे घटनाक्रम के लिए बीजेपी को जिम्मेदार ठहराया. वहीं राजनाथ सिंह ने कहा कि जो कुछ हो रहा है उसमें बीजेपी की कोई भूमिका नहीं है.



मध्यावधि चुनाव पर क्या है राय?

एचडी देवगौड़ा ने आरोप लगाया है कि 'मैं जानता हूं कि कर्नाटक की राजनीतिक उथल पुथल के पीछे सिद्धारमैया का हाथ है. उन्होंने कहा कि जिन विधायकों ने इस्तीफा दिया था वे सिद्धारमैया के समर्थक हैं. जून में राज्य के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी के पिता एचडी देवगौड़ा ने मध्यावधि चुनाव पर बयान दिया था.  देवगौड़ा ने कहा था कि कर्नाटक में कभी भी मध्यावधि चुनाव हो सकते हैं. येदियुरप्पा ने भी ऐसी किसी संभावना खारिज किया.

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First published: July 8, 2019, 7:54 PM IST
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