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सपा-बसपा में अलगाव के बाद क्‍यों अखिलेश के खेमे में जा रहे हैं मायावती के पार्टी नेता

News18Hindi
Updated: January 20, 2020, 2:56 PM IST
सपा-बसपा में अलगाव के बाद क्‍यों अखिलेश के खेमे में जा रहे हैं मायावती के पार्टी नेता
बसपा के नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच सपा में शामिल होने की होड़ सी लग गई है.

यूपी (UP) में समाजवादी पार्टी (SP) और बहुजन समाज पार्टी (BSP) का साथ एक बार फिर कड़वाहट के साथ खत्‍म हो गया है. बावजूद इसके सपा भीमराव आंबेडकर (Bhimrao Ambedkar) और राष्‍ट्रवादी नेता राम मनोहर लोहिया (Ram Manohar Lohia) की छवि को साथ लेकर चल रही है.

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  • Last Updated: January 20, 2020, 2:56 PM IST
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काज़ी फराज़ अहमद

लखनऊ. समाजवादी पार्टी (SP) और बहुजन समाज पार्टी (BSP) ने दो दशक की कड़वाहट को भूलकर उत्‍तर प्रदेश में हाथ मिलाया. शुरुआती सफलता के बाद लोकसभा चुनाव 2019 में ये गठबंधन खास करिश्‍मा नहीं कर पाया. इसके बाद दोनों पार्टियां अलग हो गईं. बसपा सुप्रीमो मायावती (Mayawati) ने लोकसभा चुनाव में खराब नतीजों के लिए अखिलेश यादव के नेतृत्‍व वाली सपा को जिम्‍मेदार ठहराया. हालांकि, अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) ने न तो तब इस आरोप पर कोई प्रतिक्रिया दी और न ही आम चुनाव के आठ महीने बाद आज तक टिप्‍पणी की है. बेशक गठबंधन फिर कड़वाहट के साथ खत्‍म हुआ हो, लेकिन सपा बसपा के विचारक भीमराव आंबेडकर (Bhimrao Ambedkar) और राष्‍ट्रवादी नेता व विचारक राम मनोहर लोहिया (Ram Manohar Lohia) की छवि को साथ लेकर चल रही है.

कई असंतुष्‍ट बसपा नेताओं ने समर्थकों के साथ थामा सपा का दामन
हाल में पार्टी के लखनऊ मुख्‍यालय में आयोजित कार्यक्रम में लगाए गए बैनर में लोहिया और आंबेडकर दोनों की तस्‍वीरें थीं. इससे स्‍पष्‍ट है कि पार्टी अपना स्‍टैंड बदल रही है. सपा-बसपा के बहुत कम समय चल पाए गठबंधन के टूटने के बाद कई असंतुष्ट और अपदस्थ बसपा नेताओं (BSP Leaders) ने अपने समर्थकों के साथ सपा का दामन थाम लिया है. बसपा का साथ छोड़ने वाले नेताओं का कहना है कि मायावती के नेतृत्‍व में पार्टी बीआर आंबेडकर के रास्‍ते से भटक गई है. वहीं, कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि उन्‍हें बिना कोई कारण बताए बाहर का रास्‍ता दिखा दिया गया, जबकि उन्‍होंने पूरे समर्पण के साथ पार्टी के लिए काम किया.



सत्‍तारूढ़ बीजेपी के सामने मजबूत विपक्ष के तौर पर उभर रही है सपा
राजनीति के विशेषज्ञों का कहना है कि सपा खुद को उत्‍तर प्रदेश में सत्‍तारूढ़ बीजेपी (BJP) के खिलाफ मजबूत विपक्ष (Opposition) के तौर पर पेश कर रही है. वहीं, बसपा अलग-अलग मुद्दों पर लगातार अपना स्‍टैंड बदल रही है. विशेषज्ञों के मुताबिक, बसपा नेताओं के सपा का दामन थामने का ये भी बड़ा कारण है. इसके अलावा गठबंधन से अलग होने का फैसला मायावती ने लिया और आम चुनाव में नाकामी का ठीकरा सपा के सिर फोड़ दिया, जिसका अखिलेश यादव ने अब तक कोई जवाब नहीं दिया है. इन कारणों से भी बसपा के नेता अखिलेश यादव से प्रभावित होकर सपा में शामिल हो रहे हैं.

'बसपा की विचारधारा को भी सम्‍मान दे रही है समाजवादी पार्टी'
उत्‍तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 के मद्देनजर बसपा नेताओं का सपा में शामिल होना बड़े सियासी घटनाक्रम के तौर पर देखा जा रहा है. एक वरिष्‍ठ सपा नेता ने कहा, 'सभी ने देखा कि कैसे अखिलेश यादव ने मायावती के आरोपों का कोई जवाब नहीं दिया. उन्‍होंने बसपा के खिलाफ एक शब्‍द भी नहीं बोला. इसके अलावा वह बसपा की विचारधारा के प्रति पूरा सम्‍मान भी दिखा रहे हैं. सभी जानते हैं कि किसने किसको धोखा दिया है. सपा ने पिछड़े, दलित और अल्‍पसंख्‍यकों को हमेशा सम्‍मान दिया है. सपा सामाजवादी विचारधारा में विश्‍वास रखने वाली पार्टी है.' उन्‍होंने भरोसा जताया कि सपा अकेलेदम पर 2022 में यूपी में सरकार बनाएगी.

हजारों बसपा नेता व कार्यकर्ताओं के सपा में शामिल होने की उम्‍मीद
बसपा छोड़कर सपा में शामिल हुए कद्दावर नेता सीएल वर्मा ने कहा, 'मैंने पार्टी को बहुत समय दिया. यहां तक कि बसपा के टिकट पर लोकसभा चुनाव भी लड़ा, लेकिन एक दिन मुझे बताया गया कि आपको पार्टी से निकाल दिया गया है. मजेदार बात थी कि मुझे इसका कोई कारण भी नहीं बताया गया. वहीं, मुझे लगता है कि अब सपा ही दलित और पिछड़ों को साथ लेकर चलेगी. इसीलिए मैं सपा में शामिल हो गया. सपा समाज के हर वर्ग को सम्‍मान दे रही है.'

बताया जा रहा है कि आज अखिलेश यादव की मौजूदगी में हजारों बसपा कार्यकर्ता सपा में शामिल होंगे. इनमें बस्‍ती क्षेत्र के कद्दावर बसपा नेता और पूर्व मंत्री राम प्रसाद चौधरी, पूर्व सांसद अरविंद चौधरी, पूर्व विधायक दूधराम और नंदू चौधरी का नाम भी शामिल है. जानकारी के मुताबिक, बस्‍ती और फैजाबाद के टोल प्‍लाजा पर 2000 से ज्‍यादा वाहनों के एडवांस टोल टैक्‍स का भुगतान कर दिया गया है.

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First published: January 20, 2020, 1:55 PM IST
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