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हाथी, घोड़ा पालकी...जय कन्हैया लाल की के जयकारों के बीच प्रकटे कान्हा

(AP Photo/Channi Anand)

(AP Photo/Channi Anand)

बारिश होने के बावजूद बड़ी संख्या में लोग मंदिरों में दर्शनों के लिए पहुंचे. इस अवसर पर कई श्रद्धालुओं ने उपवास रखा था.

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    भगवान श्री-कृष्ण के जन्मदिवस के रूप में मनाया जाने वाला पर्व जन्माष्टमी सोमवार को मथुरा, वृंदावन और राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली समेत पूरे देश में पारंपरिक श्रद्धा एवं हर्षोल्लास के साथ मनाया गया. रात को जैसे ही घड़ी ने 12 बजाए वैसे ही मंदिरों में घंटे-घडि़याल गूंज उठे. 'नंद के आनंद भयो जय कन्‍हैया लाल की' के जयकारों के साथ कान्‍हा प्रकट हुए. देश के मंदिरों में भक्‍तों ने कान्‍हा के दर्शन किए और जयकारे लगाए. भगवान कृष्ण के इस पावन पर्व पर सोमवार को राजधानी में इंद्रदेव भी जमकर बरसे और मौसम खुशनुमा हो गया. इस पर्व पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की. वहीं मंदिरों में विशेष सजावट देखने को मिली.

    दिल्ली में भगवान कृष्ण के प्रसिद्ध मंदिरों लक्ष्मी नारायण मंदिर, इस्कान मंदिर, कृष्ण प्रणामी मंदिर, हरे कृष्ण मंदिरों में विशेष रूप से सजावट देखने को मिली. बारिश होने के बावजूद बड़ी संख्या में लोग मंदिरों में दर्शनों के लिए पहुंचे. इस अवसर पर कई श्रद्धालुओं ने उपवास रखा था.

    भगवान कृष्ण की जन्म स्थली मथुरा में जन्माष्टमी बड़े उत्साह के साथ मनाई गई. इस अवसर पर दर्शन के लिए देश के कोने-कोने से श्रद्धालु मथुरा-वृंदावन पहुंचे थे. देश के विभिन्न हिस्सों से आये श्रद्धालुओं का यहां तांता लगा हुआ था. लोग मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मस्थान, द्वारिकाधीश मंदिर, वृन्दावन के बांकेबिहारी, राधावल्लभ लाल, शाहबिहारी, राधारमण, अंग्रेजों के मंदिर के नाम से प्रसिद्ध इस्कॉन मंदिर, 21वीं सदी में बनाए गए स्नेह बिहारी व प्रेम मंदिर, बरसाना के लाड़िली जी, नन्दगांव के नन्दबाबा मंदिर, गोकुल के नन्दभवन आदि तक पैदल पहुंचे.

    राजस्थान में भी कृष्ण जन्माष्टमी पारंपरिक श्रद्धा एवं हर्षोल्लास के साथ मनाई गई. उदयपुर के नाथद्वारा और राजधानी के प्रमुख आराध्य देव गोविंद देव जी के मंदिर को इस अवसर के लिए विशेष रूप से सजाया गया. गुलाबी नगर के गोविंददेवजी मंदिर में सुबह मंगला की झांकी में ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए.

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    वहीं जन्माष्टमी के अवसर पर शहर के अन्य मंदिरों-लक्ष्मी-नारायणजी बाईजी मंदिर, जगतपुरा के अक्षयपात्र श्रीकृष्ण-बलराम मंदिर, धौलाई के इस्कॉन मंदिर, बनीपार्क के राधा-दामोदरजी मंदिर को विशेष रूप से सजाया गया.

    मुंबई से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार भगवान कृष्ण जन्माष्टमी पर महाराष्ट्र में उल्लास का माहौल रहा और जगह-जगह पर सोमवार को पारंपरिक ‘दही हांडी’ का आयोजन किया गया, जिसमें मुंबई और राज्यों के अन्य भागों के युवाओं ने भाग लिया. महाराष्ट्र में जन्माष्टमी त्योहार के दौरान दही हांडी का आयोजन किया जाता है. इस परंपरा में रंग बिरंगे कपड़े पहने युवक यानी गोविंदा दही की हांडी तक पहुंचने के लिए मानवीय पिरामिड बनाते हैं और हवा में लटकती हांडी को तोड़ते हैं.

    लखनऊ, भोपाल, पटना, रांची,चंडीगढ़ समेत देश के अन्य भागों से भी जन्माष्टमी का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाये जाने की सूचना है.

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    Tags: Janmashtami 2018

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