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कोलकाता में खराब नलों को सुधार कर बचाया इतना पानी, जो बुझा दे केपटाउन जैसे शहर की प्‍यास

News18Hindi
Updated: September 15, 2019, 1:02 PM IST
कोलकाता में खराब नलों को सुधार कर बचाया इतना पानी, जो बुझा दे केपटाउन जैसे शहर की प्‍यास
कोलकाता के एक समूह ने व्‍यर्थ बहतेे पानी को बचाने की मुहिम शुरू की है.

पश्‍चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता (Kolkata) में युवाओं के समूह ने पानी बचाने की दिशा में एक पहल की है. उन्‍होंने सड़क के किनारे ऐसे जलस्रोतों के नल ठीक करने की मुहिम शुरू की है, जिनसे थोड़ा-थोड़ा करके बड़ी मात्रा में पानी बेकार बह जाता है. उनकी ये मुहिम शहर के बेकार हो रहे 30 फीसदी पानी (save water) को बचा रही है.

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  • Last Updated: September 15, 2019, 1:02 PM IST
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कोलकाता: देश में पीने के साफ पानी (drinking water) की समस्‍या आज भी देश के बड़े हिस्‍से में है. पश्‍चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता (Kolkata) भी इससे अछूता नहीं है, लेकिन यहां पर युवाओं के समूह ने इस दिशा में एक पहल की है. उन्‍होंने सड़क के किनारे ऐसे जलस्रोतों के नल ठीक  करने की मुहिम शुरू की है, जिनसे थोड़ा-थोड़ा करके बड़ी मात्रा में पानी बेकार बह जाता है. उनकी ये मुहिम शहर के बेकार हो रहे 30 फीसदी पानी (save water) को बचा रही है. इस मुहिम से इतना पानी बचाया जा रहा है, जितने में दक्षिण अफ्रीकी शहर कैपटाउन की पानी की जरूरत को पूरा किया जा सकता है.


इस मुहिम की शुरुआत दक्षिणी कोलकाता से हुई. विजय अग्रवाल एक दिन इसी इलाके में अपने बच्‍चे को छोड़ने स्‍कूल गए. इसी दौरान उन्‍होंने कई नल से पानी को बहते देखा, जो बेकार हो रहा था. उन्‍होंने इस बात को अपने दोस्‍त अजय मित्‍तल के सामने उठाया. ऐसे में उन्‍होंने निश्‍चय किया कि अब वे इस पानी को बचाएंगे. इसके लिए वह खराबी को ठीक करेंगे या खुले नल को बदल देंगे.

एसीटीएस नाम से बनाया ग्रुप
इसके लिए उन्‍होंने एक ग्रुप बनाया. इसे इन्‍होंने एक्‍टिव सिटीजंस टुगेदर फॉर सस्‍टेनेबिलिटी (एसीटीएस) नाम दिया है. अब तक ये समूह करीब 350 से ज्‍यादा खराब नल और खुले हुए नल ठीक कर चुके हैं. कोलकाता के जिन इलाकों में इन्‍होंने नल ठीक किए हैं, उनमें छेटला, बेहाला, कस्‍बा, नॉर्थ कोलकाता, भवानीपुर, हाजरा, मोमिनपुर और इकबालपुर शामिल हैं.

साढ़े तीन महीने में हजारों लीटर पानी बचाया
करीब साढ़े तीन महीने के छोटे से समय में इस ग्रुप ने हजारों लीटर पानी को बहने से बचाया है. इनके इस काम को कोलकाता नगर निगम के मेयर फरहद हकीम सराहा है. साथ ही उन्‍होंने इस बात का भरोसा दिलाया है कि उन्‍हें हरसंभव मदद दी जाएगी.

इस समूह से जुड़े अजय मित्‍तल के अनुसार, एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) के अनुसार पिछले साल कोलकाता नगर निगम द्वारा सप्‍लाई किए जाने वाला 30 प्रतिशत पानी सिर्फ लीकेज, खराब नल और दूसरी खामियों के कारण बह गया. ये हमारे लिए एक चिंता की बात है. इसीलिए हमने इस अभियान को शुरू किया. हमने अपनी रिसर्च में भी पाया है कि इसी कारण सिर्फ इतना पानी बह जाता है, जो कि अफ्रीकी शहर कैपटाउन की जरूरत पूरी कर सकता है.
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350 से ज्‍यादा जगह पर सुधारी खामियां
अजय बताते हैं कि हमने इसके लिए कुछ सक्रिय लोग और प्‍लंबर को भी जोड़ा है. अब तक 350 जगहों पर इस तरह की खामियों को सुधार चुके हैं. लोग हमारे इस अभयान की तारीफ कर रहे हैं. इसके साथ ही उन्‍हें पानी बचाने की भी जागरूकता आ रही है. हम लोगों से पानी व्‍यर्थ न बहाने की अपील कर रहे हैं. हमारा ये एक छोटा सा प्‍यास है, लेकिन इसका प्रभाव बड़ा है. हमने अपने मिशन को नाम दिया है 'फिक्‍स इट फॉर लाइफ.'

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First published: September 15, 2019, 12:32 PM IST
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