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Kerala Local Body Election 2020: केरल में राजनीतिक दलों के लिए क्यों अहम है इस बार का निकाय चुनाव

केरल के इन स्थानीय निकाय चुनावों को आगामी विधानसभा चुनाव (Kerala Assembly Elections) की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है.
केरल के इन स्थानीय निकाय चुनावों को आगामी विधानसभा चुनाव (Kerala Assembly Elections) की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है.

Election Results Kerala 2020 Live: इन चुनावों में 6 कॉर्पोरेशन, 941 ग्राम पंचायत, 14 जिला पंचायत और 87 नगर पालिकाओं समेत 1200 स्थानीय स्वशासी निकाय में 21893 वार्डों में दक्षिणी राज्यों में 3 चरणों में मतदान हुए थे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: December 16, 2020, 11:43 PM IST
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तिरुवनंतपुरम. केरल में निकाय चुनाव (Kerala Local Body Election) में मतदान के बाद अब वोट गिने जाने का दौर चल रहा है. कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सिस्ट) के नेतृत्व वाली एलडीएफ (LDF), कांग्रेस (Congress) के नेतृत्व वाली यूडीएफ (UDF) और बीजेपी (BJP) की एनडीए (NDA) सत्ता पाने की जद्दोजहद में लगी हुई हैं. वैसे तो यह केवल निकाय चुनाव है, लेकिन राजनीतिक उठा पटक के चलते यह और खास बन गया है. कोविड-19 (Covid-19) नियमों को ध्यान में रखते हुए मतगणना सुबह 8 बजे शुरू हो गई थी.

आखिर क्यों जरूरी हैं ये चुनाव
खास बात यह है कि स्थानीय निकाय चुनावों को आमतौर पर आगामी विधानसभा चुनावों (Assembly Elections) की तैयारी के तौर पर देखा जाता है. इस चुनाव के नतीजे राजनीतिक दलों को मतदाताओं की पसंद के बारे में काफी हद तक जानकारी दे सकेंगे. वहीं, एलडीएफ दोबारा चुनाव कराने की तैयारी में है. इसके अलावा बीजेपी के नेतृत्व वाली एनडीए 2015 के मुकाबले अपना प्रदर्शन बेहतर करने की तैयारी की कोशिश में है.


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आमतौर पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और पहुंच की वजह से निकाय चुनावों में एलडीएफ को बढ़त मिलती रही है. हालांकि, इस बार सोने की तस्करी के मामले में मुख्यमंत्री पिनराई विजयन (Pinarayi Vijayan) का नाम आने पर इस साल यह मुश्किल लग रहा है. उनके एक मंत्री से केंद्रीय एजेंसी ने पूछताछ की है. ग्राउंड रिपोर्ट्स बताती हैं कि भ्रष्टाचार के मामले, नारकोटिक्स और विवादित केरल पुलिस कानून के चलते एलडीएफ का पिछला रिकॉर्ड काफी प्रभावित हुआ है.

चुनाव और सीटों का गणित
इन चुनावों में 6 कॉर्पोरेशन, 941 ग्राम पंचायत, 14 जिला पंचायत और 87 नगर पालिकाओं समेत 1200 स्थानीय स्वशासी निकाय के 21893 वार्डों में दक्षिणी राज्यों में 3 चरणों में मतदान हुए थे. चुनाव आयोग के आंकड़े बताते हैं कि पहले चरण का वोटर टर्नआउट 73.12 फीसदी, दूसरे चरण में 76.78 और तीसरे 78.64 प्रतिशत रहा. मतगणना 244 केंद्रों पर जारी है. उम्मीद जताई जा रही है कि चुनाव परिणाम दोपहर तक सामने आ सकते हैं.
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