क्या है कश्मीर मुद्दे पर ट्रंप के झूठ के पीछे की हकीकत ?

क्या संदेश छिपा है ट्रंप के संदेश में, क्यों कहा जाता है कि ट्रंप की सनक के पीछे भी एक वजह होती है

नीतीश कुमार
Updated: July 26, 2019, 4:51 PM IST
क्या है कश्मीर मुद्दे पर ट्रंप के झूठ के पीछे की हकीकत ?
इतने ताकतवर देश के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को क्यों करनी पड़ी गलतबयानी ( फाइल फोटो)
नीतीश कुमार
Updated: July 26, 2019, 4:51 PM IST
दुनिया के सबसे ताकतवर मुल्क के राष्ट्रपति का कश्मीर पर विवादास्पद बयान महज़ एक झूठ है या सोच समझकर एक रणनीति के तहत बोला गया झूठ है. वो पहला अमेरिकी राष्ट्रपति जिसने नॉर्थ कोरिया की धरती पर कदम रखकर और किम जोंग जैसे तानाशाह से बातचीत कर पूरी दुनिया को हैरान कर दिया हो, क्या वो बिना सोचे समझे कश्मीर जैसे संवेदनशील मुद्दे पर इस तरह का झूठा बेतुका बयां दे सकता है, ये सोचने वाली बात है.
पिछले घटनाक्रम पर डालनी होगी नजर

पीछे कुछ महीनों के घटनाक्रम का विश्लेषण करें तो ऐसा लगता है कि ट्रंप ने इस झूठ की आड़ में दरअसल भारत को एक सन्देश देने की कोशिश की है. उसके पीछे कई वजह हैं. दरअसल, अमेरिकी सामानों पर भारत ने हाल में टैरिफ बढ़ा दिया था. ऐसा स्टील और एल्यूमिनियम जैसे प्रोडक्ट की आयात पर भारत को ऊंचे टैक्स से राहत न देने के बदले किया गया. ये बात ट्रम्प को नागवार गुजरी थी. दूसरा भारत ने रूस से S-400 एंटी मिसाइल डिफेन्स सिस्टम की 5 बिलियन अमेरिकी डॉलर की भारी भरकम डील पर मुहर लगा दी है, जो अमेरिका को नागवार गुजरी. अमेरिका ने रूस से इस एयर मिसाइल सिस्टम की खरीद न करने की एवज़ में Patriot और Thaad एंटी मिसाइल सिस्टम भारत को देने की पेशकश की थी.

ट्रंप के साथ मोदी, Tump with Modi
पीएम नरेंद्र मोदी से मिल कर अलग सुर में बोलते हैं ट्रंप ( फाइल फोटो)


अमेरिका की इस पेशकश को लेकर भारत ने ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाई. अमेरिका भारत को रणनीतिक साजेदार बताता है, बावजूद इसके वो भारत को सीधे तौर पर तो नहीं लेकिन घुमा-फिराकर "कॉउंटरिंग अमेरिकाज एडवर्सरीज थ्रू सैंक्शन एक्ट (CAATSA)" के दायरे में लाने का संकेत देते रहा है. अगर भारत ने रूस से S-400 खरीदा तो. रूस जिन देशों को S-400 बेच रहा है उनके साथ डील की एक क्लॉज के तहत रूस जब चाहे उस देश को दिए गए S-400 का इस्तेमाल कर सकता है.

होने वाले भारतीय रक्षा सौदे अहम

इसके अलावा अमेरिका ने बलोचिस्तान की आज़ादी के लिए लड़ाई लाड़ रहे बलोच लिब्रेशन आर्मी को बैन कर दिया. भारत बलोच लोगों के मानवाधिकार के हनन के खिलाफ है साथ ही भारत फिफ्थ जेनरेशन के 114 फाइटर जेट खरीदने के लिए ऐसे साझेदार की तलाश कर रहा है जो मेक इन इंडिया के तहत इस प्रोजेक्ट को अंजाम दे सकें. इस रेस में फ्रांस की बोइंग, स्वीडन की SAAB, रशियन कम्पनी के साथ अमेरिका की लॉक हीड मार्टिन भी शामिल है.
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इसमें बोइंग भारत को सुपर होर्नेट FA/18, साब ग्रिपेन, रूस Mig-35, SU-35 और SU-57 ऑफर कर रहे हैं, जबकि अमेरिकन कंपनी लॉकहीड मार्टिन F-21 एयरक्राफ्ट ऑफर कर रही है. ऐसे विवादास्पद बयान के जरिये ट्रम्प भारत को ये सन्देश देना चाहते है की जिन मुद्दों पर बदलते वैश्विक माहौल में पाक के खिलाफ अमेरिका ने भारत का समर्थन किया था वो उन मुद्दों पर अपना रुख बदल सकते हैं. हो सकता है कि भारत इस दबाव में आकर मदर ऑफ़ ऑल द डिफेन्स डील कहे जाने वाले 15 बिलियन यूएस डॉलर से ज्यादा की इस डील को अमेरिकन कंपनी को दे दे.

 

इमरान खान और ट्रंप, Imaran Khan And Trump
पाकिस्तान के राष्ट्रपति इमरान का सादगी से स्वागत हुआ, लेकिन सेनाध्यक्ष बाजवा को तोपों की सलामी दी गई


अफगानिस्तान मुद्दा भी अहम

उधर अफगानिस्तान शांति वार्ता से भी तक़रीबन भारत को किनारे करने की कोशिश में लगा है. अब अमेरिका, चीन, रूस और पाकिस्तान तालिबान के साथ हो रही इस शांति वार्ता में मेजर स्टेक होल्डर बन गए है. 28 सितंबर, 2019 को अफगानिस्तान में होने वाले इलेक्शन को अफगानिस्तान में अमेरिकी राजदूत जॉन बास ने टालने की बात कही है जबकि भारत इलेक्शन टालने के खिलाफ है. इन सारे मुद्दों पर ट्रम्प के इस बेतुके और झूठे बयान के पीछे होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता.

पाक सेनाध्यक्ष बाजवा को तोपों की सलामी

जिस अमेरिका ने आतंकी हाफिज सईद पर 10 मिलियन अमेरिकी डॉलर का इनाम रख रखा है. उसी अमेरिका ने हाफिज को पालने वाली पाकिस्तान आर्मी के चीफ जनरल बाजवा को गन सल्यूट दिया, जबकि इमरान को ऐसा कोई भी सम्मान नहीं दिया गया. क्या ये हालत कुछ सन्देश नहीं देते. ट्रम्प के बारे में कहा जाता है "There is a method in his Madness"

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First published: July 26, 2019, 3:02 PM IST
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