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कोविड-19: बूस्टर डोज को लेकर बड़ा खुलासा, जानें Heart-Attack से संबंध पर क्या है एक्सपर्ट की राय?

विशषज्ञों ने बताया कि बूस्टर डोज से हार्ट अटैक की कोई खतरा नहीं है.  (सांकेतिक फोटो)

विशषज्ञों ने बताया कि बूस्टर डोज से हार्ट अटैक की कोई खतरा नहीं है. (सांकेतिक फोटो)

कोविड टीकाकरण की बूस्टर डोज के प्रभावों को लेकर अफवाहों पर स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा है कि हृदयाघात और COVID शॉट्स की ...अधिक पढ़ें

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हाइलाइट्स

डॉक्टर ने बूस्टर डोज से हार्ट अटैक की खतरा को नाकारा है.
विशेषज्ञों ने बताया है कि बूस्टर डोज से हार्ट अटैक का कोई प्रमाण नहीं है.
विशेषज्ञों ने कोविड से रिकवर हो रहे लोगों को बहुत ज्यादा एक्सरसाइज से बचने को कहा है.

नई दिल्ली:  कोविड टीकाकरण की बूस्टर डोज के प्रभावों को लेकर अफवाहों पर स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने कहा है कि हृदयाघात और COVID शॉट्स की एहतियाती खुराक के बीच कोई निश्चित संबंध नहीं है. विशेषज्ञों ने सोशल मीडिया पर कोविड बूस्टर डोज का मानव ह्रदय पर प्रभाव को लेकर शंका को दूर किया है. उन्होंने कहा है कि बूस्टर डोज़ का मानव ह्रदय पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है. 

अमृता अस्पताल, फरीदाबाद के कार्डियोलॉजी विभाग के HOD और प्रोफेसर डॉ विवेक चतुर्वेदी ने बताया कि टीकाकरण के बाद रोगियों में हृदय संबंधी समस्याओं के कुछ मामले सामने आए हैं, हालांकि इसे साबित करने के लिए कोई निश्चित सबूत नहीं है. उन्होंने बताया, “ये बहुत दुःखदायी सवाल है क्यूंकि हम पहले भी हृदयाघात के मामले देख चुके हैं. कभी-कभी बूस्टर डोज लेने के बाद भी हार्ट अटैक के मामले आये हैं, पर ये निर्धारित करना कि इनका कारण टीकाकरण हीं हैं, इसके प्रमाण अभी उपलब्ध नहीं है.” हालांकि उन्होंने ये भी कहा कि कोविड का ह्रदय पर प्रभाव पड़ सकता है और COVID से संक्रमित होने वाले व्यक्ति को हृदय संबंधी बीमारी हो सकती है.

महामारी की शुरुआत के बाद से दिल की बीमारी से होने वाले मौतों में वृद्धि के बारे में पूछे जाने पर, उन्होंने कहा, “हां, यह एक बड़ा मुद्दा रहा है क्योंकि जब कोविड अपने चरम पर था तो बहुत सारी मौतें हो रही थीं और लोग बाहर जाने से डरते थे. लेकिन कुछ देशों के सावधानीपूर्वक विश्लेषण किए गए डेटा से पता चला है कि कोविड ने निश्चित रूप से दिल के दौरे के जोखिम को बढ़ा दिया है.”

वहीं गुरुग्राम स्थित फोर्टिस के कार्डियोलॉजी विभाग के डॉक्टर विनायका अग्रवाल ने कहा है कि कोविड से ठीक होने की प्रक्रिया हर व्यक्ति में अलग-अलग हो सकती है. उन्होंने ये भी बताया कि जिन कोविड संक्रमित को फेफड़ों की गंभीर बीमारी है उन्हें ICU में भर्ती हो कर पर्वेक्षक की निगरानी में रिकवरी के लिए सलाह दी जाती है. 

विशेषज्ञों ने रिकवरी के दौर से गुजर रहे लोगों को शुरुआत में लगभग छह सप्ताह तक मध्यम से ज़ोरदार व्यायाम या जिम न करने की सलाह दी है. उन्होंने कहा, “धीमी गति से चलें, और COVID से ठीक होने के बाद 4 से 6 सप्ताह के लिए शुरू में मध्यम से अत्यधिक व्यायाम या जिम फिर से शुरू करने से बचें. उच्च स्तर के खेल या शारीरिक रूप से मांग वाले व्यवसायों में लौटने वाले रोगियों को 3 से 6 महीने या उससे अधिक की अवधि की आराम की आवश्यकता होती है. यदि आप कुछ हफ्तों के बाद भी लक्षणों का अनुभव करना जारी रखते हैं, तो लंबे समय तक के कोविड सिंड्रोम से बचने के लिए अपने डॉक्टर से परामर्श करें.”

Tags: Covid-19 Booster Shot, Heart attack, Heart Disease, India

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