सर्दियों में दक्षिण कोरिया के अस्पतालों पर नहीं पड़ेगा मरीजों का भार, एक ही जांच से चलेगा मौसमी जुकाम और कोविड-19 का पता

सांकेतिक तस्वीर
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जांच की इस नई पद्धति में उन जीनों (Genes) पर फोकस किया गया है, जो कोविड-19 और मौसमी जुकाम (Influenza) दोनों में होते हैं. यह पीसीआर जांच (PCR Test) का विकसित रूप है जिसमें नाक और गले से नमूने लेकर कोविड-19 (Covid-19) की जांच की जाती है.

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सियोल. सर्दी ने दस्तक दे दी है. ऐसे में सर्दी-जुकाम होना आम है. हालांकि, कोरोना महामारी जारी है और खास बात है कि कोविड 19 के लक्षण भी आम इनफ्लुएंजा से मिलते-जुलते हैं. इस हालात में दक्षिण कोरिया (South Korea) में स्वास्थ्य अधिकारियों ने एक नई जांच पद्धति को मंजूरी दी है, जिसमें एक ही नमूने में कोविड-19 और मौसमी जुकाम का पता लगाया जा सकता है.

सर्दी जुकाम का मौसम आने वाला है और ऐसे में इससे अस्पतालों में भीड़भाड़ कम होने में सहायता मिलेगी. देश में संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए कई कदम उठाए गए हैं, लेकिन जानकारों का मानना है कि ठंड के मौसम में कोरोना वायरस ज्यादा फैल सकता है. जिस मौसम में लोग ज्यादातर समय घर के भीतर रहते हैं.

कोरियाई रोग नियंत्रण एवं रोकथाम एजेंसी ने बुधवार को कहा कि संक्रमण के 118 नए मामले सामने आए हैं, जिनमें से अधिकतर सियोल की घनी आबादी वाले क्षेत्र के हैं. देश में अब तक संक्रमण के 26,925 मामले सामने आ चुके हैं और कोविड-19 से 474 मरीजों की मौत हो चुकी है.



इस नई जांच में क्या है खास
जांच की इस नई पद्धति में उन जीनों पर फोकस किया गया है, जो कोविड-19 और मौसमी जुकाम दोनों में होते हैं. यह पीसीआर जांच का विकसित रूप है जिसमें नाक और गले से नमूने लेकर कोविड-19 की जांच की जाती है. स्वास्थ्य मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी यून तैहो ने कहा कि मौसमी जुकाम और कोविड-19 दोनों रोगों के लक्षण समान होते हैं इसलिए तीन से छह घंटे में इन दोनों का पता लग जाने से रोगियों को सुविधा होगी और स्वास्थ्य कर्मियों पर भी अतिरिक्त बोझ नहीं पड़ेगा.
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