कांग्रेस अध्यक्ष को जलियांवाला बाग मेमोरियल ट्रस्ट से बाहर करने की तैयारी में मोदी सरकार

केंद्रीय पर्यटन मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने 29 जुलाई को लोकसभा में जलियांवाला बाग नेशनल मेमोरियल संशोधन विधेयक पेश किया. विधेयक में कांग्रेस अध्यक्ष को जलियांवाला बाग ट्रस्ट के स्थायी ट्रस्टी के पद से हटाने की बात शामिल है.

News18Hindi
Updated: August 1, 2019, 9:03 PM IST
कांग्रेस अध्यक्ष को जलियांवाला बाग मेमोरियल ट्रस्ट से बाहर करने की तैयारी में मोदी सरकार
अगर जलियांवाला बाग मेमोरियल बिल भी संसद के दोनों सदनों में पारित हो जाता है तो यह कांग्रेस के लिए बड़ा झटका होगा.
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Updated: August 1, 2019, 9:03 PM IST
केंद्र की मोदी सरकार ने तीन तलाक बिल पारित कराने के बाद अब जलियांवाला बाग मेमोरियल विधेयक पास कराने की तैयारी शुरू कर दी है. तीन तलाक बिल राज्यसभा में भी पारित हो जाने को कांग्रेस के लिए तगड़ा झटका माना जा रहा है. कांग्रेस लगातार इस विधेयक पर सवाल उठा रही थी. इसके बावजूद तीन तलाक बिल संसद के उच्च सदन में 84 के मुकाबले 99 वोट से पारित हो गया. अब अगर जलियांवाला बाग मेमोरियल बिल भी संसद के दोनों सदनों से पारित हो गया तो इसे कांग्रेस के लिए बड़ा झटका माना जाएगा. दरअसल, इस बिल के पास होने पर कांग्रेस अध्यक्ष को मेमोरियल ट्रस्ट में मिला हुआ पद छिन जाएगा.

कांग्रेस ने विधेयक को देश की विरासत से छेड़छाड़ बताया 

केंद्रीय पर्यटन मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने 29 जुलाई को लोकसभा में जलियांवाला बाग नेशनल मेमोरियल संशोधन विधेयक को पेश किया. विधेयक में कांग्रेस अध्यक्ष को जलियांवाला बाग ट्रस्ट के स्थायी ट्रस्टी के पद से हटाने की बात शामिल है. कांग्रेस ने विधेयक का तीखा विरोध करते हुए इसे देश की विरासत से छेड़छाड़ करने वाला बताया है. कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने बिल की आलोचना करते हुए कहा कि इसे रोका जाना चाहिए. देश की विरासत और इतिहास को बर्बाद न करें.

पहले संसद के उच्च सदन में अटक गया था यह विधेयक 

पर्यटन मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने इस मसले पर बहस का जवाब देते हुए कहा कि बीते 40-50 साल में कांग्रेस ने इस मेमोरियल के विकास के लिए कुछ भी नहीं किया है. बता दें कि 13 अप्रैल, 1919 को ब्रिटिश अफसर जनरल डायर ने निहत्थे आंदोलनकारियों पर गोलियां चलवा दी थीं. इसमें 1,000 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी. केंद्र सरकार ने इस जलियांवाला बाग कांड के शताब्दी वर्ष में मेमोरियल से जुड़े कानून में संशोधन का प्रस्ताव रखा है. बिल को इससे पहले पहले 2014-19 की लोकसभा में भी मंजूरी मिल गई थी, लेकिन उच्च सदन में अटक गया था. अब केंद्र सरकार ने फिर इसे लोकसभा में पेश किया है. सरकार को भरोसा है कि लोकसभा के बाद बिल राज्यसभा में भी पारित हो जाएगा.

नेता विपक्ष को ट्रस्ट का सदस्य बनाने का रखा है प्रावधान 

जलियांवाला बाग नेशनल मेमोरियल ऐक्ट, 1951 के तहत ट्रस्ट को मेमोरियल के निर्माण और प्रबंधन का अधिकार है. इसके अलावा इस ऐक्ट में ट्रस्टियों के चयन और उनके कार्यकाल के बारे में भी बताया गया है. अब तक कांग्रेस अध्यक्ष मेमोरियल के ट्रस्ट का पदेन सदस्य रहा है, लेकिन अब संशोधन विधेयक में इसे बदलने की तैयारी है. अब लोकसभा में नेता विपक्ष को ट्रस्ट का सदस्य बनाने का प्रावधान रखा गया है. सदन में विपक्ष का नेता नहीं होने की स्थिति में सबसे बड़े विपक्षी दल के नेता को यह जगह दी जाएगी.
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सदस्य को कार्यकाल पूरा होने से पहले ही हटा सकेगा केंद्र

नए विधेयक में केंद्र सरकार को अधिकार दिया गया है कि वह ट्रस्ट के किसी सदस्य को उसका कार्यकाल पूरा होने से पहले ही हटा सकती है. इससे पहले 2006 में यूपीए सरकार ने ट्रस्ट के सदस्यों को 5 साल का तय कार्यकाल देने का प्रावधान किया था. फिलहाल पीएम नरेंद्र मोदी इस ट्रस्ट के मुखिया हैं. उनके अलावा इस ट्रस्ट में कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, संस्कृति मंत्री और लोकसभा में नेता विपक्ष शामिल हैं. इसके अलावा पंजाब के सीएम भी ट्रस्टी हैं.

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First published: August 1, 2019, 8:47 PM IST
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