10 प्वाइंट्स में जानें QUAD बैठक की मुख्य बातें- जब मिले दुनिया के चार ताकतवर लोकतांत्रिक देशों के नेता

क्वाड बैठक में पीएम मोदी. (तस्वीर-ANI)

क्वाड बैठक में पीएम मोदी. (तस्वीर-ANI)

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (Narendra Modi) ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन, जापान के प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा और अमेरिका के राष्ट्रपति जोसेफ आर. बाइडेन के साथ चार देशों वाले समूह के नेताओं के पहले आनलाइन सम्मेलन में भाग ले रहे हैं. बैठक में पीएम मोदी ने दुनिया के लिए भारत का एजेंडा वैक्सीन और जलवायु परिवर्तन बताया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 12, 2021, 10:04 PM IST
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नई दिल्ली. क्वाड अलांयस के तहत दुनिया के चार ताकतवर लोकतांत्रिक देशों के नेताओं की बैठक जारी है. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन, जापान के प्रधानमंत्री योशिहिदे सुगा और अमेरिका के राष्ट्रपति जोसेफ आर. बाइडेन के साथ चार देशों वाले समूह के नेताओं के पहले आनलाइन सम्मेलन में भाग ले रहे हैं. बैठक में पीएम मोदी ने दुनिया के लिए भारत का एजेंडा वैक्सीन और जलवायु परिवर्तन बताया है. उन्होंने साफ किया है कि क्वाड देशों की भावना उन्हें भारत की प्राचीन अवधारणा वसुधैव कुटंबकम से मिलती जुलती लगती है.

वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने भारत की प्रशंसा की है. उन्होंने कहा है कि वह इस समूह के साथ काम करने को लेकर विशेष रूप से इच्छुक हैं. एशिया-प्रशांत क्षेत्र को शांत स्थिर बनाए रखने के लिए उन्होंने इस समूह की महत्ता पर जोर दिया है. साथ ही क्वाड बैठक के दौरान चीन को सख्त संदेश भी दिया गया है.
बैठक के दौरान चीन को कड़ा संदेश दिया गया है. चारों नेताओं ने हिंद प्रशांत क्षेत्र को 'स्वतंत्र और खुला' बनाए रखने का संदेश दिया है. दरअसल इस बैठक के पहले ही चीन भांप गया था कि उसके दादागीरी वाले व्यवहार पर निशाना साधा जा सकता है. याद दिला दें कि चीन इस बैठक से पहले कह चुका है कि देशों को आपस में मिलने के दौरान आपसी मुद्दों पर बात करनी चाहिए न कि किसी थर्ड पार्टी को निशाना बनाना चाहिए.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, हम अपने लोकतांत्रिक मूल्यों और स्वतंत्र, खुले और समावेशी भारत-प्रशांत के प्रति हमारी प्रतिबद्धता से एकजुट हैं. आज का हमारा एजेंडा - वैक्सीन, जलवायु परिवर्तन और उभरती प्रौद्योगिकियों जैसे क्षेत्रों को कवर करना है.
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, मैं इस सकारात्मक दृष्टि को भारत के वसुधैव कुटुम्बकम के प्राचीन दर्शन के विस्तार के रूप में देखता हूं, जो दुनिया को एक परिवार मानता है. हम अपने साझा मूल्यों को आगे बढ़ाने और एक सुरक्षित, स्थिर और समृद्ध इंडो-पैसिफिक को बढ़ावा देने के लिए पहले से कहीं अधिक साथ मिलकर काम करेंगे.
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने अपने भाषण की शुरुआत ही नमस्ते से की. जापान के पीएम योशिहिडे सुगा ने भी कई बार भारत का नाम लेते हुए उसे इंडो पैसिफिक क्षेत्र की बड़ी ताकत बताया. पैसिफिक अब 21वीं सदी में दुनिया के भाग्य तय करेगा. इंडो-पैसिफिक के चार महान लोकतंत्रों के नेताओं के रूप में, हमारी साझेदारी शांति, स्थिरता और समृद्धि का प्रतीक है.
जो बाइडन ने कहा, 'संयुक्त राज्य अमेरिका स्थिरता प्राप्त करने के लिए आपके और हमारे सभी सहयोगियों के साथ काम करने के लिए प्रतिबद्ध है. यह समूह विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि यह व्यावहारिक समाधान और ठोस परिणामों के लिए समर्पित है.'
उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन भारत के बढ़ती ताकत की तारीफ की. बाइडन ने कहाक्वॉड के सदस्य देश कोरोना वायरस वैक्सीन निर्माण के लिए आपसी सहयोग बढ़ाएंगे.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा-आज के शिखर सम्मेलन से पता चलता है कि क्वाड इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बना रहेगा.
जापानी प्रधानमंत्री ने बातचीत के दौरान 2004 में आई सुनामी का जिक्र किया. उन्होंने कहा कि उस वक्त हमें अमेरिका, भारत और ऑस्ट्रेलिया से मदद मिली थी. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन का जिक्र कर उन्होंने कहा-उस मुश्किल वक्त में जो बाइडन जापान आए थे और उन्होंन प्रभावित इलाकों का दौरा किया था.
भारत के विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला ने बैठक के बारे में कहा है-वैश्विक भलाई के लिए पीएम मोदी ने क्वाड की मजबूती पर जोर दिया है. आज की बैठक में सभी नेताओं ने सकारात्मक एजेंडा और विजन पर बातचीत की. नेताओं का फोकस वर्तमान के बड़े मुद्दों जैसे वैक्सीन, क्लाइमेट चेंज और तकनीकी सहयोग पर रहा.
हर्षवर्धन श्रृंगला ने कहा है कि क्वाड देशों का वैक्सीन इनिशियेटिव सबसे महत्वपूर्ण कदम है. चारों देशों ने अपने वित्तीय संसाधनों, उत्पादन क्षमता सहित अन्य सुविधाओं के जरिए सहयोग की बात कही है.
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