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    बालाकोट जैसी सर्जिकल स्ट्राइक फिर करनी पड़ी तो दुश्मन का पता आसानी से लगा लेगा भारत, जानिए BECA समझौते से जुड़ी जरूरी बातें

    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ चर्चा करते हए अमेरिकी रक्षा प्रमुख मार्क एस्पर (फोटो- ANI)
    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के साथ चर्चा करते हए अमेरिकी रक्षा प्रमुख मार्क एस्पर (फोटो- ANI)

    अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो और रक्षा मंत्री मार्क एस्पर ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और विदेश मंत्री एस जयशंकर से मुलाकात की थी. इन मुलाकातों में BECA समझौते पर हस्ताक्षर किए गए थे.

    • News18Hindi
    • Last Updated: October 28, 2020, 5:22 PM IST
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    नई दिल्ली. भारत और अमेरिका के बीच 2+2 मंत्रीस्तरीय बैठक में बेसिक एक्सचेंज एंड कोऑपरेशन एग्रीमेंट (Basic Exchange and Cooperation Agreement(BECA) पर हस्ताक्षर किए गए. इसके बाद अब अमेरिका भारत के साथ जियो स्पेशल इंटेलिजेंस (Geo Spatial Intelligence) साझा कर पाएगा और भारत को जटिल मिसाइल तकनीक (Missile Technology) तक पहुंचने की अनुमति मिलेगी. अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पॉम्पियो (Mike Pompio) और रक्षा मंत्री मार्क एस्पर (Mark Esper) सोमवार को भारत पहुंचे थे. दोनों ने मंगलवार को भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल (Ajit Doval) से चर्चा की थी.

    क्या है BECA जो इतने समय से चर्चा में बना हुआ था
    BECA समझौता भारत को सैन्य एप्लीकेशंस से संबंधित की जानकारी देगा. इसके तहत दोनों देश मैप, नॉटिकल और एरोनॉटिकल चार्ट कमर्शियल और दूसरी अनक्लासिफाइड तस्वीरें जैसे डाटा एक दूसरे के साथ साझा कर सकते हैं. इस समझौते के बाद भारत हिंद महारागर में चीन के जंगी जहाजों पर और बारीकी से निगरानी रख पाएगा और अमेरिका अपने आर्मी सैटेलाइट के जरिए संवेदनशील भौगोलिक क्षेत्रों से जुड़ी जानकारी भारत के साथ शेयर कर पाएगा.

    टारगेट का पता आसानी से लगा पाएगा
    अगर फिर से कभी बालाकोट (Balakot) की तरह सर्जिकल स्ट्राइक (Surgical Strike) होती है तो भारत को अपने टारगेट का पता करने में मदद मिलेगी. अब भारत इसके लिए अमेरिका के सैटेलाइट और दूसरे डेटा का इस्तेमाल कर सकेगा. हालांकि, यूपीए सरकार इस पर समझौते को लेकर गोपनीयता के मामले में अपनी चिंता जाहिर कर चुकी है.



    भारत-चीन सीमा विवाद पर भी हुई बात
    भारतीय अधिकारियों ने कहा कि इस चर्चा के दौरान दोनों पक्षों ने 175 दिनों से चल रहे चीन की पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (People’s Liberation Army) के साथ भारतीय सेना के टकराव को लेकर भी चर्चा की. उन्होंने बताया कि तीनों अधिकारियों ने दोनों देशों के बीच संबंधों को और गहरा करने के लिए गहन चर्चा की. ताकि वैश्विक स्तर पर सुरक्षित, स्थिर माहौल तैयार हो सके.
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