जानें अजय कुमार भल्ला को क्यों बनाया गया गृह सचिव?

मोदी सरकार के पहले कार्यकाल के दौरान कोल ब्लॉक की नीलामी में अहम भूमिका निभाने के बाद एके भल्ला ने बीजेपी के शीर्ष नेताओं का ध्यान आकर्षित किया था.

News18Hindi
Updated: July 25, 2019, 5:45 AM IST
जानें अजय कुमार भल्ला को क्यों बनाया गया गृह सचिव?
मोदी सरकार के पहले कार्यकाल के दौरान कोल ब्लॉक की नीलामी में अहम भूमिका निभाने के बाद एके भल्ला ने बीजेपी के शीर्ष नेताओं का ध्यान आकर्षित किया था.
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Updated: July 25, 2019, 5:45 AM IST
अरुणिमा, अंशु शर्मा

असम-मेघालय कैडर के 1984 बैच के आईएएस अधिकारी अजय कुमार भल्ला को अगले केंद्रीय गृह सचिव नियुक्त किया गया है.

भल्ला, वर्तमान में केंद्रीय ऊर्जा सचिव, को तत्काल प्रभाव से गृह मंत्रालय (MHA) के लिए OSD के पद पर अधिकारी नियुक्त किया गया है. मानदंड है कि नए गृह सचिव को कम से कम एक महीने के लिए एक OSD के रूप में नियुक्त किया जाए, जिससे उन्हें और मंत्रालय को एक सुचारु परिवर्तन करने का समय मिल सके.

मौजूदा गृह सचिव राजीव गौबा 31 अगस्त को सेवानिवृत्त होने वाले हैं. भल्ला का 2021 तक दो साल का कार्यकाल होगा.

दिल्ली के रहने वाले हैं भल्ला

दिल्ली के निवासी, भल्ला के पास ऑस्ट्रेलिया में क्वींसलैंड विश्वविद्यालय से एमबीए की डिग्री है और एक महत्वपूर्ण जंक्शन पर पदभार संभालेगा जब गृह मंत्री अमित शाह ने कश्मीर समस्या को 'हल' करने के लिए निर्णायक कदम उठाने की घोषणा की है.

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असम में, भल्ला ने सामान्य प्रशासन, गृह, वाणिज्य, परिवहन और पीने के पानी सहित विभिन्न विभागों को संभाला. भल्ला ने केंद्र में जहाजरानी, ​​वाणिज्य और बिजली के साथ-साथ भारत व्यापार संवर्धन संगठन (ITPO) में काम किया. लेकिन असम में उनके अनुभव का उपयोग गृह सचिव के रूप में सबसे अधिक किया जा सकता है.



ऐसे बने पसंदीदा अधिकारी

जम्मू और कश्मीर और असम में नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स (NRC) सरकार के सामने दो प्रमुख चुनौतियां हैं. शाह इसके उचित कार्यान्वयन के लिए उत्सुक हैं. बिजली मंत्रालय के गलियारों में अटकलें लगाई जा रही हैं कि सौभाग्य योजना के सफल कार्यान्वयन के बाद भल्ला सबसे भरोसेमंद अधिकारियों में से एक बन गए.

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इससे पहले, मोदी सरकार के पहले कार्यकाल के दौरान कोल ब्लॉक की नीलामी में अहम भूमिका निभाने के बाद भल्ला ने बीजेपी के शीर्ष नेताओं की नजर में आए थे.

कोयला मंत्रालय में थे तैनात

भल्ला को कोयला मंत्रालय में तैनात किया गया था जब साल 2012 में नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (कैग) की एक लीक रिपोर्ट में कहा गया था कि कोयला ब्लॉकों के आवंटन से 1.86 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था.

भल्ला दो कोयला मंत्रालय के संयुक्त सचिवों में से एक थे जिन्हें नामित किया गया था.

वह बाद में 2015 में भारत में की गई पहली कोयला ब्लॉक नीलामी में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाने गए. असम-मेघालय कैडर के एक अधिकारी ने News18 को बताया, 'होम कैडर में भल्ला ने एक बहुत ही प्रभावी अधिकारी और एक अच्छा इंसान होने की प्रतिष्ठा को आगे बढ़ाया है. उन्होंने असम में और मेघालय में काम किया और हमेशा कुशल माने गए. '

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First published: July 25, 2019, 5:43 AM IST
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