कुलभूषण के अलावा पाक की जेलों में बंद हैं 273 भारतीय, मोदी सरकार में इतने कैदियों की हुई 'घर वापसी'

केंद्र सरकार की जानकारी के अनुसार पाक की जेलों में 273 भारतीय नागरिक कैद हैं, जिनमें 64 सिविलियन (असैनिक) और 209 मछुआरे हैं.

Shailendra Wangu | News18Hindi
Updated: July 18, 2019, 11:23 AM IST
कुलभूषण के अलावा पाक की जेलों में बंद हैं 273 भारतीय, मोदी सरकार में इतने कैदियों की हुई 'घर वापसी'
केंद्र सरकार की जानकारी के अनुसार पाक की जेलों में 273 भारतीय नागरिक कैद हैं, जिनमें 64 सिविलियन (असैनिक) और 209 मछुआरे हैं.
Shailendra Wangu
Shailendra Wangu | News18Hindi
Updated: July 18, 2019, 11:23 AM IST
कुलभूषण जाधव मामले में भारत को अंतरराष्ट्रीय कोर्ट ऑफ जस्टिस ( International Court of Justice) में बड़ी जीत मिली है. अंतरराष्ट्रीय कोर्ट ने पाकिस्‍तान से जाधव को कांसुलर एक्सेस देने, सजा पर पुनर्विचार करने और मौत की सजा टालने को कहा है. हालांकि कुलभूषण जाधव पाकिस्तान में किस हाल में है, इसकी जानकारी भारत के पास नहीं है. सूत्रों ने न्यूज़ 18 से कहा कि जाधव के स्वास्थ्य और उन्हें पाकिस्तान में कहां रखा गया है, इस बात की जानकारी तभी पता चलेगी जब पाकिस्तान भारत को कांसुलर एक्सेस देगा. लेकिन यह कहानी अकेले कुलभूषण जाधव की नहीं है.पाकिस्तान की जेलों में कैद 273 भारतीयों की हालत भी दयनीय है.

केंद्र सरकार की जानकारी के अनुसार पाक की जेलों में 273 भारतीय नागरिक कैद हैं, जिनमें 64 सिविलियन (असैनिक) और 209 मछुआरे हैं. पाकिस्तान ने 1 जुलाई 2019 को इस बात की पुष्टि की थी कि उसकी जेलों में भारत के 52 सिविलियन और 209 मछुआरे कैद हैं.

सरबजीत और हामिद मामलों ने उजागर किया पाक का सच
सरबजीत सिंह पर भी पाकिस्तान ने गंभीर आरोप लगाए थे और आतंकवाद के झूठे मामलों में जेल भेज दिया था. वह अनजाने में 1990 में पंजाब से पाक पहुंच गए थे, लेकिन उन पर बम धमाकों के आरोप लागकर स्थानीय कोर्ट ने मौत की सजा सुनाई थी. सरबजीत के खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं थे. हालांकि दया याचिकाओं के चलते उसकी मौत की सजा बार-बार टाली जाती रही, लेकिन पाकिस्‍तान ने सरबजीत को रिहा नहीं किया. आखिरकार पाकिस्तान की कोट लखपत जेल में 26 अप्रैल 2013 को सरबजीत सिंह की हत्या कर दी गई थी.

मुंबई के सॉफ्टवेयर इंजीनियर हामिद अंसारी एक महिला से दोस्ती के चलते पाक पहुंच गए थे, लेकिन उन्हें गिरफ्तार कर 6 साल तक पाक की जेल में रखा गया. उन पर भी जासूसी का आरोप लगाया गया, लेकिन अंसारी खुशकिस्मत थे और बहुत कोशिशों के बाद उनकी रिहाई पिछले साल के अंत में हुई.

कैदियों की रिहाई में हो रही देरी
पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने अक्टूबर, 2017 में पाक उच्चायुक्त से मिलकर यह प्रस्ताव दिया था कि मानवीय आधार पर दोनों देशों को कुछ कदम उठाने चाहिए. स्वराज ने मानसिक तौर पर बीमार कैदियों, महिलाओं और वृद्ध कैदियों की रिहाई के लिए एक दूसरे देश में अपनी अपनी टीम भेजने का भी प्रस्ताव दिया था जिस पर अभी तक अमल नहीं किया गया है. एक संयुक्त न्यायिक समिति के गठन का भी प्रस्ताव था जो भारत-पाक जेलों में बंद मछुआरों और अन्य कैदियों की स्थिति का पता लगाएगी. इस तरह की समिति पहले भी गठित थी लेकिन अक्टूबर, 2013 के बाद से उसने एक दूसरे देशों की यात्रा नहीं की है.
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मोदी सरकार में 2110 कैदियों की हुई रिहाई
2014 में केंद्र में मोदी सरकार आने के बाद पाक जेलों में कैद 2110 कैदियों की रिहाई हुई है. पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने कैदियों के मामले को पाक के सामने कई बार उठाया. इस साल 11 जुलाई तक 355 भारतीय मछुआरों और 7 सिविलियन कैदियों को पाक ने रिहा कर दिया.

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First published: July 18, 2019, 10:58 AM IST
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