कोरोनाः DGCI की इन शर्तों को पूरा करने के बाद विदेशी वैक्सीन को मिलेगी मंजूरी

कोवैक्स एक वैश्विक पहल है, जिसका लक्ष्य विकासशील देशों को कोविड-19 का टीका उपलब्ध कराना है.

कोवैक्स एक वैश्विक पहल है, जिसका लक्ष्य विकासशील देशों को कोविड-19 का टीका उपलब्ध कराना है.

Coronavirus Vaccination: DGCI की शर्तों में कहा गया है कि 100 लोगों पर वैक्सीन के असर को 7 दिनों तक मॉनिटर करने के बाद आम लोगों के लिए वैक्सीन उपलब्ध कराई जाएगी

  • News18India
  • Last Updated: April 16, 2021, 5:17 PM IST
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नई दिल्ली. देश में कोरोना वायरस संक्रमण (Coronavirus in India) के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. ऐसे में भारत में आपात मंजूरी पा चुकी, तीन वैक्सीन के अलावा विदेशों में निर्मित कोरोना के टीकों को इस्तेमाल की मंजूरी देने की प्रक्रिया सरकार ने तेज कर दी है. CDSCO यानी सेंट्रल ड्रग स्टैंडर्ड कंट्रोल ऑर्गेनाइजेशन ने इस प्रक्रिया की पूरी जानकारी दी है, जिससे कि विदेशी वैक्सीन को आपात मंजूरी दी जाएगी. स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक जो भी विदेशी कंपनी चाहती है कि उसके टीके का इस्तेमाल भारत में टीकाकरण के लिए किया जाए, उन्हें आपातकालीन मंजूरी के लिए CDSCO को आवेदन देना होगा. आवेदन पत्र मिलने के तीन दिन के अंदर डीसीजीआई इस बारे में निर्णय लेगा.

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जानें क्या हैं इस पूरी प्रक्रिया के महत्वपूर्ण बिंदु -
DCGI की अनुमति मिलने के 30 दिनों के अंदर ब्रिजिंग क्लीनिकल ट्रायल किया जाएगा.
CDSCO रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट और इम्पोर्ट लाइसेंस की कार्रवाई को तीन वर्किंग डे में पूरा करेगा.
NEGVAC के सुझावों के मुताबिक CDSCO नियम और शर्तें तैयार करेगा.
आपातकालीन इस्तेमाल की मंजूरी के लिए CDSCO को आवेदन देना होगा. विदेशी वैक्सीन निर्माता भारत में अधिकृत एजेंट या फिर इंडियन सब्सिडियरी के माध्यम से आवेदन दे सकेंगे. आवेदन की शर्तें पूरी होने के बाद CDSCO वैक्सीन की आपात इस्तेमाल के लिए जरूरी आखिरी मंजूरी DGCI से लेगा.
इन शर्तों को पूरी करने के बाद मिलेगी DGCI की मंजूरी - वैक्सीन का इस्तेमाल नेशनल कोविड-19 प्रोग्राम के लिए जारी दिशा-निर्देशों के पालन के तहत होगा.
100 लोगों पर वैक्सीन के असर को 7 दिनों तक मॉनिटर करने के बाद आम लोगों के लिए वैक्सीन उपलब्ध कराई जाएगी.
विदेशी वैक्सीन की मंजूरी के 30 दिनों के अंदर आवेदक को ब्रिजिंग ट्रायल शुरू करना होगा.
वैक्सीन की मंजूरी ब्रिजिंग ट्रायल प्रोटोकॉल, इंपोर्ट रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट और इंपोर्ट लाइसेंस के साथ आवेदन देने पर दी जाएगी.
CDSCO विदेशी वैक्सीन को DGCI की मंजूरी मिलने के 3 दिनों के अंदर आवेदक के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट को जारी करने की प्रक्रिया शुरू करेगा. विदेशी वैक्सीन के सभी बैच सेंट्रल ड्रग लैबोरेट्री (CDL) कसौली जारी करेगा.
CDL की मंजूरी मिलने के बाद ही विदेशी वैक्सीन को 100 लोगों को दिया जाएगा और उनपर 7 दिनों की मॉनिटिरिंग रिपोर्ट CDSCO को सौंपी जाएगी.
100 लोगों पर वैक्सीन के असर की रिपोर्ट का आकलन करने के बाद CDSCO आम लोगों पर वैक्सीन के इस्तेमाल की मंजूरी देगा.
CDSCO सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी से बातचीत कर ब्रिजिंग ट्रायल के प्रोटोकॉल आवेदन के 7 दिन के अंदर जारी करेगा.
विदेशी वैक्सीन के ब्रिजिंग ट्रायल की रिपोर्ट पहले CDSCO और फिर आखिरी मंजूरी के लिए DGCI को सौंपी जाएगी.
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