पहली ही कोशिश में एनसीजी कमांडो ने फतह किया माउंट एवरेस्ट

लेफ्टिनेंट कर्नल जेपी कुमार के नेतृत्व में एनएसजी के सात सदस्यीय दल ने गुरुवार सुबह 7 बजे 8,848 मीटर उंचे माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहराया.

News18Hindi
Updated: May 16, 2019, 10:08 PM IST
पहली ही कोशिश में एनसीजी कमांडो ने फतह किया माउंट एवरेस्ट
22 मई तक एनएसजी का दूसरा दल भी माउंट एवरेस्ट पर फहरा देगा तिरंगा.
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Updated: May 16, 2019, 10:08 PM IST
देश के सबसे ताकतवर आतंकरोधी बल नेशनल सिक्योरिटी गार्ड (एनएसजी) ने पहली ही कोशिश में माउंट एवरेस्ट को फतह कर लिया है. लेफ्टिनेंट कर्नल जेपी कुमार के नेतृत्व में एनएसजी के सात सदस्यीय दल ने गुरुवार सुबह 7 बजे 8,848 मीटर उंचे माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहरा दिया.

एनएसजी के पर्वातारोही दल ने नेपाल के सोलुखुंभ क्षेत्र के रास्ते दक्षिण-पूर्वी दिशा से चढ़ाई शुरू की थी. एनएसजी के महानिदेशक सुदीप लखटकिया ने दल को इस कामयाबी पर बधाई दी. उन्होंने कहा कि माउंट एवरेट फतह करने के लिए दृढ़ निश्चय, जिद, धैर्य, साहस और दुष्कर हालात में कई तरह की कुशलता की जरूरत होती है. ये सभी खूबियां एनएसजी कमांडो में होती हैं. इसीलिए उन्होंने यह कारनामा कर दिखाया.



22 मई को दूसरा दल भी फतह करेगा चोटी 

गृह सचिव राजीव गौबा ने 29 मार्च को 12 सदस्यीय दल को झंडी दिखाकर रवाना किया था. उम्मीद है कि दूसरा पांच सदस्यीय दल भी 22 मई को माउंट एवरेस्ट पर तिरंगा फहरा देगा. एनएसजी की ओर से पहली बार किसी दल को माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई करने के लिए भेजा गया है. यह दल 2017 से इस अभियान की तैयारियों में जुटा था.

1984 में एनएसजी का किया गया था गठन 

एनएसजी को ब्लैक कैट्स भी कहा जाता है. आतंकवाद और विमान हाईजैक जैसे हालात से निपटने के लिए एनएसजी का गठन 1984 में किया गया था. नेशनल सिक्योरिटी गार्ड के पूरे देश में पांच केंद्र हैं. एनएसजी कमांडोज को अति-विशिष्ट लोगों की सुरक्षा में भी तैनात किया जाता है. मुंबई हमले के दौरान एनएसजी को ही आतंकियों से निपटने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी.

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