20 साल पहले जिन्होंने गिराई थी अटल सरकार, अब उसी का सांसद मोदी कैबिनेट में बनेगा मंत्री

20 साल पहले जिन्होंने गिराई थी अटल सरकार, अब उसी का सांसद मोदी कैबिनेट में बनेगा मंत्री
तमिलनाडु के उप-मुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेलवम के बेटे रविंद्रनाथ को मोदी कैबिनेट में जगह मिल सकती है.

जयललिता ने 1999 में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार से वापस ले लिया था समर्थन, अब अन्नाद्रमुक नेता ओ. पन्नीरसेलवम के बेटे ओपी रविंद्रनाथ कुमार को बनाया जाएगा केंद्र सरकार में मंत्री.

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लोकसभा चुनाव 2019 में एनडीए सहयोगी अन्नाद्रमुक को तमिलनाडु में बेशक बड़ी सफलता नहीं मिली है, फिर भी सूबे के उप-मुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेलवम के बेटे ओपी रविंद्रनाथ कुमार का मोदी कैबिनेट में शामिल होना लगभग तय है. वह राज्य में जीत दर्ज करने वाले एनडीए के इकलौते प्रत्याशी हैं. बता दें कि रविंद्रनाथ उसी पार्टी से सांसद हैं, जिसकी नेता जया जयललिता ने 20 साल पहले वाजपेयी सरकार से समर्थन वापस ले लिया था. इसके बाद वाजपेयी सरकार अल्पमत में आ गई थी.

सीएनएन-न्यूज18 से बात करते हुए रविंद्रनाथ ने कहा, 'यह सब अम्मा (जयललिता) का ही आशीर्वाद है.' उन्हें कैबिनेट में शामिल किए जाने को लेकर गुरुवार सुबह जानकारी दी गई. वह तमिलनाडु के थेनी जिले से प्रत्याशी थी. उन्होंने 53,000 वोट के अंतर से जीत दर्ज की है. रविंद्रनाथ के अलावा अन्नाद्रमुक से मोदी कैबिनेट में शामिल होने की दौड़ में राज्यसभा सदस्य आर. वैथिलिंगम भी शामिल थे.

वैथिलिंगम भी थे कैबिनेट में जगह पाने की दौड़ में शामिल 



ओ. पन्नीरसेलवम खेमे ने रविंद्रनाथ की पैरवी की, जबकि तमिलनाडु के सीएम ईके पलानीस्वामी खेमे के नेता वैथिलिंगम को कैबिनेट में शामिल करने के पक्ष में थे. आखिरी बार अन्नाद्रमुक की ओर से अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में कोई मंत्री था. जयललिता ने 1999 में समर्थन वापस लेकर वाजपेयी सरकार गिरा दी थी.
ग्रेजुएट के बाद ही पार्टी में हो गए थे शामिल रविंद्रनाथ

रविंद्रनाथ ने 1999 में अन्नाद्रमुक की सदस्यता लेकर राजनीतिक सफर की शुरुआत की थी. इसके बाद उन्होंने हर चुनाव में अन्नाद्रमुक के कई प्रत्याशियों की जीत में अहम भूमिका निभाई. वह अन्नाद्रमुक के सबसे खराब दौर में भी डटकर पार्टी के साथ खड़े रहे. कुछ समय पहले सीएनएन-न्यूज18 से बातचीत में उन्होंने बताया था, 'मैं 1998 में ग्रेजुएट करने के बाद से ही अन्नाद्रमुक का सदस्य हूं. इसके बाद मैंने 2001, 2004, 2006, 2009, 2011 और 2014 के चुनाव में पार्टी के लिए काम किया.'

2006 में छीन ली गई थी र्टी की प्राथमिक सदस्यता भी 

एक समय ऐसा भी आया, जब रविंद्रनाथ अन्नाद्रमुक के प्राथमिक सदस्य भी नहीं रह गए थे. दरअसल, जयललिता ने उनके पिता ओ. पन्नीरसेलवम को किनारे कर दिया था. इसी दौरान 2006 में रविंद्रनाथ की पार्टी सदस्यता भी खत्म कर दी गई थी. हालांकि, 2018 में रविंद्रनाथ वापसी करते हुए पुरात्ची थालैवी अम्मा पेरवाई में थेनी जिले के सचिव बने. उन्होंने कहा था कि अगर वह लोकसभा चुनाव जीतते हैं तो केंद्र में रहकर तमिलनाडु के हित के लिए काम करते रहेंगे.

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